टोक्यो ओलंपिक की टीम इंडिया में जगह बनाने पर रीना खोखर की नज़र

भारतीय हॉकी टीम की मिडफील्डर आँख की चोट से उबरने के बाद टोक्यो ओलंपिक की टीम में जगह बनाने की उम्मीद कर रही हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर रीना खोखर ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक अनुचित व्यायाम उनके खेल के करियर को ही समाप्त कर सकता था।

रीना खोखर (Reena Khokhar) ने हॉकी इंडिया को बताया कि, “जब मैं स्ट्रेच-बैंड के सहारे स्ट्रेचिंग की एक्सरसाइज कर रही थी, तभी बैंड मेरे बाईं आँख में लग गई। ये सब इतना जल्दी हुआ की मुझे कुछ सोचने का वक्त ही नहीं मिला। ”

ये घटना 2019 की शुरूआत में घटी थी और मेरे लिए बहुत बुरा हुआ। भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए ये साल बहुत महत्वपूर्ण था, क्योंकि ये टीम टोक्यो ओलंपिक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए टिकट हासिल करना चाह रही थी।

2017 में सीनियर टीम में पहली बार जगह बनाने वाली रीना खोखर ने धीरे-धीरे अपनी जगह पक्की करनी शुरू कर दी थी, उन्होंने 2018 विश्व कप टीम में भी जगह बनाई।

चीन के खिलाफ एशियन गेम्स सेमीफाइनल में उनके शानदार खेल से भारतीय महिला हॉकी टीम को कई मौकों पर हमला करने का मौका मिला और गुरजीत कौर (Gurjit Kaur) के आक्रामक खेल से भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में जगह बना ली, जहां उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।

उनकी चोट और उसके बाद के डाइग्लोसिस से उनके करियर पर संदेह होने लगा था। उन्होंने बताया कि, "शुरुआत में डॉक्टर ने कहा था कि वो जल्द ही ठीक हो जाएंगी लेकिन एक महीने बाद भी जब दर्द कम नहीं हुआ, तब डॉक्टर ने रेटिना को नुकसान से बचाने के लिए सर्जरी की सलाह दी। ये खबर काफी परेशान करने वाली थी।"

शोर्ड मारिन के विश्वास ने बढ़ाया उत्साह

सर्जरी के बाद रीना खोखर दो महीने तक बेड पर थीं और जब वो नेशनल कैंप में वापस आईं तो उनके आत्मविश्वास में कमी थी। ये वो ही समय था जब भारतीय हॉकी महिला टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन (Sjoerd Marijne) टीम के साथ जुड़े।

डच कोच को हमेशा मिडफील्डर की क्षमताओं पर विश्वास था और वो इसलिए था, क्योंकि वो जानते थे कि इससे पहले इस खिलाड़ी ने विश्व कप और एशियन गेम्स की टीम में जगह बनाई।

रीना खोखर ने बताया कि, “मुख्य कोच शोर्ड मारिन मेरा उत्साह बढ़ाने के लिए मुझसे हमेशा बात करते थे। वो मुझे नीदरलैंड के एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताते थे, जिसने सिर्फ एक ही आँख में रोशनी होने के बावजूद हॉकी खेली थी।”

"इसी तरह की कहानियां, मेरे माता-पिता और कुछ करीबी दोस्तों के सपोर्ट ने मुझे प्रेरित किया।"

इस सपोर्ट का उन्हें फायदा मिला और ओलंपिक क्वालिफ़ायर्स के लिए रीना खोखर टीम में जगह बनाने में सफल रहीं। भारतीय महिला हॉकी टीम ने ओलंपिक के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है।

रीना खोखर ने पिछले साल दिसंबर में एक और सर्जरी कराई और अब फिर से कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, "मुझे भारतीय टीम में काफी देर हो गई। मैं 24 साल की थी, जब मैंने भारतीय टीम में पदार्पण किया था और मुझे जूनियर स्तर पर ज्यादा अनुभव नहीं है।"

"इसलिए, अगले एक साल में मैं वो सब कुछ करूंगी, जिससे मैं खुद को ओलंपिक की इंडिया टीम में जगह बनाने के लायक साबित कर सकूं।"

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