नेत्रा कुमानन और हर्षिता तोमर लॉकडाउन के बीच अपने सेलिंग के सपनों को दे रहीं पंख

दोनों ही सेलर नेत्रा कुमानन और हर्षिता तोमर को मार्च में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में शामिल होना था, जिसमें दो ओलंपिक कोटा दांव पर हैं।

भारतीय महिला सेलिंग का भविष्य और ओलंपिक उम्मीद नेत्रा कुमानन (Nethra Kumanan) और हर्षिता तोमर (Harshita Tomar) इस समय अपनी शारीरिक और मानसिक फ़िटनेस पर ध्यान दे रही हैं, क्योंकि इस लॉकडाउन ने उन्हें सेलिंग से दूरी बनाए रखने पर मजबूर कर दिया है।

ग़ौरतलब है कि कोरोना वायरस (COVID-19) के बढ़ते प्रकोप के बाद सभी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं को रोक दिया गया था, जिसमें अबू धाबी में 15 मार्च से शुरू होने वाली एशियन सेलिंग ओलंपिक क्वालिफायर भी शामिल है। इसके बाद हर्षिता तोमर भारत लौट आईं, तो वहीं नेत्रा कुमानन स्पेन के ग्रैन कैनारिया में अपने प्रशिक्षण केंद्र के लिए रवाना हो गईं।

हालांकि, लॉकडाउन की वजह से वे सेलिंग तो नहीं कर पा रही हैं लेकिन फिर भी दोनों एथलीट यह सुनिश्चित कर रही हैं कि जब भी वे एक सेलर के तौर पर पानी में उतरें तो बेहतर स्थिति में रहें।

नेत्रा कुमानन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, "हम रोज़ाना कार्डियो सेशन करते हैं। साथ ही संतुलन और समन्वय के सत्र भी आयोजित किए जाते हैं, जो कि किसी भी सेलर के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।”

अबू धाबी में होने वाली एशियन सेलिंग चैंपियनशिप में दो ओलंपिक कोटा दांव पर थे।
अबू धाबी में होने वाली एशियन सेलिंग चैंपियनशिप में दो ओलंपिक कोटा दांव पर थे।अबू धाबी में होने वाली एशियन सेलिंग चैंपियनशिप में दो ओलंपिक कोटा दांव पर थे।

लेजर रेडियल श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाली 17 वर्षीय हर्षिता तोमर के लिए 60 किलोग्राम से अधिक वजन हासिल करने की चुनौती है, जो उन्हें उनकी बोट पर आसानी से नियंत्रण रखने में मदद करती है।

हर्षिता तोमर ने द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, “जब मैंने एशियाड मेडल जीता तो मैं लगभग 47 किलोग्राम की थी, लेकिन उस बोट की सेल [पाल] अलग थी।”

भोपाल की इस किशोरी ने आगे कहा, “अब वे पाल बड़े हो गए हैं, जिसका मतलब यह है कि बोट को चलाने के लिए मुझे शारीरिक तौर पर मजबूत होना चाहिए।”

हर्षिता तोमर की मांसपेशियों में वृद्धि के लिए आहार को निर्धारित कर रहे कोच जीएल यादव का मानना है कि 2018 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता को अपनी नाव की आवश्यकता के मुताबिक लगभग 65 किलोग्राम वजन हासिल करना होगा।

जीएल यादव (GL Yadav) ने कहा, “उसे वजन बढ़ाने के साथ ही साथ मांसपेशियों की शक्ति को बढ़ाना होगा, जिससे कि वह सेल करते हुए हवा के दबाव का सामना कर सके।”

सेलिंग परफॉर्मेंस एंड डेवलपमेंट कमेटी (SPDC) के सदस्य ने बताया, “एक समर्पित फिजियोथेरेपिस्ट यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि वह आने वाले सभी इवेंट के लिए पूरी तरह फिट रहें।”

मानसिक तौर पर खुद को बना रहीं मज़बूत

इस साल की शुरुआत में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के दम पर सेलिंग विश्व कप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने वाली नेत्रा कुमानन अब जल्द ही सेलिंग शुरू करने की उम्मीद कर रही हैं।

उन्होंने कहा, “मैं पानी में वापस लौटने का इंतजार नहीं कर सकती”।

22 वर्षीय कुमानन इस समय मानसिक तौर पर खुद को मजबूत रखने के लिए मनोवैज्ञानिक के सुझाव ले रही हैं।

उन्होंने कहा, “सोम ब्रोकमैन को पहले ही सेलर्स के साथ काम करने का अच्छा अनुभव है और यह एक बहुत ही अच्छी बात है। मैंने तमिलनाडु सेलिंग एसोसिएशन (TNSA) और परिवार के सदस्यों के साथ अपने दोस्तों के संपर्क में रहना सुनिश्चित किया है।”

दूसरी ओर युवा हर्षिता तोमर यॉचिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (YAI) द्वारा आयोजित ऑनलाइन कक्षाओं में नियमित रूप से हिस्सा ले रही हैं, जहां पोलिश कोच टॉमस जानुस्ज़ेस्की सेलिंग से संबंधित हर जरूरी पहलू पर बात करते हैं।

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