भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक के लिए तैयार है: शोर्ड मारिन

प्रतिस्पर्धी खेलों की कमी के बावजूद, मुख्य कोच शोर्ड मारिन इन परिस्थितियों में टीम के प्रदर्शन से खुश हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

बिना किसी प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन के राष्ट्रीय शिविर में अधिकांश वर्ष बिताने के बावजूद, भारतीय हॉकी महिलाओं की टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन (Sjoerd Marijne) का मानना ​​है कि टीम ओलंपिक वर्ष की अच्छी शुरुआत करने के लिए तैयार है।

हॉकी ब्रेक के लिए नीदरलैंड जाने से एक दिन पहले हॉकी इंडिया से बात करते हुए, शोर्ड मारिन ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने उन लक्ष्यों को हासिल किया है जो एक परीक्षण अवधि के दौरान उन्होंने अपने लिए निर्धारित किए थे।

डचमैन ने कहा, "हमारा एक लक्ष्य था अपनी फिटनेस में सुधार करना और वो हमने बहुत अच्छे से किया।"

“पिछले कुछ हफ्तों में हमने पुरुष टीम के साथ कुछ सत्रों में भी अपनी गति और हैंडलिंग कौशल का परीक्षण करने के लिए काम किया, और मैं एक टीम के रूप में अपनी इस कोशिश से खुश हूं।”

उन्होंने कहा, 'हमने इस समय का उपयोग अच्छे से किया है और हमारा प्राथमिक ध्यान ओलंपिक है। हम अगले साल की शुरुआत में अच्छे मैच खेलने की उम्मीद कर रहे हैं, जिसमें ये दिखाया जाएगा कि हम कहां खड़े हैं और हम इन खेलों में अपने प्रदर्शन में सुधार के आधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए ओलंपिक साल में जरूरत के अनुसार योजना बना सकते हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम बेंगलुरु में भारतीय खेल प्राधिकरण परिसर में एक बायो-बबल्स के अंदर ट्रेनिंग कर रही है। फोटो: हॉकी इंडिया

बेंगलुरू के भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) कैंपस में एक बायो-बबल्स में कैंप लगा है और भारतीय हॉकी टीम का बाहरी दुनिया से साल के अधिकांश समय आना जाना लगभग बंद कर दिया गया है। हालाँकि इस बात की आशंका थी कि टीम की तैयारियों को पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, लेकिन शोर्ड मारिन इनकी अब तक की तैयारियों से खुश हैं।

उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों ने पिछले साढ़े चार महीनों में बहुत मेहनत की है और उन्होंने बिना किसी शिकायत के ये किया है –चाहें वो बायो-बबल्स के अंदर रहना हो, या इतने लंबे समय तक अपने परिवार से दूर रहना।" 46 साल के मारिन एक मोटिवेशन स्पीकर भी हैं। 

“पिछले चार महीनों में उन्होंने जो रवैया दिखाया उससे मैं बेहद खुश हूं और मैं समझता हूं कि ट्रेनिंग कैंप शारीरिक और मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। ये ब्रेक मानसिक थकान से उबरने के लिए विशेष रूप से अच्छा होगा।”

जबकि मुख्य कोच चाहते हैं कि उनकी टीम ब्रेक का आनंद ले, वहां कुछ ऐसा काम करना है जो महिला टीम आगे भी जारी रखना चाहेगी।

शोर्ड मारिन ने कहा, "मैं चाहता हूं कि खिलाड़ी अपने परिवार के साथ समय का आनंद लें और लोगों से मिलने पर सावधानियों का पालन करें और सामाजिक दूरी का ध्यान रखें, क्योंकि महामारी अभी भी खत्म नहीं हुई है।"

"सभी को कुछ होमवर्क करने के लिए दिया गया है क्योंकि ये ब्रेक हमारे ट्रेनिंग कार्यक्रम का हिस्सा है, अंतर ये होगी कि यहां वो हॉकी स्टिक और गेंद का उपयोग नहीं करेंगे।"