एफआईएच प्रो लीग में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया

2-2 की बराबरी के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने पेनल्टी शूटआउट में हासिल की शानदार जीत। 

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय मेंस हॉकी टीम (Indian mens Hockey team) ने पहली बार लगातार 4 मुकाबलों को अपने नाम किया है। भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग (FIH Pro League) के दौरान भारतीय टीम द्वारा इस कारनामे को अंजाम दिया गया। शनिवार को हुए इस मुकाबले में दोनों ही टीमों ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए 2-2 से स्कोर को बराबर रखा। इस कारणवश परिणाम के लिए इस मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट में जाना पड़ा जहां भारतीय हॉकी टीम ने बाज़ी मार अपने कौशल का प्रमाण दिया। अंतिम स्कोर भारत के हक में 3-1 से गया।

शुरुआत में दोनों ही टीमों ने ज़्यादा से ज़्यादा पोज़ेशन अपने हाथ में रखने की साझी लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जल्द ही आक्रामक खेल दिखाना शुरू किया। इस बीच अमित रोहिदास (Amit Rohidas) से गलती देखी गई जिस वजह से ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिला।

हालांकि इस पेनल्टी कॉर्नर को पीआर श्रीजेश द्वारा रोका गया। इस मुकाबले की बात की जाए तो भारतीय मेंस हॉकी टीम शुक्रवार को हुए मुकाबले के मुकाबले ज़्यादा सतर्क दिखी जिसका प्रभाव उनके प्रदर्शन पर भी पड़ा।

रणनीति को आगे बढ़ाते हुए सिमरनजीत सिंह (Simranjeet Singh) ने अटैक करना शुरू किया। दोनों ही टीमें अपने पहले गोल को ढूंढते आगे बढ़ रहीं थी और इसी बीच ऑस्ट्रलिया को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। सारी नज़रें लाचलान शार्प (Lachlan Sharp) और भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश पर थीं। लाचलान शार्प ने चतुराई भरा खेल दिखाया और गोल दाग कर अपनी टीम को बढ़त भी दिलाई। भारत ने इस गोल को दोबारा देखने की मांग कर वीडियो रेफरी को गुहार लगाई। वीडियो के दौरान ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डैनियल बील (Daniel Beale) द्वारा भारतीय कीपर श्रीजेश को ब्लॉक करते देखा गया जिस वजह से इस गोल को अमान्य घोषित किया गया। फिर एक बार दोनों ही टीमों ने अपने कारवां को दोबारा शुरू किया और फिर पहले गोल की जद्पदोझड़ में लग गए।

कप्तान मनप्रीत सिंह (Manpreet Singh) और उपकप्तान हरमनप्रीत सिंह (Harmanpraat Singh) द्वारा कुछ मौके तो ज़रूर बने लेकिन अन्य खिलाड़ी उन मौकों को गोल में तब्दील करने में असफल रहे। इनका साथ निभाने उतरे मनदीप सिंह (Ramandeep Singh) भी अनमोल मौकों को भुना नहीं पाए जिस वजह से भारतीय टीम का स्नेकोर शून्य था। पहले सत्र में दोनों ही खेमे गोल रहित रहे। अब दोनों को ही रणनीति में बदलाव करने की ज़रूरत थी। देखते ही देखते भारतीय खिलाड़ी अमित रोहिदास और जरमनप्रीत के बीच एक नया मौका बनता दिखा लेकिन यहां भी दोनों खिलाड़ियों के हाथ निराशा लगी।

खेल के दोबारा शुरू होने पर ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम ने अपने तरीके का खेल दिखाया और मुकाबले का पहला गोल हासिल किया। यह सफलता रट्रेंट मिटन (Trent Mitton) और नाथन एफ्रैम्स (Nathan Ephraums) की आपसी जुगलबंदी की वजह से आई, जहां उन्होंने भारतीय डिफेंस को चालाकी से पार कर गेंद को गोल पोस्ट तक पहुंचाया और अपनी टीम को सफलता दिलवाई। अब भारतीय मेंस हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग के मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से 0-1 से पीछे थी।

भारत का दोहरा हमला

पेनल्टी कॉर्नर को गोल में न बदल पा रही ऑस्ट्रेलियाई हॉकी टीम के विपरीत भारतीय टीम ने ऐसा नहीं किया। विवेक सागर प्रसाद (Vivek Sagar Prasad) द्वारा हासिल किए गए पेनल्टी कॉर्नर को रुपिंदर पाल सिंह ने शानदार तरीके से अपने हक में कर गोल दागा। अब स्कोर 1-1 से बराबर हो चुका था।

