देश सेवा पर लौटे शीर्ष पिस्टल निशानेबाज़ जीतू राय

विश्व कप विजेता और एशियन गेम्स चैंपियन जीतू राय 2006 से भारतीय सेना का हिस्सा हैं। वह अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई करना चाहते हैं।

शीर्ष भारतीय निशानेबाज़ जीतू राय (Jitu Rai) ने 2016 ओलंपिक में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में आठवां स्थान हासिल किया था। अब उन्होंनें अपने नॉर्थ-ईस्ट आर्मी रेजिमेंट - 11 गोरखा राइफल्स के साथ एक बार फिर से राष्ट्रीय कर्तव्यों को निभाने का फैसला किया है। आपको बता दें कि उन्हें हाल ही में सूबेदार मेजर के तौर पर पदोन्नत किया गया है।

दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता, दो बार के ISSF वर्ल्ड कप विजेता और एक एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता जीतू राय 2006 से भारतीय सेना का हिस्सा हैं और उन्होंने वहीं पर प्रतिस्पर्धी शूटिंग के लिए प्रशिक्षण लेना शुरू किया था।

ग़ौरतलब है कि कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के बढ़ते प्रकोप की वजह से सभी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय इवेंट्स पर विराम लगा दिया गया था और अभी फिलहाल नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने केवल ओलंपिक संभावितों के लिए ही एक नेशनल कैंप का आयोजन किया है। ऐसे में जीतू राय ने इस समय का अच्छी तरह इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है।

जीतू राय ने स्पोर्टस्टार को बताया, “कहीं भी कोई भी खेल नहीं खेला जा रहा है। ऐसे में मैंने सोचा इस समय को क्यों बर्बाद किया जाए। यह सेना और देश की सेवा करने का सबसे अच्छा समय है। यह मेरे लिए खेल से कहीं अधिक मायने रखता है।”

इंदौर में अपने परिवार को छोड़कर जीतू राय कुछ सप्ताह पहले ही मणिपुर के अपने मिलिटरी बेस पर पहुंचे और ड्यूटी के लिए रिपोर्टिंग करने से पहले वह 21 दिनों तक क्वारंटीन रहे।

32 वर्षीय ने कहा, "चाहे वह खेल हो या सेना, मैं उसी तल्लीनता और एकाग्रता के साथ अपना काम करूंगा।"

आंखों में ज़िंदा है ओलंपिक का सपना

रियो 2016 में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित करने वाले इस निशानेबाज़ की फॉर्म में उसके बाद से काफी गिरावट देखी गई है। फिलहाल अभिषेक वर्मा (Abhishek Verma) और सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) भारत के लिए ओलंपिक पदक की नई उम्मीद के तौर पर उभरकर सामने आए हैं।

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स के स्वर्ण पदक के बाद नेशनल चैंपियनशिप और सेलेक्शन ट्रायल में उनके फॉर्म में गिरावट देखने को मिली और कुछ महीनों बाद उन्हें टोर्गेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) से भी हटा दिया गया।

जीतू राय किसी दिन ओलंपिक में शूटिंग करने का रख रहे लक्ष्य
जीतू राय किसी दिन ओलंपिक में शूटिंग करने का रख रहे लक्ष्यजीतू राय किसी दिन ओलंपिक में शूटिंग करने का रख रहे लक्ष्य

हालांकि, जीतू राय ने ओलंपिक को छोड़कर सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं और वह अभी भी ओलंपिक का सपना देखते हैं। इसीलिए वह सेना के शिविर में अपना प्रशिक्षण जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा, "मैंने कभी भी शूटिंग को नज़रअंदाज नहीं किया है। मैं अपनी बंदूक ले जा रहा हूं और हर दिन करीब एक या दो घंटे ड्राई फायरिंग की प्रैक्टिस करूंगा।”

जीतू राय ने पीटीआई से कहा, 'मैंने बहुत बुरा भी नहीं किया है और अभी भी एयर पिस्टल में मैं नेशनल रैंकिंग होल्डर हूं। मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं और मुझे भरोसा है कि मैं फिर से अच्छा प्रदर्शन कर सकूंगा। मैं राष्ट्रीय टीम में वापसी के लिए कड़ी मेहनत करूंगा और ओलंपिक का लक्ष्य रखूंगा।"

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