भारतीय जूडोका तेल अवीव ग्रैंड स्लैम के ज़रिए पहुंचेंगे टोक्यो के नज़दीक

5 भारतीय खिलाड़ियों के लिए पहाड़ जैसा लक्ष्य है लेकिन वह खुद पर भरोसा जताते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

रियो 2016 ओलंपिक में भाग ले चुके अवतार सिंह (Avtar Singh) समेत 5 अन्य भारतीय जूडोका 18 फरवरी से शुरू होने वाले तेल अवीव ग्रैंड स्लैम (Tel Aviv Grand Slam) का हिस्सा लेंगे।

तेल अवीव ग्रैंड स्लैम का अयोजब इंटरनेशनल जूडो फेडरेशन (International Judo Federation – IJF) द्वारा किया जाएगा और यह प्रतियोगिता वर्ल्ड टूर का भी हिस्सा होगी। ऐसे में सभी प्रतिभागी टोक्यो गेम्स के लिए रैंकिंग पॉइंट्स हासिल करने की भरपूर कोशिश करेंगे।

लिकमा बम सुशीला देवी (Likmabam Shushila Devi – 48 किग्रा) और तुलिका मान (Tulika Mann) – 78 किग्रा) दो ऐसी महिला खिलाड़ी हैं जो ओलंपिक में डेब्यू करने के लिए अतिरिक्त अंकों पर नज़र बनाए रखेंगी। वहीं दूसरी ओर विजय यादव (Vijay Yadav - 60 किग्रा) और जसलीन सिंह सैनी (Jasleen Singh Saini - 66 किग्रा) का लक्ष्य भी कुछ ऐसा ही होगा।

इन 5 भारतीय जूडो खिलाड़ियों को चीफ नेशनल कोच जीवन शर्मा (Jiwan Sharma) के नेतृत्व में रखा गया है।

आखिरी बार भारतीय जूडो खिलाड़ियों को पिछले साल हुए बुडापेस्ट ग्रैंड स्लैम में देखा गया था। सुशीला देवी, जसलीन सिंह सैनी और विजय यादव पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे और वहीं अवतार सिंह और तुलिका मान ने दूसरे राउंड तक का सफ़र तय किया था।

जसलीन सिंह सैनी ने बातचीत के दौरान बताया “हम सभी को इस प्रतियोगिता से मेडल जीतने की उम्मीदें हैं।

सैनी टोक्यो ओलंपिक रैंकिंग 57 है और भारत के नज़रिए से देखा जाए तो कॉन्टिनेंटल कोटा पाने के वह बेहद नज़दीक हैं। 

बाकी बचे हुए भारतियों को कड़ी मेहनत करनी होगी। क्वालिफिकेशन के नियम कुछ इस प्रकार हैं कि विश्व ए टॉप 18 खिलाड़ियों (अलग अलग वर्गों) को ओलंपिक गेम्स में डायरेक्ट एंट्री दे दी जाएगी। इसकी तारीख 28 जून, 2021 तक की है।

इन 18 खिलाड़ियों के अलावा बाकिओं की कॉन्टिनेंटल रैंकिंग को भी देखा जाएगा और ऊपरी हिस्से के खिलाड़ी ओलंपिक में जगह बना पाएंगे। ऐसे में हर देश से हर भारवर्ग में एक ही खिलाड़ी आगे जा सकता है।

गिनती के तौर पर देखा जाए तो 73 देशों से 512 जूडोका तेल अवीव ग्रैंड स्लैम का हिस्सा होंगे।