मेज़बान टीम पहला गोल दागेने के बाद एक अलग ही लय में दिखी। इसके बाद युवा हार्दिक सिंह (Hardik Singh) अपने कौशल को प्रयोग में लाए और फील्ड पर चुस्त हरकत करते हुए उन्होंने एक और पेनल्टी कॉर्नर अपनी टीम को दिलवाया। इस मौके को दोनों हाथों से बटोरते हुए हरमनप्रीत सिंह ने एफआईएच प्रो लीग का अपना पहला गोल स्कोर किया और अपनी टीम को बढ़त दिलवाई।

रक्षात्मक रणनीति

इसके बाद इस तनाव भरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के जेरेमी हेवर्ड (Jeremy Hayward) पेनल्टी कॉर्नर की मदद से गोल करने में सफल रहे लेकिन भारतीय हॉकी कीपर ने अपील कर इसे खारिज कराया। खूब जद्दोजहद के बाद भी भारतीय टीम 2-1 से आगे चल रही थी।

कुछ ही समय बाद ऑस्ट्रलियाई टीम को पेनल्टी स्ट्रोक तोहफे में मिला लेकिन टिम ब्रांड (Tim Brand) इसे गोल में तब्दील नहीं कर पाए। इसी बीच रमनदीप सिंह ने अपने कौशल का प्रमाण दिखाते हुए गेंद को अपने खेमे से दूर किया और अपने प्रतिद्वंदियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

एरान जालेवस्की ने किया स्कोर बराबर

तीसरे क्वार्टर में खेल ज़रा धीमा रहा और भारतीय टीम ने आक्रामकता छोड़ डिफेंसिव रूप अपनाया। फाइनल क्वार्टर के लिए अब पीआर श्रीजेश की जगह कृष्ण पाठक (Krishan Pathak) ने ले ली थी। ऑस्ट्रेलिया के एरान जालेवस्की (Aran Zalewski) ने अपने कौशल को दिखाते हुए गोल दाग अपनी टीम की मुकाबले में वापसी कराई। अब स्कोर 2-2 से बराबर था और दोनों ही इसमें बढ़त के लिए फील्ड में जगह बनाने की कोशिश में जुटी थी। हालांकि दोनों ही खेमे एक और गोल दागने से वंचित रहे जिस वजह से मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट में जाना पड़ा।

रमनदीप सिंह ने कई बार अटैक कर भारत के लिए गोल दागने की कोशिश की। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया 
रमनदीप सिंह ने कई बार अटैक कर भारत के लिए गोल दागने की कोशिश की। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया रमनदीप सिंह ने कई बार अटैक कर भारत के लिए गोल दागने की कोशिश की। फोटो क्रेडिट: हॉकी इंडिया 

भारतीय टीम की जीत

हॉकी के खेल का सबसे दिलचस्प पहलू, पेनल्टी शूटआउट है। जहां दोनों ही टीमों के पास खेल को पलटने का मौका होता है और इर बार खेल पलटा भारतीय मेंस हॉकी टीम ने। शूटआउट के बाद इस मुकाबले का स्कोर भारतीय टीम के हक में 3-1 से गया और वे विजयी रही।

शूटआउट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डैनियल बील (Daniel Beale) ने शुरूआती हमला किया और भारतीय कीपर इसे रोकने में सफल रहे। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने अपील कर इस गोल के लिए पेनल्टी स्ट्रोक जीता जिसे मैट डॉसन (Matt Dawson) ने गोल तक पहुंचाया।

इसके बाद पीआर श्रीजेश (PR Sreejesh) की वजह से ऑस्ट्रेलिया को एक और स्ट्रोक दिया गया लेकिन उनके जेक हार्वी (Jake Harvie) इसे गोल में तब्दील न कर सकें। भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद और ललित उपाध्याय अपने-अपने मौकों पर गोल दाग भारत को जीत तक ले गए।

एफआईएच प्रो लीग की अंक तालिका

एफआईएच प्रो लीग की अंक तालिका में भारतीय मेंस हॉकी टीम अभी चौथे स्थान पर काबिज़ है। वहीं बेल्जियम, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन स्थानों पर अपनी धौंस जमी हुई है।एफआईएच प्रो लीग में भारत की अगली चुनौती

एफआईएच प्रो लीग में अब भारतीय मेंस हॉकी टीम जर्मनी के खिलाफ 25 और 26 अप्रैल को खेलेगी। यह मुकाबले भारत के पहले मुकाबले होंगे जो यह टीम अपने घर से बाहर बर्लिन में खेलेगी।

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