दक्षिण अफ्रीका के ग्रेग क्लार्क बने भारतीय हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच

दो बार के इस दक्षिण अफ्रीकी ने ऑस्ट्रेलिया के क्रिस सिरिएलो की जगह ली है, जिन्होंने पिछले साल इस पद से इस्तीफ़ा दिया था।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

पूर्व ओलंपियन ग्रेग क्लार्क (Gregg Clark) भारतीय हॉकी टीम के एनालिटिकल कोच के रूप में कार्यभार संभालेंगे, हॉकी इंडिया ने मंगलवार को इसकी घोषणा की।

दक्षिण अफ्रीकी पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ड्रैग-फ्लिक स्पेशलिस्ट क्रिस सिरिएलो (Chris Ciriello) की जगह लेंगे, जिन्होंने पिछले साल तक इसी पद पर काम किया था। मेडिकल कंडिशन के कारण क्रिस सिरिएलो को पद छोड़ना पड़ा था।

49 साल के ग्रेग 2017 से 2020 तक कनाडा की राष्ट्रीय टीम के साथ थे और वहां उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। ग्रेग अब भारतीय टीम के साथ जुड़ गए हैं। कनाडा टीम के साथ रहते हुए उन्होंने टीम को काफी मजबूत किया।

एक दशक पहले अपने कोचिंग करियर की शुरुआत करने के बाद, ग्रेग क्लार्क का पहला बड़ा काम 2007 में आया जब उन्होंने 2008 के बीजिंग ओलंपिक, 2010 के FIH विश्व कप (FIH World Cup) और 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों में दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रीय टीम को गाइड किया।

ग्रेग क्लार्क ने 2013 से 2014 तक भारतीय जूनियर हॉकी टीम के साथ भी काम किया। इन्होंने इस दौरान 2013 FIH जुनियर विश्व कप (FIH Junior World Cup) में भी टीम का मार्गदर्शन किया। ग्रेग क्लार्क भारत में फ्रेंचाइजी आधारित हॉकी लीग, हॉकी इंडिया लीग के उदघाटन संस्करण में राँची राइनोज़ (Ranchi Rhinos) के साथ भी जुड़े थे।

ग्रेग क्लार्क भारत आने से पहले कनाडा हॉकी टीम के सहायक कोच थे। फोटो साभार: हॉकी इंडिया

भारतीय सेट-अप में काफी समय बिताने के बाद इस दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज को फिर से कोचिंग करने का एहसास हुआ और वह भारत आने के लिए उत्सुक हैं।

ग्रेग क्लार्क ने हॉकी इंडिया से बताया, “हॉकी इंडिया के साथ काम करने से पहले ही मैं यहां के सेटअप और उनकी मैनेजमेंट को समझता हूं, ग्रेग क्लार्क ने 1992 में दक्षिण अफ्रीका का एथेंस 2004 में टीम का प्रतिनिधित्व किया था।”

उन्होंने आगे कहा, “2013 में जूनियर टीम में शामिल हुए ज्यादातर खिलाड़ी अब सीनियर ग्रुप में हैं और उम्र के हिसाब से अच्छे खिलाड़ी बन गए हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस टीम को आगे बढ़ता हुआ देखना बहुत शानदार रहा है। उनके पास 2021 में और आगे भविष्य में कई वर्षों तक बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है।”

भारतीय मुख्य कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) टीम की सहायता करने के लिए इस दक्षिण अफ्रीकी के अनुभव का उपयोग करना चाह रहे थे। रीड ने कहा, "उनके पास ओलंपिक में, विश्व कप में, अनगिनत एफआईएच टूर्नामेंट के साथ दक्षिण अफ्रीका टीम के साथ 250 मैच खेलने का अनुभव है।"

“छह साल तक दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच और हाल ही में कनाडा के सहायक कोच रहने के बाद अब वह भारत के साथ जुड़ेंगे।इसके अलावा वो पहले भी कई एथलीटों के साथ काम कर चुके हैं, जिसका मतलब है कि वो मैदान में चुस्त रहेंगे।”