पुराने मैचों के वीडियो के ज़रिए भारतीय हॉकी टीम के स्टार सिमरनजीत सिंह अपने खेल में ला रहे हैं निखार

युवा फॉरवर्ड इस समय सीनियर टीम में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं और जिन पहलुओं पर उन्हें सुधार की आवश्यकता है उस पर काफी ध्यान दे रहे हैं।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम में बाकी सभी युवा खिलाड़ियों की तरह सिमरनजीत सिंह (Simranjeet Singh) को भी 2016 के एफआईएच जूनियर हॉकी विश्व कप में  शानदार प्रदर्शन के बाद सीनियर टीम में शामिल किया गया है

इस युवा खिलाड़ी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए लखनऊ में उस खिताब को जिताने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन अन्य सभी ऐज उम्र इवेंट की तुलना में वर्ल्ड कप कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।

सभी खिलाड़ियो को पता होता है कि नेशनल सेलेक्टर की उन पर नजर होती है। लखनऊ में तत्कालीन मुख्य कोच रोलेंट ओल्टमैंस (Roelant Oltmans) के सहयोगी स्टाफ के सामने किया गया अच्छा प्रदर्शन किसी की नजर में ना आए, ऐसा हो नहीं सकता।

वहीं सिमरनजीत ने वर्ल्डकप फाइनल में किए गोल सहित पूरे टूर्नामेंट में किए गए प्रदर्शन की बदौलत सुर्खियां बना ली थी। सीनियर टीम के मैनेजमेंट ने भी बिना किसी देरी के इस 24 साल के खिलाड़ी को मौका दिया, सीनियर टीम में अब तक उनका सफर आसान नहीं रहा है।

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शुरुआत में सिमरनजीत सिंह को सीनियर टीम में डेब्यू करने में एक साल से ज्यादा का वक्त लगा। वहीं जब इस खिलाड़ी को पहली बार मौका मिला तो उन्होंने मौके को दोनों हाथ से भुनाते हुए अपनी जगह टीम में पक्की कर ली।

निरंतरता सिमरनजीत सिंह की सबसे बड़ी दुश्मन

मनदीप सिंह (Mandeep Singh), एसवी सुनील (SV Sunil), गुरजंत सिंह (Gurjant Singh), ललित उपाध्याय (Lalit Upadhyay) और अक्षदीप सिंह (Akahsdeep Singh) के साथ भारतीय टीम में काबिलियत की कोई कमी नहीं है। सिमरनजीत सिंह को लगातार अपने साथी खिलाड़ियों से आगे निकलने में मुश्किल हो रही है।

अब जब कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से ओलंपिक एक साल के लिए  स्थगित हो गया है तो सिमरनजीत सिंह के पास अपने खेल में सुधार करने का काफी समय है।

हॉकी इंडिया को दिए एक स्टेटमेंट में सुरजीत हॉकी एकेडमी के छात्र सिमरनजीत कौर ने बताया कि लॉकडाउन में मिले इस समय में वह तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस खिलाड़ी ने कहा कि "मैं ज्यादातर हमारे पिछले मैचों के बहुत सारे वीडियो देख रहा हूं।"

सिमरनजीत ने कहा कि “मुझे फुटेज के माध्यम से धैर्य रखने और उन महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देने का मौका दिया है, जिन पर मुझे काम करने की आवश्यकता है। अब मैं मैदान पर जाकर इन्हें लागू करूंगा। पिछले प्रदर्शन को देखते हुए उससे सीख लेना यह इस समय का सही सदुपयोग है।”

इसके अलावा इस खिलाड़ी को विश्वास है कि टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने के साथ ही अब टीम के पास सुधार के लिए ज्यादा समय है।सिमरनजीत को लगता है कि उनकी ही तरह बाकी खिलाड़ी भी इस समय का उपयोग अपना प्रदर्शन सुधारने में करेंगे। भारतीय हॉकी स्टार ने कहा कि “ये दुखद है कि ओलंपिक एक साल के लिए टल गया है, हम पिछले साल से अच्छी लय में खेल रहे थे और टीम ओलंपिक के लिए पूरी तरह तैयार थी।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “हम अगले साल और बेहतर टीम बनने की कोशिश करेंगे। हम ये सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम जो मेहनत कर रहे हैं, उसका नतीजा हमें मैदान पर दिखे”।

अगर एफआईएच प्रो लीग भविष्य में रद्द हो होती है तो भातीय हॉकी टीम को ये देखना है कि वह किस तरह से 2021 में होने वाले ओलंपिक की तैयारी को ध्यान में रखते हुए सीजन की रणनीति बनाएगी।

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