जानिए कैसे हुई भारतीय शूटर अभिषेक वर्मा और सौरभ चौधरी की दोस्ती  

दोनों के बीच 12 साल की उम्र का अंतर होने के बावजूद, भारतीय पिस्टल निशानेबाज़ अभिषेक वर्मा और सौरभ चौधरी शाकाहारी भोजन को पसंद करने की वजह से अच्छे दोस्त बने हैं।

अभिषेक वर्मा (Abhishek Verma) का मानना है कि उनके और भारतीय निशानेबाज़ सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) की घनिष्ट मित्रता के पीछे का रहस्य ‘शूटिंग और शाकाहारी भोजन से प्यार’ है।

अभिषेक वर्मा और सौरभ चौधरी दोनों ही भारत के शीर्ष 10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाज़ हैं और उन्हें टोक्यो ओलंपिक में पदक के लिए भारत की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा है।

एक ही इवेंट के शूटर होने के बावजूद, अभिषेक वर्मा कहते हैं कि उनकी दोस्ती में एक ही इवेंट का पेशेवर खिलाड़ी होना कोई वजह नहीं है, जो चौधरी के साथ उनकी दोस्ती को गहरी करता है। इस दोस्ती में भोजन की एक जैसी पसंद की बड़ी भूमिका रही है।

“सौरभ और मैं अच्छे दोस्त हैं। हम दोनों शाकाहारी भोजन करते हैं। इसलिए, जब भी हम विदेश यात्रा करते हैं, हम दोनों एक साथ शाकाहारी भोजन के लिए जाते हैं। इस चीज ने हमारी दोस्ती को और गहरा किया है।

Saurabh Chaudhary (left) and Abhishek Verma (right) are two of India's best men's pistol shooters currently
Saurabh Chaudhary (left) and Abhishek Verma (right) are two of India's best men's pistol shooters currentlySaurabh Chaudhary (left) and Abhishek Verma (right) are two of India's best men's pistol shooters currently

दो बार के ISSF विश्व कप के स्वर्ण पदक विजेता अभिषेक वर्मा ने भी कहा, "जब चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में पारंपरिक शाकाहारी भोजन आना मुश्किल है, तो सबवे के वेज सैंडविच हमारी भूख को शांत करने के काम आते हैं।"

रूममेट्स के बाद बने अच्छे दोस्त

संयोग से दोनों निशानेबाजों ने जकार्ता में 2018 एशियाई खेलों में सीनियर सर्किट पर पदार्पण किया।

इस आयोजन के दौरान दोनों एक ही कमरे में थे और अभिषेक वर्मा, सौरभ से 12 साल बड़े होने के बावजूद दोनों के खेल के प्रति प्यार ने इस अंतर को खत्म कर दिया।

अभिषेक वर्मा ने कहा, “सौरभ और मैं 2018 एशियाई खेलों के दौरान रूममेट थे। ये मेरा पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय इवेंट था। सौरभ ने जूनियर लेवल पर बड़े इवेंट्स में खेला था लेकिन सीनियर लेवल पर यह उनका पहला इवेंट था।”

“अब, जब भी हम बात करते हैं तब हम अपने खेल पर चर्चा करते हैं। हम इस बारे में बात करते हैं कि क्या गलत हुआ और क्या सुधार किया जा सकता है। हमारे ट्रेनिंग के दौरान भी हम एक-दूसरे की मदद करते रहते हैं।

व्यवहारिक रुप से है मिलनसार

नतीजों पर नज़र डाले, तो दोनों ने 2018 के बाद से अंतरराष्ट्रीय इवेंट में एक जैसा प्रदर्शन किया है।

जहां  2018 एशियाई खेलों में सौरभ चौधरी ने स्वर्ण और अभिषेक वर्मा ने कांस्य पदक जीता, तो वहीं ये परिणाम 2019 में रियो डी जनेरियो में हुए ISSF विश्व कप में बदल गया।

इस दौरान सौरभ ने नई दिल्ली और म्यूनिख में आयोजित 2019 ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीते, जबकि अभिषेक वर्मा ने बीजिंग में विश्व कप में जीत दर्ज की।

30 वर्षीय वर्मा बताते हैं कि इवेंट्स में एक दूसरे को बाहर करने के लिए कोई विशेष प्रतिस्पर्धा नहीं होती, लेकिन ट्रेनिंग के दौरान दोस्ताना प्रतिस्पर्धा दोनों के बीच असामान्य नहीं है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि, "हम ट्रेनिंग के दौरान छोटे दांव-पेंच का इस्तेमाल करते हैं, जैसे दूसरे दोस्तों की बीच होती रहती है।"

अभिषेक वर्मा अपना जन्मदिन 1 अगस्त को मनाते हैं, इसके एक दिन पहले संयोग से भारत में फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।

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