फाइनल में शरत कमल को हराकर साथियान ने पहली बार जीता नेशनल खिताब

साथियान गणानाशेखरन ने राष्ट्रीय टीटी चैंपियनशिप के फाइनल में छह गेमों तक चले रोमांचक मुक़ाबले में दिग्गज खिलाड़ी अचंता शरत कमल को हराया।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran) ने मंगलवार को 82वीं सीनियर नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप में अपना पहला खिताब जीता, उन्होंने फाइनल में शानदार प्रदर्शन किया और अपने सीनियर खिलाड़ी को हराकर ये उपलब्धि अपने नाम की।

विश्व के 37वें नंबर के खिलाड़ी सथियान ने तीन बार के ओलंपियन अचंता शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) को 11-6, 11-7, 10-12, 7-11, 11-8, 11-8 से हराया। इस तरह उन्होंने शरत कमल को 10वें खिताब जीतने से रोक दिया।

शरत कमल ने पहले छह-गेम के सेमीफाइनल में मानव ठक्कर (Manav Thakker) को हराया था। फाइनल मुक़ाबले में वो अपनी लय को तलाशते नज़र आए और उनके शॉट्स भी सटीक नहीं लग रहे थे।

इसकी वजह से साथियान को फायदा हुआ और उन्होंने पहले दो गेम में अपने शॉट्स के साथ क्रॉस-कोर्ट शॉट्स के जरिए शानदार जीत दर्ज की।

दुनिया के 32वें नंबर के खिलाड़ी शरत कमल ने तीसरे गेम में वापसी की और अपने कुछ ट्रेडमार्क शॉट लगाने शुरू किए हालांकि साथियान ने भी कुछ शानदार रिटर्न्स दिए लेकिन शरत कमल के खिलाफ वो नाकाफी साबित हुए।

तीसरे गेम को जीतने के बाद शरत कमल ने चौथे गेम में अपना आत्मविश्वास वापस हासिल कर लिया और साथियान को कई गलतियां करने पर मजबूर कर दिया। इस तरह मैच दो दो की बराबरी पर आ गया।

पांचवें गेम में साथियान ने टेबल के बीच से सर्विस करने का फैसला किया जो आगे चलकर सही साबित हुआ। टॉपस्पिन और बैकस्पिन की सर्विस ने शरत कमल को काफी परेशान किया।

हालांकि अनुभवी ओलंपियन खिलाड़ी मुक़ाबले में बने हुए थे, 8-6 के स्कोर पर साथियान दो अंकों से आगे चल रहे थे। साथियान ने अपनी लय बरकरार रखी और पांचवां गेम जीतकर मुक़ाबले में भी आगे हो गए।

छठे गेम में साथियान ने असाधारण टेबल टेनिस खेला और शरथ कमल के साथ कई रैलियां खेलीं। उन्होंने टेबल पर शरत के सारे सवालों के जवाब दिए और गेम के साथ खिताब भी अपने नाम कर लिया।

ये साथियान गणानाशेखरन का पहला नेशनल खिताब था, ऐसे में उनके लिए उत्साहपूर्ण क्षण था। इससे पहले वो तीन बार नेशनल चैंपियनशिप के सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचे थे। इस बार वो दृढ़ इरादों के साथ उतरे और खिताब पर कब्जा करने के लिए पूरी जोर लगा दी।