भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो 2020 में इतिहास रचने के लिए तैयार है: सविता पूनिया

भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर को लगता है कि अब टीम इंडिया पहले से कहीं ज़्यादा परिपक्व हो चुकी है और रियो 2016 के अनुभव को भी भुनाने का मौक़ा है।

भारतीय महिला हॉकी टीम की दीवार कही जाने वाली गोलकीपर सविता पूनिया (Savita Punia) को भरोसा है कि टोक्यो 2020 में भारतीय महिला हॉकी टीम पदक के साथ लौटेगी।

हरियाणा की रहने वाली ये गोलकीपर पूरी तरह आश्वस्त है कि टीम इंडिया टोक्यो ओलंपिक में पोडियम फ़िनिश करेगी। शुक्रवार को जारी किए गए कार्यक्रम के मुताबिक़ भारतीय महिला टीम अपने अभियान का आग़ाज़ 24 जुलाई 2021 को नीदरलैंड के ख़िलाफ़ करेगी।

“मुझे लगता है कि इस बार हमारे पास ओलंपिक में इतिहास रचने का बहुत बड़ा मौक़ा है। हमारी टीम में युवा और अनुभव का बेहतरीन समायोजन है और ऐसी कोई भी जगह नहीं है जहां हमने काम नहीं किए।”

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, “हाल ही में हमने दुनिया की बेहतरीन टीमों के ख़िलाफ़ खेला है और हमें अपनी क़ाबिलियत पर पूरा भरोसा है। अगर हम अपनी पूरी ताक़त के साथ खेले तो अगले साल ओलंपिक में हमारे नाम एक पदक ज़रूर होगा।

सविता पूनिया को भरोसा है कि भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो में पदक जीत सकती है
सविता पूनिया को भरोसा है कि भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो में पदक जीत सकती हैसविता पूनिया को भरोसा है कि भारतीय महिला हॉकी टीम टोक्यो में पदक जीत सकती है

ये भारतीय गोलकीपर टीम की कप्तान रानी रामपाल (Rani Rampal) के साथ रियो ओलंपिक में खेल चुकी खिलाड़ियों की फ़ेहरिस्त में शामिल हैं।

भारतीय महिला टीम ने कई दशकों बाद रियो 2016 में जगह बनाई थी, उन्होंने इससे पहले 1980 मॉस्को ओलंपिक में जगह बनाई थी। भारतीय टीम ने रियो में शुरुआत भी शानदार की थी जब जापान के ख़िलाफ़ दो गोल से पीछे रहते हुए भी भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की थी और मैच को ड्रॉ कराने में क़ामयाबी हासिल की थी।

लेकिन इसके बाद भारतीय महिला टीम को ग्रेट ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और अर्जेंटीना के हाथों हार का सामना करना पड़ा था और आख़िरी पायदान पर रहीं थीं। सविता पूनिया उस मौक़े को कभी नहीं भूल सकतीं और मानती हैं कि ये बेहद दुखद था।

“पहले ही दौर में बाहर हो जाना हमारे लिए सच में बेहद दुखद था। मुझे लगता है कि उस समय हमारी टीम के पास अनुभव की कमी थी और हमने ग़लतियां भी काफ़ी की थीं। लेकिन अब हमारी टीम बहुत मज़बूत हो चुकी है और मुझे पूरी उम्मीद है कि हम रियो के उस बुरे सपने को पीछे छोड़ देंगे। ज़ाहिर तौर पर रियो में खेलने का वह अनुभव टोक्यो में हमारे हित में जाएगा।”

टोक्यो में भारत एक मुश्किल ग्रुप में है जहां उनके साथ नीदरलैंड, बेल्जियम, जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन, आयरलैंड और दक्षिण अफ़्रीका हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शोर्ड मरिन ने इससे पहले कहा था कि टीम का लक्ष्य क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचना होगा जहां से नॉकआउट मुक़ाबले में कोई भी टीम आगे जा सकती है।

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