FIH प्रो लीग से पहले भारतीय हॉकी टीम ने अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले को ड्रॉ किया

जहां वरुण कुमार ने भारत के लिए दो गोल दागे तो वहीं राजकुमार पाल और रुपिंदर पाल सिंह की स्टिक से एक-एक गोल आया। अब भारतीय हॉकी का सामना अर्जेंटीना के खिलाफ FIH प्रो लीग में होगा।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

अर्जेंटीना के दौरे पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को भी अभी तक कोई हरा नहीं पाया है। ब्यूनस आयर्स के CeNARD स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में खेले गए अपने दूसरे अभ्यास मुकाबले में भारत ने स्कोर को 4-4 से बराबर कर नतीजे को ड्रॉ रखा।

ओलंपिक चैंपियन अर्जेंटीना को भारत ने पहले अभ्यास मुकाबले में 4-3 से पस्त किया था और दूसरे मुकाबले में वे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरे थे।

अब भारतीय हॉकी का सामना अर्जेंटीना से 11 अप्रैल को एफआईएच प्रो लीग के दौरान होगा।

बुधवार को वरुण कुमार (7' और 44'), राजकुमार पाल (13') और रुपिंदर पाल सिंह (14') ने भारत के लिए शानदार गोल दागे तो वहीं लिएंड्रो टोलिनी (Leandro Tolini) (10'), लुकास तोस्कानी (Lucas Toscani) (23'), इग्नासियो ऑर्टिज़ (Ignacio Ortiz) (42') और लुकस (Lucas) (57') ने अपनी टीम के स्कोर को बढ़ोतरी प्रदान की।

पहले सत्र में भारत ने तीन गोल मार कर स्कोर बोर्ड को पूरी तरह से अपने हित में ले लिया था। मुकाबले के सातवें मिनट में मंदीप सिंह (Mandeep Singh) को एक पेनल्टी कॉर्नर भी मिला जिसका फायदा ड्रैगफ्लिकर वरुण कुमार (Varun Kumar).ने बखूबी उठाया।

अर्जेंटीना ने इसके तीन मिनट बाद ही प्रहार किया जिस वजह से लिएंड्रो टोलिनी को भी एक पेनल्टी कॉर्नर मिला और उन्होंने इस मौके को बुनते हुए गोल दागा और अपनी टीम को बराबरी पर ले आए।

मुकाबले की गति बढ़ गई थी और 13वें मिनट में राजकुमार पाल ने शानदार तरीके से गोल मारा और भारत को बढ़त हासिल करवा दी। इस गोल में उन्हें नेलाकांता शर्मा (Nilakanta Sharma) ने असिस्ट किया और यही करन रहा कि भारत के हां एक बार फिर बढ़त आ गई थी। इसके एक ही मिनट बाद रुपिंदर पाल सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर की मदद से एक और गोल मारा और अब भारत 3-1 से आगे चल रहा था। यह पेनल्टी कॉर्नर भारत को ललित उपाध्याय (Lalit Upadyay) की वजह से प्राप्त हुई थी।

दूसरे सत्र में अर्जेंटीना के लुकास तोस्कानी ने भारत की बढ़त को कम किया और मुकाबले में अपनी टीम की वापसी भी कराई।

इसके बाद अर्जेंटीना का खेल देखते ही बन रहा था और उनके मिडफील्डर इग्नासियो ऑर्टिज़ ने अहम गोल कर स्कोर को 3-3 से बराबर कर दिया। ऐसे में विजेता का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था।

अर्जेंटीना के धुआंधार प्रदर्शन से भारत के मनोबल पर कोई ख़ासा फर्क नहीं पड़ा। 44वें मिनट में वरुण ने भारतीय हॉकी टीम के स्कोर में बढ़ोतरी करवाई और अब 4-3 से भारत आगे निकल चुका था।

खेल अब आखिरी सत्र तक पहुंच चुका था और अर्जेंटीना को कम से कम स्कोर बराबर कर अपनी हार से पीछा छुड़ाना था। भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर कृषण पाठक (Krishan Pathak) ने शुरुआत में तो अपने खेल से अपने प्रतिद्वंदियों के हौंसले पस्त किए हुए थे लेकिन इस बार लुकस के घातक हमले को वह रोक न सके और यह मुकाबला 4-4 से ड्रॉ हो गया।