भारतीय स्पोर्ट्स वूमेन के लिए भविष्य उज्ज्वल है - रानी रामपाल

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने महसूस किया कि अच्छे प्रदर्शन के लिए समय पर मिली पहचान और पुरस्कार ने लड़कियों को खेल में बढ़ावा दिया है।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल (Rani Rampal) का मानना ​​है कि भारत में महिलाएं भविष्य में खेल को करियर के रूप में चुनने के लिए संकोच करती रही हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों से यह स्थिति बदल रही है।

रानी ने कहा, “मुझे लगता है कि 10 या 15 साल पहले, लोग पूछते थे कि हॉकी कैसे जीवनयापन करने में मदद कर सकती है। लेकिन चीजें अब काफी बदल गई हैं।”

"आकांक्षी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है, जो खिलाड़ियों को नौकरी के साथ-साथ राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका दे सकता है।"

रानी ने आगे कहा, “खेल को विकसित करने के लिए किए गए ठोस प्रयासों ने भारतीय महिला हॉकी टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।”

हाल के वर्षों में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2018 एशियाई खेलों और 2018 एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीता है। उससे पहले रियो 2016 में 36 वर्षों में पहली बार ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। अब ये टीम अगले साल टोक्यो में लगातार दूसरे ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में जगह बनाकर खेलने के लिए तैयार हैं।

रानी रामपाल को लगता है कि आने वाले वर्षों में खेल को विकसित करने के प्रयासों से भारतीय हॉकी को फायदा होगा। फोटो: Hockey India

पुरस्कार से आगे बढ़ने की मिली प्रेरणा

भारतीय महिला हॉकी टीम के बेहतर प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने में एक और प्रभावशाली कारण ये रहा है कि उन्हें समय-समय पर पुरस्कार देकर पहचान दी गई है और आर्थिक सहायता ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा, "लालरेमसियामी (Lalremsiami) जैसे युवा खिलाड़ी के लिए ('2019 की आगामी खिलाड़ी' की पहचान मिली), 15 लाख रुपये का नकद इनाम जीतना बहुत बड़ा अंतर पैदा करता है क्योंकि ये उनके पिता के पिछले साल गुजरने के बाद उसके परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को दूर करता है।"

"आर्थिक समर्थन ये सुनिश्चित करता है कि हम हॉकी पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें।"

फरवरी में लालरेमसियामी को अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के राइजिंग स्टार ऑफ द ईयर के रूप में नामित किया गया था।

इस साल राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार जीतने वाली रानी जानती हैं कि ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन उन्हें और मजबूत बनाएगा और स्वतंत्र महिलाओं के रूप में उनकी स्थिति को बढ़ाएगा।

भारतीय हॉकी महिलाओं की टीम के कप्तान ने कहा, "पीवी सिंधु (PV Sindhu) और साइना नेहवाल (Saina Nehwal) न केवल स्पोर्टिंग आइकन हैं, बल्कि आत्मनिर्भर, स्वतंत्र महिलाएं भी हैं जिन्होंने इसे खेल के माध्यम से हासिल किया।"

“हम एक टीम के रूप में एक ही सफलता प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहे हैं। हम में जीत की भूख है और हम जानते हैं कि ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करने से हमारा जीवन बेहतर होगा।