कोरोना वायरस से निपटने के बाद स्पोर्ट्स ही दुनिया को पटरी पर लाएगा - अभिनव बिंद्रा

दिग्गज भारतीय शूटर अभिनव बिंद्रा का मानना है कि इस समय भारत को बुनियादी संरचना को बेहतर करना चाहिए।

ओलंपिक गेम्स में भारत की ओर से पहला और अभी तक इकलौता व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) का मानना है कि कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी ख़त्म हो जाने के बाद खेल इस दुनिया को पहले जैसा करने में एक अहम भूमिका निभाएगा।

वर्ल्ड वॉर-II के बाद भी खेल ने एक सकरात्मक भूमिका निभाई थी। हालांकि यह सब तभी मुमकिन है जब हालात बेहतर हो जाएंगे। । यह कहना गलत नहीं होगा कि आम ज़िंदगी में खेल-कूद का एक अलग ही महत्व होता है और स्थिति के सुधरने के बाद इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

इसी विषय पर धुरंधर खिलाड़ी ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) से बातचीत के दौरान कहा कि, “स्पोर्ट्स सरहदों को मिटाने का काम करता है और करोड़ो लोगों को एक साथ जोड़ता है। मुझे लगता है कि अगले कुछ महीनों में सभी को जीवन के सुधार कार्य के बारे में सोचना चाहिए और जब खेल शुरू होगा तब वे सबको सकारात्मक रहने में मदद करेगा।”

अभिनव बिंद्रा का मानना है कि COVID-19 के बाद खिलाड़ियों को  ट्रेनिंग के साधन प्रदान करना मुश्किल कार्य हो सकता  है। फोटो क्रेडिट:  GoSports Foundation
अभिनव बिंद्रा का मानना है कि COVID-19 के बाद खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के साधन प्रदान करना मुश्किल कार्य हो सकता है। फोटो क्रेडिट: GoSports Foundationअभिनव बिंद्रा का मानना है कि COVID-19 के बाद खिलाड़ियों को ट्रेनिंग के साधन प्रदान करना मुश्किल कार्य हो सकता है। फोटो क्रेडिट: GoSports Foundation

भारत को उठाना चाहिए मौक़े का फ़ायदा

बिंद्रा का मानना है कि अब जब अंतर्राष्ट्रीय खेल रुका हुआ है तो ऐसे में भारत को अपने खेमे को और मज़बूत बनाने का मौका मिल गया है। खिलाड़ियों के साथ उनके कोचिंग स्टाफ को भी बेहतर किया जा सकता है।

दिग्गज खिलाड़ी ने आगे कहा “एक बार जब कोरोना वायरस के बाद सब शुरू होगा तब भारत के लिए वह स्थिति अच्छी साबित हो सकती है। हो सकता है कि बाहरी खिलाड़ियों के साथ मुकाबले कम हों तो ऐसे में भारतीय शूटिंग संरचना को और भी सुधारा जा सकता है और उनके कोचिंग स्टाफ को भी बेहतर किया जा सकता है।‘

ऑनलाइन सेशन के दौरान बिंद्रा ने असिसटेंट डायरेक्टर और बाकी वरिष्ठ अधिकारियों से बात करते हुए खिलाड़ियों के अतिरिक्त कौशल को बेहतर करने की सलाह दी ताकि आने वाले समय में वे मज़बूती के साथ आगे बढ़ सकें।

 इस दिग्गज शूटर ने आगे कहा, “हमे खिलाड़ियों पर और ज़्यादा काम करना होगा क्योंकि खेल एक ऐसी चीज़ हैं जहां नाकामयाबी, कामयाबी से ज़्यादा होती है। खिलाड़ियों के किसी और कौशल पर भी काम करना चाहिए ताकि अगर उनका स्पोर्ट्स करियर नहीं चलता तो वे और भी कुछ कर सकें।”

भारत में फिलहाल लॉकडाउन की स्थिति है और भविष्य में कोई खेल गतिविधि होती भी नहीं दिख रही। ऐसे में खिलाड़ियों को उनका मनोबल ऊंचा रखने में मदद की ज़रूरत हो सकती है और इसके लिए ऑथरिटी को आगे बढ़ कर उन्हें वह मदद प्रदान करनी होगी।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए इस ओलंपिक चैंपियन ने आगे कहा, “खेल का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है और ऐसे में एसोसिएशन और खिलाड़ियों को पैसों की कमी भी आ सकती है। यह एक समस्या है जिसका समाधान निकालना चाहिए ताकि खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा रहे।”

ग़ौरतलब है कि कोरोना वायरस के चलते ओलंपिक गेम्स और कई चैंपियनशिप को स्थगित कर दिया गया है और अब स्थिति सुधरने पर ही आगे कुछ कहा जा सकता है।

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