भारतीय शूटर अंजुम मोदगिल और शटलर अजय जयराम ने कैनवास पर बिखेरे रंग

जहां शटलर अजय जयराम ने पेंटिंग कर आनंद लिया वहीं अंजुम मोदगिल ने आर्ट वर्क को बेच कर चैरिटी की।

भारतीय ज़मीन से निकली शूटर अंजुम मोदगिल (Anjum Moudgil) ओलंपिक गेम्स में जगह बनाने की पूरी कोशिश कर रही हैं और दूसरी ओर बैडमिंटन दुनिया के दिग्गज अजय जयराम (Ajay Jayaram) ने 10 सालों तक दर्शकों का मनोरंजन किया है। अब जब हर चीज़ कोरोना वायरस (COVID-19) की वजह से रुक गई है तो ऐसे में इन दोनों ही खिलाड़ियों के शौंक कुछ मिलते जुलते दिखाई दे रहे हैं।

दोनों ही एथलीटों को खाली कैनवास को अपनी पेंटिंग की कला से भरना अच्छा लगता है। लगभग तीन महीनों से घर में रह रहे शूटर और शटलर इसी तरह से अपना समय व्यतीत कर रहे हैं।

ओलंपिक चैनल से बातचीत के दौरान अजय जयराम ने बताया “एक तरह से यह मेरे रोज़मर्रा के कामों पर ब्रेक लगाता है। मैं कई सालों से पेंटिंग कर रहा था और अब दोबारा इसे कर रहा हूं। इस लॉकडाउन में यह आदत अब हर हफ्ते की हो गई है। मुझे लगता है कि मैंने अपने कौशल को और ज़्यादा पॉलिश कर लिया है। इसमें मज़ा आता है।

इस समय चंडीगढ़ में रह रही अंजुम मोदगिल भी कुछ इसी तरह अपने कौशल को कैनवास पर उतार रही हैं। माना जाता है कि लहभग हर टूर पर यह शूटर अपने रंग और ब्रश को ले जाती हैं, तो ऐसे में उनके लिए यह समय एक सुनहरा समय है।

अंजुम मोदगिल ने जीता दिल

इस बार अंजुम ने अपने कैनवास के ज़रिए कैंसर से पीड़ित लोगों की ज़िन्दगी में रंग भरे हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए इंटरव्यू में शूटर ने बताया “मेरी माँ एक अध्यापिका हैं और उनके स्कूल में एक और टीचर के बेटे को कैंसर है। ऐसे में मैंने अपने आर्ट वर्क को बेच कर उसकी मदद करने की कोशिश की है। मैं शूटिंग के दौरान अपने पास कुछ डायरीज़ रखती हूं और अब मैंने देखा की मेरे पास काफी खाली डायरीज़ हैं तो में उसे बेचने के लिए ग्राहक के हिसाब से सजाती हूं।”

एक ऐसी शूटर जो हर दौरे पर बंदूक़ के साथ साथ ब्रश भी ले जाती हैं, ख़ाली समय में अब वही ब्रश अंजुम मोदगिल कैनवास पर चला रही हैं। तस्वीर साभार: अंजुम मोदगिल 
एक ऐसी शूटर जो हर दौरे पर बंदूक़ के साथ साथ ब्रश भी ले जाती हैं, ख़ाली समय में अब वही ब्रश अंजुम मोदगिल कैनवास पर चला रही हैं। तस्वीर साभार: अंजुम मोदगिल एक ऐसी शूटर जो हर दौरे पर बंदूक़ के साथ साथ ब्रश भी ले जाती हैं, ख़ाली समय में अब वही ब्रश अंजुम मोदगिल कैनवास पर चला रही हैं। तस्वीर साभार: अंजुम मोदगिल 

फ़िलहाल भारत में लॉकडाउन को लेकर कुछ रियायतें है लिहाज़ा कुछ खिलाड़ियों को बाहर जा कर ट्रेनिंग करने का अवसर मिला है और इसमें अजय जयराम का नाम भी शामिल है।

बेंगलुरु में अनूप श्रीधर से ट्रेनिंग ले रहे शटलर ने कहा “कोर्ट पर खेले हुए मुझे 2-3 महीने हो गए हैं। लय में आना जितना मुश्किल लग रहा था वह उससे आसान रहा। मैं अपनी फिटनेस पर भी काम कर रहा था। आगे की प्रक्रिया मैं धीरे कर रहा हूं। अब जब किसी भी प्रतियोगिता के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो ऐसे में खुद को ज़्यादा पुश करना भी सही नही है।”

राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (National Rifle Association of India, NRAI) ने शूटिंग की गतिविधियों को जुलाई तक के लिए रोक दिया है तो ऐसे में अंजुम मोदगिल अपने घर के पीछे ही ट्रेनिंग कर रही हैं।

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