अपने हॉकी करियर को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं राजकुमार पाल

भारतीय मिडफील्डर ने FIH प्रो लीग में शानदार प्रदर्शन किया और टोक्यो के लिए टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है

हाल ही में भारतीय हॉकी टीम में शामिल हुए राजकुमार पाल (Raj Kumar Pal) ने जल्दी ही टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस खिलाड़ी ने फरवरी में हुई FIH प्रो लीग में बेल्जियम के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत की थी और अब वह अपने करियर को बुलंदी पर ले जाने के लिए तैयार है।

राजकुमार ने कहा कि “मेरा मकसद टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देना है, मैं पूरे फोकस से ट्रेनिंग कर रहा हूं ताकि टोक्यो ओलंपिक के लिए टीम में जगह बना सकूं”।

21 साल का ये खिलाड़ी ने सीनियर टीम की तरफ से अब तक 2 गोल कर चुका है।  इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वह गोल भी शामिल है, जिससे टीम इंडिया ने मैच में वापसी की थी।

इस खिलाड़ी ने वर्ल्ड चैंपियन टीम के खिलाफ अपने करियर की शुरुआत की। अब इस खिलाड़ी को पता है कि कोच ग्राहम रीड को कैसे प्रभावित करना है।

राजकुमार ने बताया कि “मेरा पूरा ध्यान उस रोल में ढलने पर है, जो मुझे कोच ने दिया है। वर्ल्ड चैंपियंस के खिलाफ अपना पहला मैच खेलना यादगार पल था और मैं वादा करता हूं कि सभी की उम्मीदों को पूरा करूंगा”।

 भारतीय हॉकी टीम की बारीकियों को समझने के लिए ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कुछ अतिरिक्त समय लिया। राजकुमार ने बताया कि राज कुमार पाल ने कहा, "कोच रीड बहुत धीरज रखते हैं और मुझे बताते हैं कि मुझे वास्तव में इस स्तर पर कैसे हॉकी खेलनी है और कैसे अपने प्रदर्शन में सुधार ला सकता हूं”।

इसके अलावा इस खिलाड़ी ने कहा कि “मैं इस लेवल पर अपनी फिटनेस में सुधार कर रहा हूं, इस लेवल पर आपको कई छोटी छोटी बातों का ध्यान रखना होता है और मैं उसी पर काम कर रहा हूं।”

FIH प्रो लीग में बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ राज कुमार पाल ने किया था प्रभावित। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया
FIH प्रो लीग में बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ राज कुमार पाल ने किया था प्रभावित। तस्वीर साभार: हॉकी इंडियाFIH प्रो लीग में बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ राज कुमार पाल ने किया था प्रभावित। तस्वीर साभार: हॉकी इंडिया

सीनियर टीम की तरफ एक बड़ा कदम

भारतीय टीम में सभी की तरह राजकुमार ने भी ने कम उम्र में ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया। इस खिलाड़ी ने उत्तर प्रदेश में हुई अंडर-14 प्रतियोगिता में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा लिया था।

भारतीय टीम के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डेविड जॉन (David John) ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) में सबसे पहले इस खिलाड़ी की काबिलियत को पहचाना और उन्हें सीनियर टीम के साथ राष्ट्रीय कैंप के लिए बुलाया। वहां इस खिलाड़ी को काफी कुछ सीखने को मिला।

इस खिलाड़ी ने बताया कि “उस दौरान मुझे ट्रेनिंग तकनीक और गेम सेंस के बारे में काफी कुछ सीखने को मिला। उस समय मैं काफी दबाव था क्योंकि जो हॉकी मैं खेल रहा था, वह सीनीयर टीम से बहुत अलग थी”

उस समय ललित उपाध्याय (Lalit Upadhyay) जो भारतीय हॉकी टीम के फॉरवर्ड थे, उन्होंने 19 साल के लिए इस खिलाड़ी को मुश्किल वक्त से निकालने में मदद की। राजकुमार ने बताया कि मुझे लगातार ललित भाई से सपोर्ट मिला, उन्होंने मुझे सिखाया कि हमें केवल बेसिक हॉकी पर ही ध्यान देना चाहिए और किसी भी तरह से दबाव में नहीं आना चाहिए”।

मुख्य कोच ग्राहम रीड के टीम इंडिया से जुड़ने के बाद से फॉरवर्ड लाइन काफी महत्वपूर्ण हो गई है। इसी कड़ी में राजकुमार भी भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य बन गए हैं।

21 साल के इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2 गोल कर टीम इंडिया में अपनी जगह बना ली है और अब उम्मीद की जा रही है कि वह ओलंपिक 2020 में टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

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