भारतीय ओलंपिक संघ ने COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में समर्थन का भरोसा दिया

राष्ट्रीय महासंघ के कई सदस्यों और राज्य से जुड़े लोगों ने भी अपने समर्थन का भरोसा दिया।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारतीय ओलंपिक संघ (Indian Olympic Association) ने आइसोलेशन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया और रविवार को COVID-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश के लिए अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता और समर्थन का आश्वासन दिया।

आईओए के महासचिव राजीव मेहता (Rajeev Mehta) ने एक विज्ञप्ति में कहा, "पिछले कुछ दिनों में हमें सुझाव मिलें हैं कि कोरोना वायरस महामारी के कारण वैश्विक संकट के इन दिनों में आईओए को भी अपना योगदान देना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "भारत सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन और इस संकट के प्रबंधन में शामिल अन्य विश्व संगठनों द्वारा जारी निर्देशों का महासंघ/ राज्य ओलंपिक संघ तल्लीनता से पालन कर रहे हैं।"

विज्ञप्ति में संबंधित निकायों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया और आइसोलेशन को प्रोत्साहित किया गया। यह महामारी के खिलाफ हमारे युद्ध की शुरुआत है, हम ये नहीं जानते हैं कि भविष्य में परिस्थितियां कैसी होंगी, हम सभी को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

IOA ने कहा, “हम आप सभी को आश्वस्त करते हैं, आईओए आगे आएगा और आप तक पहुंचेगा और सरकार, WHO, UNICEF और संबंधित निकायों द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और मानदंडों के अनुसार काम करेगा। इस बीच हमें आइसोलेशन का पालन करना होगा।”

IOA ने भी सोमवार को वित्तीय साधनों के मामले में COVID-19 के प्रकोप से लड़ने के लिए अपना समर्थन देने का वादा किया।

IOA के ट्विटर पेज पर पोस्ट किए गए बयान में सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स का आभार व्यक्त किया गया है और कहा गया है कि राष्ट्रीय संघ के कई सदस्य और राज्य अफिलिएट्स भी इस दौरान सहायता करेंगे।

आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, "हमारा ओलंपिक परिवार एक साथ है और हम खेल की सेवा करने और अपने देश को गौरवान्वित करने के लिए मजबूत बनेंगे।"

भारतीय एथलीटों ने अपने समर्थन की ली प्रतिज्ञा

भारत से कई खेल हस्तियों जैसे हिमा दास और खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले ही अपना समर्थन देने का वादा किया था।

निशानेबाज़ मनु भाकर - ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय हैं - उन्होंने भी अपने गृह राज्य हरियाणा में राहत कोष में योगदान देकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

भारत के शीर्ष पुरुष टेबल टेनिस स्टार साथियान गणानाशेखरन अपना समर्थन देने वाले अन्य खिलाड़ी थे।

छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम ने भी बैंक को लिखे एक पत्र में अपना समर्थन व्यक्त किया जहां उनका वेतन खाता बना हुआ है।

पत्र में लिखा था, “COVID-19 महामारी के मद्देनज़र, मैं अपने एक महीने के वेतन को पीएम राष्ट्रीय राहत कोष में दान करना चाहती हूं। इसलिए, कृपया मेरे खाते से 1,00,000 रुपए की राशि डेबिट करे।”

पिछले हफ्ते, बजरंग पूनिया (Bajrang Punia), पीवी सिंधु (PV Sindhu) और सानिया मिर्जा (Sania Mirza) ने पहले ही घोषणा की थी कि वे भारत के 21 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के बाद दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों के लिए राहत कोष में दान करेंगे।

COVID-19 महामारी ने दुनिया को एक ठहराव में ला दिया है और वैश्विक स्तर पर आधे मिलियन से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।