फ़ील्ड पर राज करने वाले धनराज पिल्लै को मनप्रीत सिंह की स्थिरता ने किया प्रभावित

भारतीय हॉकी के दिग्गज धनराज पिल्लै का मानना है कि पीआर श्रीजेश और मनप्रीत सिंह जैसे खिलाड़ियों ने भारतीय हॉकी की बागडोर अच्छे से संभाली है और वह टीम को आगे तक लेकर गए हैं। 

भरतीय हॉकी के पूर्व कप्तान और लाजवाब खिलड़ी धनराज पिल्लै (Dhanraj Pillay) ने मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) के शांत स्वभाव और मानसिक संतुलन को सराहा। उनका मानना है कि भारतीय हॉकी का भविष्य एकदम सही हाथों में है और सही दिशा की ओर बढ़ रहा है।

2012 और 2016 ओलंपिक का अनुभव लेकर चल रहे मनप्रीत सिंह ने अपनी टीम को टोक्यो 2020 में भी क्वालिफाई कराया है। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने FIH प्लेयर ऑफ़ द ईयर (पुरुष) का अवार्ड भी जीता और ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय हॉकी खिलाड़ी बन गए हैं।

मनप्रीत सिंह के कौशल का तो हर कोई दीवाना है लेकिन धनराज पिल्लै को उनके टीम को चलाने के तरीके ने ज़्यादा प्रभावित किया है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए भारतीय हॉकी के दिग्गज धनराज पिल्लै ने कहा मनप्रीत सिंह एक कप्तान की भूमिका बहुत अच्छे से निभा रहे हैं। वह खिलाड़ियों पर चिल्लाते नहीं हैं और चीज़ों को नियमित कर वहां से हट जाते हैं और पीआर श्रीजेश और एसवी सुनील जैसे खिलाइयों को आगे संभालने का मौका देते हैं।

अपने चमचमाते करियर में 339 मुकाबलों का अनुभव लिए धनराज पिल्लै ने 170 अंतर्राष्ट्रीय गोल दागे हैं। इतना ही नहीं अपने 15 साल के करियर में उन्होंने भारत को 1998 एशियन गेम्स (1998 Asian Games) में खिताब भी जितवाया है। अपने आक्रामक खेल के लिए जाने जाने वाले धनराज में जुनून की कोई कमी नहीं थी। हालांकि उन्होंने यह देख लिया है कि मनप्रीत सिंह का तरीका अलग हैं।

आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए धनराज ने कहा “मैं क्रिकेटर विरट कोहली (Virat Kohli) जैसा आक्रामक कप्तान था लेकिन वहीं दूसरी तरफ मनप्रीत शांत स्वभाव के हैं और आप उन्हें फील्ड पर चारों क्वार्टर में मेहनत करते देख सकते हैं।”

वह अपने आत्मविश्वास से टीम को लीड करते हैं और सभी खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए आगे बढ़ते हैं।पीआर श्रीजेश एक अहम कड़ीमनप्रीत सिंह के अलावा धनराज पिल्लै ने भारतीय मेंस हॉकी के गोलकीपर पीआर श्रीजेश के कौशल की भी बात की। ग़ौरतलब है कि श्रीजेश इस टीम में खिलाड़ी होने के साथ-साथ अभिभावक का किरदार भी निभाते हैं।

2006 साउथ एशियन गेम्स के ज़रिए अपने डेब्यू करने वाले श्रीजेश ने एड्रियन डिसूज़ा (Adrian D’Souza), देवेश चौहान (Devesh Chauhan) और जूड मेनेज़े (Jude Menezes) से आगे बढ़कर टीम की बागडोर संभाली।'

दिग्गज धनराज पिल्लै ने आगे कहा “आज के दौर में कोई भी कीपर श्रीजेश की बराबरी नहीं कर सकता। वह बेस्ट हैं और हमारे पास ऐसा कोई नहीं है जो उनके कौशल का मुकाबला कर सके। अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए वह भारत के भविष्य के गोलकीपरों को तैयार कर रहे हैं।”

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!