जोहान्स वेटर के शानदार प्रदर्शन के बाद नीरज चोपड़ा के कोच ने उन्हें और बेहतर करने लिए प्रेरित किया

जर्मनी के जेवलिन थ्रोअर जोहान्स वेटर ने हाल ही में दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंक कर सभी को हैरान कर दिया है। जिसके बाद नीरज के कोच उवे हॉन का मानना है कि नीरज चोपड़ा को उनसे प्रेरित होना चाहिए।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

उवे हॉन (Uwe Hohn), इकलौते जेवलिन थ्रोअर हैं जिन्होंने 100 मीटर को पार किया है। उनका मानना है कि अगर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को टोक्यो 2020 में गोल्ड मेडल हासिल करना है तो उन्हें अपना स्तर अभी से कहीं ज़्यादा ऊंचा करना होगा।

रविवार को जर्मनी के जोहान्स वेटर (Johannes Vetter) ने 97.76 मीटर दूर थ्रो कर पोलैंड में चल रहे टूर गोल्ड में सभी को अचंभित कर दिया। ग़ौरतलब है कि जोहान्स वेटर का थ्रो जान ज़लेज़नी (Jan Zelezny) के द्वारा 1996 में बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड (98.48 मीटर) से बस 71 सेंटीमीटर पीछे रहा।

1984 में थ्रोअर उवे हॉन ने 104.80 मीटर की थ्रो फेंक सभी को चौंका दिया था और इसके बाद पूरे इवेंट में फेरबदल किए गए ताकि स्टेडियम में सभी सुरक्षित रह सके। फेरबदल होने के बाद इस खेल से जुड़े रिकॉर्ड को भी रिसेट किया गया।

उवे हॉन जो कि भारतीय जेवलिन थ्रो के चीफ कोच की भूमिका निभा रहे हैं, उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से बात करते हुए कहा “मुझे नहीं पता कि वेटर या ओलंपिक चैंपियन थॉमस रोहलर (Thomas Rohler) टोक्यो में वह सब कर पाएंगे लेकिन मुझे लगता है कि नीरज चोपड़ा को भी उसी स्तर पर लड़ने के लिए तैयारी करनी चाहिए और गोल्ड के लिए दावेदारी पेश करनी चाहिए।”

“हालाँकि मुझे लगता है कि आप दोहा में 86.89 मीटर फेंके थ्रो की मदद से भी जीत सकते हैं।”

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान हॉन ने कहा “वेटर ने दिखाया है कि थ्रो केवल सख्त ही नहीं होनी चाहिए बल्कि फेंकते समय उर्जा भी उसमें होनी चाहिए ताकि वह हवा में स्थिर हो सके।”

“थ्रो की गुणवत्ता बढ़ जाती है जब जेवलिन में ऊर्जा डाली जाए। इससे रिलीज़ की गति बढ़ जाती है और इसके बाद जेवलिन अमूमन गति नहीं छोड़ती है।"

90 मीटर का लक्ष्य

हाल ही में वेटर द्वारा फेंके गए थ्रो बाकी खिलाड़ियों के लिए एक सूचना जैसा कार्य करेगी और उन्हें इस खेल में उनकी दावेदारी का प्रमाण भी पेश करेगी।
नीरज चोपड़ा का व्यतिगत सर्वश्रेष्ठ 88.06 मीटर है और दूसरे भारतीय जिन्होंने टोक्यो 2020 के लिए क्वालिफाई किया है उनका सर्वश्रेष्ठ 86.23 मीटर है और वह हैं शिवपाल सिंह (Shivpal Singh)।

कोच उवे हॉन चाहते हैं कि नीरज चोपड़ा आने वाले महीनों में अपना स्तर ऊंचा करें।: तस्वीर साभार: इन्स्टाग्राम/नीरज चोपड़ा 

अब जहां भारतीय 90 मीटर को पार पाने की जद्दोजहद में जुटें हैं, वहीं हॉन को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनके खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहें।

उवे हॉन ने आगे अलफ़ाज़ साझा करते हुए कहा “मुझे लगता है कि उनमें आत्मविश्वास आ गया है जिससे उन्हें इस साल आने वाली प्रतियोगिताओं में मदद मिलेगी। लेकिन उन्हें अपनी तकनीक को सुधारने के लिए लगातार मेहनत करनी होगी। हल्का सा बदलाव एक बड़ा अंतर सामने ला सकता है।”

“वह हर स्पर्धा के दौरान 97 मीटर नहीं फेंक सकते लेकिन यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह अगली प्रतियोगिता में वह कैसा प्रदर्शन करते हैं या आने वाले पूरे साल में वह क्या करते हैं।”

उवे हॉन ने आगे कहा “उन पर दबाव काफी होगा और हमें यह देखना होगा कि वह इससे कैसे निपटते हैं। जेवलिन थ्रो एक नाज़ुक इवेंट है और जेवलिन को आप कैसे फ्लाई कराते हैं, उस पर काफी कुछ निर्भर करता है।”