रैंकिंग पर नहीं ओलंपिक क्वालिफ़िकेशन की बाधा पार करने पर अनु रानी का ध्यान

उत्तर प्रदेश की रहने वाली 27 साल की ये जेवलिन थ्रोअर अभी IAAF रैंकिंग में 12वें स्थान पर हैं और भारत की तरफ़ से उन्हें ओलंपिक मेडल का बड़ा दावेदार माना जा रहा है।

भारत की स्टार जेवलिन थ्रोअर और मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड होल्डर अनु रानी (Annu Rani) अपनी IAAF रैंकिंग पर भरोसा करने के बजाय क्वालिफिकेशन दौर में अच्छा प्रदर्शन कर टोक्यो ओलंपिक में जगह बनाना चाहती हैं।

कतर में 23 वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक रजत पदक के अलावा अनु रानी ने पिछले साल 2019 फेडरेशन कप में 62.43 मीटर के थ्रो के साथ विश्व चैंपियनशिप कट-ऑफ मार्क (61.50 मीटर) को भी अपने नाम किया, जिसके कारण वह गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहीं थीं।

यह थ्रो न केवल 62.34 मीटर के उनके पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड से बेहतर था बल्कि इसकी बदौलत उन्होंने विश्वास जगाया कि वह ओलंपिक क्वालिफिकेशन के 64 मीटर के दायरे को भी पार करने में सक्षम है।

2019 फेडरेशन कप में अनु रानी ने कट-ऑफ मार्क (61.50m) को पछाड़ कर 62.43 मीटर की थ्रो फेंकी  
2019 फेडरेशन कप में अनु रानी ने कट-ऑफ मार्क (61.50m) को पछाड़ कर 62.43 मीटर की थ्रो फेंकी  2019 फेडरेशन कप में अनु रानी ने कट-ऑफ मार्क (61.50m) को पछाड़ कर 62.43 मीटर की थ्रो फेंकी  

दुनिया की नंबर 12 जेवलिन थ्रोअर ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत को दौरान बताया कि “मैं हमेशा ही क्वालिफिकेशन मार्क को पार कर ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना चाहती हूं, मुझे रैंकिंग पर ज्यादा भरोसा नहीं है।”

कोरोना वायरस (COVID-19) की महामारी के कारण दुनियाभर में खेल इवेंट अगले साल तक के लिए स्थगित हो गए हैं। अब अनु रानी को उम्मीद है जब खेल वापस शुरू होंगे तो मजबूत वापसी करेंगी।

अनु रानी ने बताया कि “अब ओलंपिक 2021 में आयोजित होगा, इसलिए मुझे लगता है कि भारत में अगला नेशनल टूर्नामेंट सिंतबर या अक्टूबर में होगा और इन टूर्नामेंट के जरिए मुझे मेरी तकनीकी कमियां सुधारने और नया सीखने को मिलेगा।”

फ़िटनेस पर लगातार काम

जब कोरोना वायरस के कारण भारत में लॉकडाउन की घोषणा के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बंद करने का फैसला किया गया था, उस समय अनु दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में भारतीय जेवलिन दल के साथ थीं।

इसी कारण भारतीय स्टार को हमवतन विपिन कसाना (Vipin Kasana) और अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) और कोच यूवे होन के साथ भारत लौटने के बाद पटियाला स्थित राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में ठहरना पड़ा।

ओलंपिक कट-ऑफ मार्क की बाधा को पार करने के विश्वास के साथ अनु रानी का एकमात्र ध्यान अब शिविर में अपने फिटनेस स्तर को बनाए रखने पर है ताकि जब उन्हें मौका मिले, वह उसका पूरी तरह से फायदा उठा पाएं।

अनु रानी ने IANS से बातचीत के दौरान बताया कि “अभी मेरा मुख्य लक्ष्य ये है कि मैं अपनी फिटनेस का स्तर गिरने ना दूं। मेरे कोच मुझे प्रोग्राम देते हैं और उसी अनुसार मैं ट्रेनिंग कर रही हूं। हम 15-20 मिनट दौड़ लगाते हैं। इसके अलावा हम या तो कोर एक्सरसाइज करते हैं या जो कुछ भी यहां उपलब्ध है उससे वेट ट्रेनिंग करते हैं।”

इसके अलावा उन्होंने कहा कि “हम इसे बारी-बारी से से करतै हैं जैसे एक दिन कोर अभ्यास होता है तो दूसरे दिन वेट के साथ ट्रेनिंग की जा रही है। हमारे कमरे में भाला भी है, इसलिए हम उसके साथ भी ट्रेनिंग कर रहे हैं।”

रोनाल्डो, फ़ेल्प्स से मिली प्रेरणा

शुरुआती में 14 दिन के क्वारनटाइन टाइम को पूरा करने के बाद भी जेवलिन दल को देश में लगे लॉकडाउन के कारण NIS पटिलाया में रूकना पड़ा।

तब से ये दल के सभी लोग वहां पर रूके हुए हैं। अब कोविड-19 वायरस के बढ़ते मामलों के कारण तीन महीनों में देश में चौथी बार लॉकडाउन का फैसला लिया गया है।

फिटनेस को बनाए रखना तो अनु रानी की प्राथमिकता है ही इसके साथ ही वह मानसिक रूप में भी खुद को मजबूत कर रही हैं। इसके लिए वह एथलीटों की प्रेरणादायक वीडियो देख रही हैं।

फर्स्टपोस्ट से बात करते हुए अनु ने कहा कि मैं "मैं नियमित रूप से क्रिस्टियानो रोनाल्डो और माइकल फेल्प्स के वीडियो देखती हूं। उनके प्रशिक्षण, अनुशासन और जीवन की कहानियों को देखना बहुत प्रेरणादायक है।”

इसके अलावा इस भारतीय स्टार ने कहा कि मैं “थोड़ा बहुत पढ़ लेती हूं। एथलीट्स दिन में 5-6 घंटे ट्रेनिंग करते हैं और एक दिन से खाली बढ़ना तकलीफ दायक होता है। सच कहूं तो यह मुश्किल है लेकिन हमारे पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है।”

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