कोरोना पीड़ितों से भेदभाव की बजाए उनकी मदद करें: मनप्रीत सिंह

भारतीय राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह का मानना है कि कोरोना वायरस महामारी पर सकारात्मक सोच और डॉक्टरों की मदद से जीत हासिल की जा सकती है।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

21 सितंबर तक भारत में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 87,000 हो चुकी है लेकिन भारतीय राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) का मानना है कि देश में इस महामारी के अलावा भी बहुत सी दिक्कतें हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत के दौरान मनप्रीत सिंह ने कहा, “इस वायरस की बड़ी दिक्कत यह है कि इसके साथ सामाजित परेशानी जुड़ी हैवर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organisation – WHO) के अनुसार, “लोग मरीजों के साथ भेद भाव कर रहे हैं, उन्हें अलग रखा जा रहा है और साथ ही उनके साथ अलग व्यवहार किय जा रहा है।”

जो लोग नेगेटिव हैं लेकिन पॉज़िटिव के संपर्क में आए हैं, लोग उनसे भी अलग व्यवहार से मिल रहे हैं, यहाँ तक कि वह उनकी देखभाल करने वाले लोगों के साथ भी ऐसा ही कर रहे हैं।

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान के साथ 5 और खिलाड़ियों को कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया था। बेंगलुरु के COVID-19 सेंटर में लगभग एक सप्ताह बिताने के बाद खिलाड़ियों का दोबारा टेस्ट हुआ और उन्हें नेगेटिव पाया गया और इस पूरी प्रक्रिया के बाद वह एक बार फिर से ट्रेनिंग के लिए मैदान पर वापसी कर सके हैं।

हालांकि सभी खिलाड़ियों की संक्रमण से छुटकारा पाने की गति धीमी थी और ऐसे में मनप्रीत सिंह ने इस बीमारी से लड़ने के लिए सभी को मानसिक तौर पर मजबूत होने की सलाह दी है।

उन्होंने आगे कहा, “जो भी इस वायरस की चपेट में हैं, मैं उन्हें कहना चाहूंगा कि मैं एक उत्तरजीवी हूं और मैंने इसे मात दी है। अगर आप सकारात्मक रहेंगे, डॉक्टर की सलाह को मानेंगे, अपनी दवाइयां समय से लेंगे, सेल्फ-आइसोलेशन का पालन करेंगे और साथ ही मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे तो जैसे मैंने वायरस को मात दी है, आप भी दे सकते हैं।”

स्ट्राइकर मंदीप सिंह (बीच) कोरोना वायरस से पीढ़ित होने वाले उन 6 भारतीय हॉकी खिलाड़ियों में से एक थे। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया

इतना ही नहीं, भारतीय हॉकी के कप्तान ने माना कि हॉस्पिटल और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (Sports Authority of India – SAI) में सेल्फ-आइसोलेशन के दौरान का समय मुश्किल था।

28 वर्षीय मनप्रीत सिंह ने बातचीत को बढ़ाते हुए कहा, “यह काफी चौंकाने वाला और मानसिक रूप से तनावपूर्ण था। पहला एहसास तो यह था कि यह मुमकिन भी कैसे है। मुझे यह कैसे हो गया? मेरे घरवाले, दोस्त (पंजाब में) हर कोई नेगेटिव निकला है। दिमाग में बहुत से प्रश्न दौड़ रहे थे।”

“लेकिन मैंने किसी भी नकारात्मक सोच को अपने ज़हन में टिकने नहीं दिया। मैंने बाकी लोगो की तरह ही इलाज में भरोसा जताया।”हॉकी फ़ील्ड पर वापसी

मनप्रीत सिंह ने यह भी ज़ाहिर किया कि उन्हें हॉकी में वापसी करने की चिंता नहीं सता रही थी।द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा, “बहुत से खिलाड़ी पॉजिटिव पाए गए थे और उन्होंने रिकवरी भी की थी। बहुत फुटबॉल खिलाड़ी भी पॉजिटिव पाए गए लेकिन उन्होंने फील्ड पर वापसी भी की। यहां तक कि नोवाक जोकोविच (Novak Djokovic) भी... मैंने बस खुद को कहा कि में ठीक हूं।”

ग़ौरतलब है कि नेशनल कैंप के दौरान मनप्रीत सिंह और साथी खिलाड़ियों को कोरोना वायरस से पीड़ित पाया था लेकिन अब वह ठीक होकहॉकी फील्ड पर वापसी कर चुके हैं। उनकी ट्रेनिंग को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं और वे लोग अभी आने वाले समय में धीरे धीरे आगे बढ़ रहे हैं।“हमने 20 प्रतिशत से शुरुआत की थी और अब हम 60 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं (अपनी क्षमता के अनुसार)। उम्मीद है कि अगले दो हफ़्तों में हम 100 प्रतिशत तैयार हो जाएंगे।”

फिलहाल भारतीय हॉकी टीम अभी प्रतियोगिताओं से दूर है और ऐसे में इस संस्था को अपने खिलाड़ियों को तैयार करने का अतिरिक्त समय मिल गया है।