ग्राहम रीड मानते हैं कि भारतीय हॉकी टीम की फ़िटनेस चरम पर है

राष्ट्रीय कैंप के क़रीब चार महीनों बाद मुख्य कोच ग्राहम रीड मानते हैं कि टीम अब किसी भी प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है।

लेखक सैयद हुसैन ·

भारतीय पुरुष हॉकी टीम (Indian hockey men’s team) के प्रमुख कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) को लगता है कि काफ़ी महीनों से मैदान से दूर रहने के बावजूद, टीम इंडिया के खिलाड़ियों की फ़िटनेस का स्तर बेहतरीन है।

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने आख़िरी बार किसी प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिता में फ़रवरी में शिरकत की थी, जब वे FIH प्रो लीग में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैदान में उतरे थे और उस मुक़ाबले को पेनल्टी शूट-आउट के ज़रिए जीता था

इसके बाद कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी की वजह से सीज़न पर विराम लग गया और फिर भारतीय हॉकी टीम ने अगस्त से ही जारी ट्रेनिंग कैंप में अभ्यास शुरू किया।

बेंगलुरु में स्थित स्पोर्ट्स ऑथिरीटी ऑफ़ इंडिया (SAI) के कैंपस में चार महीनों तक बायो-बबल में रहते हुए पिछले हफ़्ते ही खिलाड़ियों ने घर जाने का ब्रेक लिया है। टीम के प्रमुख कोच ग्राहम रीड खिलाड़ियों की तैयारी और उनकी फ़िटनेस से काफ़ी संतुष्ट हैं।

ग्राहम रीड ने कहा, “हमने वह सब किया है जिससे खिलाड़ी ख़ुद को फ़िट रखें और अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर वापसी के लिए तैयार रहें।“

“हमारी फ़िटनेस ताक़त, वज़न और स्पीड पर निर्भर करती है और इससे पता चलता है कि हम लक्ष्य की ओर हैं। हमारे अभ्यास सत्र से पता चलता है कि टीम की स्थिति अब वैसी ही है जैसे फ़रवरी में थी। मुझे भरोसा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए अब हम पूरी तरह तैयार हैं।“

भारतीय हॉकी टीम को नीदरलैंड के प्रैक्टिस टूर को भी रद्द करना पड़ा था, जब टीम के 6 खिलाड़ी कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे। जिसमें कप्तान मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) भी कोविड पॉज़िटिव पाए गए थे। हालांकि अब सभी के सभी खिलाड़ी उससे उबर चुके हैं और पूरी तरह फ़िट हैं।

अप्रैल 2021 से पहले भारतीय टीम FIH प्रो लीग में भी वापसी नहीं कर सकती, जहां वह अर्जेंटीना जाएंगी लेकिन ये तभी संभव है जब कुछ सही रहा। लेकिन कोच ग्राहम रीड को लगता है कि उससे पहले भी टीम इंडिया कोई टूर कर सकती है।

“हमने अगले साल की शुरुआत में कुछ मैचों की योजना बनाई है। इन मैचों से हम अपने सही स्तर को परख सकते हैं और जिन जगहों पर हमें बेहतर करने की ज़रूरत होगी वह हम कर सकेंगे। ताकि ओलंपिक के लिए हम पूरी तरह से तैयार रहें।“

टीम ने जिस तरह से बायो-बबल में ख़ुद को तैयार रखा है, उससे रीड काफ़ी ख़ुश हैं, उन्होंने खिलाड़ियों के ज़रूरी ब्रेक को भी जायज़ ठहराया।

“ये बहुत ज़रूरी है कि वे सभी पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक तौर पर रिलैक्स रहें। इस ब्रेक से न सिर्फ़ खिलाड़ियों को मदद मिलेगी बल्कि कोचिंग स्टाफ़ के पास भी मौक़ा होगा कि वे ख़ुद को अगले साल के लिए तरोताज़ा कर लें।“