भारतीय महिला हॉकी टीम को न्यूजीलैंड से मिली हार

एक संघर्षपूर्ण मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारतीय महिला टीम को 1-0 से दी मात।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

बुधवार को ऑकलैंड में खेले गए दौरे के तीसरे मैच में भारतीय महिला हॉकी टीम को न्यूजीलैंड से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।

मैच का एक मात्र गोल न्यूजीलैंड की ओर से किया गया, जब 37वें मिनट में होप राल्फ ने गोल कर कीवियों को निर्णायक बढ़त दिलाने में योगदान किया। अपने पिछले मुकाबले में 1-2 से हार का सामना करने के बाद, भारतीय महिला हॉकी टीम अपने खेल में सुधार करने के दृढ़ निश्चय के साथ मैदान पर उतरी, मेजबानों के खिलाफ टीम ने अच्छी शुरूआत भी की।

किवियों के स्ट्राइकिंग सर्कल में लगातार हमले करने का फायदा तुरंत मिला और मैच के दूसरे ही मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी कॉर्नर मिल गया। लेकिन रानी रामपाल की अगुवाई वाली टीम इस मौके का फायदा नहीं उठा सकी।

भारतीय महिला हॉकी टीम को न्यूजीलैंड से मिली 1-0 से मात।फोटो साभार: हॉकी इंडिया मीडिया

मैच के शुरुआत में कीवी टीम ने कुछ शानदार खेल का नमूना पेश किया, अपने बेहतरीन पास की बदौलत वो भारतीय मिडफिल्ड में पहुंचने में कामयाब हुए। लेकिन भारतीय टीम की बैकलाइन ने किसी भी आक्रमण से गोल होने की संभावनाओं को खत्म कर दिया।

हालांकि न्यूजीलैंड को एक शॉर्ट कॉर्नर जरुर मिला लेकिन दोनों टीमों में से किसी ने भी शुरुआती क्वार्टर में रक्षापंक्ति को भेद नहीं सकीं।

उस क्वार्टर के बाद भी कहानी बदली नहीं और दोनों टीमों ने अपनी रणनीति को सफल करने के साथ रक्षापंक्ति को तोड़ने का हर एक प्रयास किया, लेकिन कुछ शानदार डिफेंस की वजह से शुरुआती 30 मिनट में दोनों में से कोई भी टीम बढ़त हासिल नहीं कर सकी।

हालांकि, तीसरे क्वार्टर में भारतीय हॉकी टीम की एकाग्रता में गिरावट देखी गई, जिसका फायदा उठाते हुए होप राल्फ ने भारतीय डिफेंस को भेदने में सफलतना प्राप्त की और मैच का एकमात्र गोल कर दिया।

इस स्तर पर भारतीय टीम के लिए मैच का परिणाम मायने नहीं रखता

हालांकि बाद में भारतीय महिला हॉकी टीम बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सकी, टीम कीवी बैकलाइन तक भी नहीं पंहुच सकी। हालांकि, मुख्य कोच सोअर्ड मरिन अपनी टीम के प्रदर्शन से खुश थे।

मुख्य कोच सोअर्ड मरिन ने कहा "आज हमने डिफेंसिव साइड पर कुछ चीजें करने की कोशिश की, जिसके कारण न्यूजीलैंड हमारे सर्कल में आने और अवसर बनाने में सफल रहा, लेकिन इन बदलावों को अभ्यास मैचों में करना बेहतर है क्योंकि ये दौरा ओलंपिक खेलों की हमारी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है, जिसमें हमें ये देखना है कि हम कितना बेहतर और कर सकते हैं”।

सोअर्ड मरिन ने ये भी कहा कि न्यूजीलैंड दौरे पर टीम के प्रदर्शन पर काम करना का मुख्य उद्देश्य है और इस स्तर पर हमारे लिए परिणाम कोई मायने नही रखता। “हमारा खेल हर मैच में बेहतर हो रहा है और आज का प्रदर्शन फिर से पिछले मैच से बेहतर था। इस समय परिणाम नहीं प्रक्रिया महत्वपूर्ण है और हम कुछ नई रणनीति पर काम कर रहे हैं, जो हमें लंबे समय तक मदद करेगी।

भारतीय महिला टीम के सामने अब क्या है चुनौती ?

4 फरवरी से पहले न्यूजीलैंड का ये दौरा खत्म करने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक चैंपियन ग्रेट ब्रिटेन का सामना करेगी।