ओलंपिक चैंपियन बलबीर सिंह सीनियर के निधन पर भारतीयों की आँखें हुईं नम

बंटवारे से पहले पंजाब में जन्मे बलबीर सिंह दोसांज पहले ऐसे एथलीट थे जिन्होंने आईओसी की तरफ से आईकॉनिक ओलंपियन का सम्मान हासिल किया था।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

पूरे देश ने सोमवार को हॉकी के महान खिलाड़ियों में से एक बलबीर सिंह सीनियर (Balbir SIngh Senior) के निधन पर शोक जताया। 96 साल की उम्र में बलबीर सिंह ने चंडीगढ़ के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता, 1952 के ओलंपिक में भारत के ध्वजवाहक और 1956 के खेलों में टीम की कप्तानी करने वाले बलबीर सिंह ने 1975 में विश्व कप खिताब जीतने वाली भारतीय टीम के कोच भी रहे थे। ये भारतीय टीम द्वारा जीता गया एकमात्र विश्व कप भी है।

हॉकी इंडिया (Hockey India) ने इस महान एथलीट की महानता और सादगी पर ध्यान देते हुए पद्म श्री और मेजर ध्यानचंद लाइफ-टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष मोहम्मद मुश्ताक़ अहमद (Mohd Mushtaque Ahmad) ने एक बयान में कहा, "आजादी के बाद उनकी उपलब्धियों से दुनिया वाक़िफ़ है, बलबीर सिंह सीनियर खेल के सबसे बड़े फैन रहे हैं और हमेशा वह हमेशा मदद भी करते रहते थे, जहां भी उनकी सलाह की जरूरत होती थी।" ।

हॉकी इंडिया के महासचिव राजिंदर सिंह (Rajinder Singh) ने कहा, “अतीत की तरह उन्हें याद करना मुश्किल है क्योंकि हमारे लिए वो हमेशा से साथ थे। कोई भी किसी भी समय सलाह के लिए उन्हें कॉल कर सकता था, खेल के लिए उसकी भावना और प्रशंसा को भूला नही जा सकेगा। ”

नरेंद्र मोदी से लेकर अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) तक पूरे देश ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा आइकॉनिक ओलंपियन के सम्मान से सम्मानित एकमात्र भारतीय एथलीट के निधन पर शोक जताया।

संन्यास लेने के बाद भारतीय हॉकी टीम का कोच बनने के लिए बलबीर सिंह सीनियर का हमेशा से समर्थन पाने वाले भारतीय हॉकी के दिग्गज धनराज पिल्लै (Dhanraj Pillay) ने बलबीर सिंह सीनियर के निधन पर शोक जताने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेने वाले दिग्गजों में से एक थे।

हॉकी के दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों की वर्तमान और नई पीढ़ी के लिए अपनी अंतिम सांस तक एक मार्गदर्शक प्रकाश की तरह थे, जिन्होंने भारतीय हॉकी की स्थिति को सुधारने के लिए एक लंबा सफर तय किया है।

अन्य खेलों के कई एथलीटों ने भी बलबीर सिंह सीनियर के ओलंपिक प्रदर्शनों को सराहा, जो हॉकी के लिए कई दशकों तक दूसरों के लिए प्रेरणा बने रहे।

बलबीर सिंह सीनियर का अंतिम संस्कार सोमवार को शाम 5:30 बजे चंडीगढ़ के सेक्टर 25 के विद्युत शव दाह गृह में किया गया।