तीन महीने के बाद भारतीय हॉकी टीम ने शुरू की आउटडोर ट्रेनिंग

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया में रह रही भारतीय हॉकी टीम ने सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए ट्रेनिंग शुरू कर दी है।

तीन महीनों से स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (Sports Authority of India SAI) में फंसी भारतीय हॉकी टीम ने आखिरकार ग्राउंड में उतरकर अभ्यास शुरू कर ही दिया। हालांकि टीम द्वारा सोशल डिसटेंसिंग का पूरी तरह पालन किया जा रहा है और बाकी सभी सुरक्षा के नियमों को भी फॉलो कर रहे हैं सभी खिलाड़ी।

पिछले दो दिनों के ट्रेनिंग सेशन इस टीम के लिए नए थे क्योंकि अब समय और हालात बदल चुके हैं तो हर चीज़ को मद्दे नज़र रखते हुए ही किसी भी गतिविधि को प्रयोग में लाया जाएगा। फिलहाल दो-दो के दल बनाकर भारतीय हॉकी टीम अभ्यास कर रही है और यह भी देख रही है कि एक समय पर ज़रूरत से ज़्यादा खिलाड़ी मैदान में न हों।

ऐसे में एक दल हॉकी फील्ड पर ट्रेनिंग करता है तो दूसरा फिटनेस पर ध्यान देता है। सोशल डिसटेंसिंग की वजह से ट्रेनिंग में भी बदलाव हैं और खिलाड़ी अभी पास और रिसीव की प्रैक्टिस कर रहे हैं। एक दल के जाने के बाद पिच को दोबारा से स्प्रे द्वारा सेनिटाईज़ किया जाता है।

हॉकी इंडिया द्वारा प्रेस रिलीज़ में लिखा था “अब जब खिलाड़ी दो महीनों के बाद पिच पर उतर रहे हैं तो वह नियमित घंटो के लिए अभ्यास करेंगे और शुरूआती दौर में चोट से बचने के लिए बुनियादी खेल गतिविधियों का पालन करेंगे।”

रिलीज़ में आगे कहा गया है “दोनों ही टीमों के खिलाड़ी नई स्थिति को लेकर उत्सुक हैं और कोचिंग स्टाफ भी उनके लिए शेड्यूल में ज़्यादा फोकस कर रहा है ताकि खिलाड़ियों को नए सिस्टम में ढलने में आसानी हो।

स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर के तहत ट्रेनिंग जारी

जहां कोच हर चीज़ की देखभाल कर रहे हैं वहींस्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर (Standard Operation Procedure SOP) का भी पालन किया जा रहा है, जिसमे सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए कोच खिलाड़ियों को दूर से ही हिदायत दे सकता है।

हालांकि इंडियन हॉकी भविष्य में हालातों के पहले जैसा होने की उम्मीद कर रही है ताकि वे बिना किसी रुकावट के ट्रेनिंग कर सके। टीमों ने यह भी ज़ाहिर कर दिया है कि जब तक SAI की तरफ से हमे ऐसी अनुमति नहीं मिलती तब तक हम आगे कुछ नहीं करेंगे।

लॉकडाउन होने के बाद भारतीय हॉकी टीम SOP का ही पालन कर रही है और वह आगे भी इसी तरह चीज़ों को ध्यान में रख कर ही कार्य करेगी।

वहीं दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और बेल्जियम को अनुमति मिल चुकी है और वह बाहर जाकर अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत भी कर चुके हैं।।

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