घर से दूर रहने के बावजूद टीम को मिल रहा है पारिवारिक प्यार

भारतीय हॉकी पुरुष और महिला दोनों टीमों को बेंगलुरू में SAI परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं है।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में भारतीय हॉकी पुरुष और महिला टीम को बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण के परिसर में रहने की सलाह दी गई है। यहां टीम के किसी भी खिलाड़ियों को उनके परिजनों से और किसी भी सहायक कर्मचारियों से ट्रेनिंग कैंप में मिलने की अनुमति नहीं है, जो कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्ट्राइक एसवी सुनील कुमार के लिए काफी मुश्किल है। 

दरअसल, 30 वर्षीय खिलाड़ी एसवी सुनील कुमार की बेटी का जन्मदिन था और वह मुलाकात नहीं कर सकें, हालांकि सुनील का घर SAI परिसर से ज्यादा दूर नहीं है। एसवी सुनील (SV Sunil Kumar) ने टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से बात करते हुए कहा, "मुझे आज अपनी बेटी के साथ रहना था, जो मेरे लिए काफी खुशी का बात होती, लेकिन मौजूदा हालात हमारे नियंत्रण से बाहर हैं।"

एसवी सुनील कुमार के मुख्य कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) , जो एक पूर्व हॉकी खिलाड़ी भी रह चुके हैं। उन्होंने उनकी भावनाओं के बारे में जिक्र करते हुए कहा, "मैं अपने परिवार को लेकर किसी प्रकार का जोखिम नहीं ले सकता हूं। हम एक एथलीट के रूप में हमेशा ऐसे बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं।" 

उन्होंने आगे इस घटना को लेकर अपनी पिछली ज़िंदगी के बारे में जिक्र किया और कहा, "मुझे याद है, 1992 में ओलंपिक के लिए रवाना होने से पहले उस समय रही मेरी प्रेमिका और अब पत्नी जूलिया ने मुझे कहा कि मैं बहुत स्वार्थी हूं," 

"वास्तव में हम सब एथलीट के रूप में अपने आपको स्वार्थी महसूस करते हैं, हम अपनी ट्रेनिंग और परफॉरमेंस को लेकर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं। जहां हम अपने जीवन के उन पहलुओं के बारे में सीखते हैं। अगर इस बारे में गौर करें तो हम जल्दी अनुभवी हो जाते हैं।"

Sjoerd Marijne was sure that the women's team would get through the times together

मुश्किल समय में हम सभी एक साथ हैं 

भारतीय हॉकी महिला टीम के मुख्य कोच सोर्ड मरिन (Sjoerd Marijne) ने कहा, उन्हें मौजूदा हालात को देखते हुए व्यवहारिक रहना होगा और टीम को एक साथ रखना होगा। उन्होंने आगे बात करते हुए कहा,  "मैं उन सभी को सुंदर कहानियां तो नहीं सुना सकता, लेकिन इस तरह की परिस्थितियों में हर कोई सामना करता है। वास्तव में हम सभी को इन परिस्थितियों से निपटना होगा। सभी लड़कियों को मालूम है कि इस समय हम सभी एक साथ है और आगे भी उन्हें रहना होगा।"

वहीं, ग्राहम रीड ने मौजूद हालात को लेकर कहा कि इस मुश्किल समय में एक दूसरे के करीब आना एक स्वभाविक बात है। जो कुछ भी हो रहा है उससे सभी चिंतित हैं। "जब आप दुनिया भर में दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों के बारे में सुनते हैं, तो  आप एक दूसरे के काफी करीब आना चाहते हैं। कोच और सहयोगी स्टाफ के रूप में हम सुनिश्चित करते हैं कि खिलाड़ी नियमित रूप से अपने परिवार के संपर्क में रहें और अगर उन्हें कोई चिंता है तो उनके लिए हमारे दरवाजे हमेशा के लिए खुले हैं और वो हमारे साथ बातचीत कर सकते हैं।"

बताते चलें कि खिलाड़ी अपने शेड्यूल और ट्रेनिंग कैंप के कारण एक महीने से अपने घरों से दूर हैं, ऐसे में ग्राहम रीड और सोर्ड मारिने जैसे अनुभवी लोगों का टीम के साथ होना एक अच्छा संकेत है।