नई प्रतिभा को निखारने के लिए हॉकी अकादमी बनाने की राह पर सरदार सिंह

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान अपने ट्रेनिंग सेंटर के लिए स्थान देने के लिए हरियाणा सरकार से बातचीत कर रहे हैं।

अगर सब कुछ सही रहा तो भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान सरदार सिंह (Sardar Singh) आने वाले कुछ महीनों में खुद की ऐकेडमी शुरू कर सकते हैं सरदार सिंह ने साल 2018 एशियन गेम्स के बाद संन्यास की घोषणा कर दी थी और अब वह अपनी ऐकेडमी बनाने की सोच रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरवियू में सरदार सिंह ने कहा कि “भविष्य की योजनाओं में ऐकेडमी को खोलना भी शामिल है।” इसके अलावा उन्होंने कहा कि जिस तरह से मैंने ट्रेनिंग की है और खेल को जाना है और सीखा है, उसे मैं ऐकेडमी के माध्यम से युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करूंगा”

हरियाणा पुलिस में डीएसपी पद पर काबिज सरदार ने कहा कि “उम्मीद है वे खिलाड़ी एक दिन देश का प्रतिनिधित्व करेंगे और मुझे और मेरी ऐकेडमी को गौरवान्वित महसूस करवाएंगे।

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व सेंट्रल हाफ ने बताया कि इसके लिए पंचकुला के पास एक भूमि के लिए उनकी हरियाणा सरकार से बातचीत चल रही है।

गोल्फ की तरफ़ सरदार सिंह का झुकाव

पूरे देश में लॉकडाउन के कारण ये खिलाड़ी हरियाणा के सिरसा में अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं। इसके साथ ही सरदार सिंह भविष्य में खुद को व्यस्त रखने के लिए नए रास्ते तलाश रहे हैं। और यह गोल्फ भी हो सकता है क्योंकि उनका झुकाव इसके प्रति लगातार बढ़ता जा रहा है।

भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ने कहा कि “किसी दिन गोल्फ शुरू करना मेरे दिमाग में था। मैंने अपनी पुलिस ट्रेनिंग के दौरान करनाल में दो गोल्फ सीजन में हिस्सा लिया था। उसके बाद, मैं कनाडा चला गया और मेरे लौटने के तुरंत बाद लॉकडाउन लागू कर दिया गया।”

इसके अलावा उन्होंने बताया कि “जब भी स्थिति में सुधार होगा तो मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि गोल्फ को ज्यादा समय देने के साथ लंबे समय तक जारी रख पाऊं।”

साल 2017 में राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित होने वाले सरदार सिंह पिछले साल से भारतीय हॉकी सेलेक्शन कमेटी के सदस्य भी हैं।

ओलंपिक में टीम के बारे में बोलते हुए भारत के पूर्व कप्तान को उम्मीद है कि टोक्यो ओलंपिक के टलने और इस ब्रेक (कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन) का फायदा भारतीय खिलाड़ियों ने अच्छे से उठाया होगा।

सरदार सिंह ने कहा कि “हमारे पास सभी पहलुओं पर काम करने के लिए अब बहुत समय उपलब्ध है और दुनिया की शीर्ष टीमों के व्यक्तिगत खिलाड़ियों की ताकत और कमजोरियों का भी अध्ययन भी अब आसानी से किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि “उन बातों का जिक्र टीम मीटिंग में होना आवश्यक है। जब हम व्यक्तिगत रूप से मजबूत होंगे, तभी ही टीम के रूप में प्रदर्शन बेहतर होगा”

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