अम्फ़ान तूफ़ान के बाद शूटर आयुषी पोद्दार फिर बढ़ चलीं हैं अपनी मंज़िल की तरफ़

साइकलोन के आने पर युवा शूटर आयुषी पोद्दार ने सबसे पहले अपने शूटिंग के उपकरणों को बचाया और अब उन्होंने ट्रेनिंग शरू कर दी है। 

जहां एक तरफ कोरोना वायरस (COVID-19) का कहर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है वहीं एक सप्ताह पहले पूर्वी भारत में अम्फान नाम के साइकलोन ने तबाही मचाई थी। ऐसे में कुछ लोगों को अपने गांव छोड़ने पड़े तो कईयों को अपने घरों में बंद रहना पड़ा था। कोलकाता की शूटर आयुषी पोद्दार (Ayushi Podder) का सामना जब बवंडर से हुआ तो उन्होंने सबसे पहले अपने शूटिंग के उपकरणों को बचाया फिर किसी और चीज़ के बारे में सोचा।

इन सभी कठिनाइयों को झेलने के बाद इस 19 वर्षीय भारतीय शूटर ने एक बार फिर खेल की दुनिया में कदम रख लिए हैं। उनके पिता और अभी के उनके कोच पंकज पोद्दार (Pankaj Podder) जो ख़ुद एक नेशनल शूटर हैं, उन्होंने सपोर्टस्टार से बीतचीत के दौरान कहा “आयुषी ने घर पर अभ्यास करना शुरू कर दिया है। कभी कभी हम नीचे रेंज में जाकर अभ्यास करते हैं और ऐसे में आयुषी को भारी किट बैग उठाकर 4 माहले उतरने पड़ते हैं।”

आयुषी पोद्दार अपने पिता पंकज के साथ ट्रेनिंग करते हुए। तस्वीर साभार: आयुषी पोद्दार/फ़ेसबुक
आयुषी पोद्दार अपने पिता पंकज के साथ ट्रेनिंग करते हुए। तस्वीर साभार: आयुषी पोद्दार/फ़ेसबुकआयुषी पोद्दार अपने पिता पंकज के साथ ट्रेनिंग करते हुए। तस्वीर साभार: आयुषी पोद्दार/फ़ेसबुक

अम्फान के कहर से आयुषी ने शूटिंग उपकरणों को तो बचा लिया लेकिन अपने कुछ जूतों और कपड़ों को नहीं बचा पाईं। यह युवा शूटर जो कि 50 मीटर राइफल इवेंट में भाग लेती हैं वह पिछले कुछ महीनों से अच्छी लय में नज़र आ रही थी। ओलंपिक ट्रायल्स के दौरान इस खिलाड़ी ने 1174 के उम्दा अंकों को प्राप्त कर अपनी फॉर्म को दर्शाया था।

इतना ही नहीं, खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 10 मीटर राइफल इवेंट में आयुषी मिक्स्ड टीम का हिस्सा रही थी और उनके हाथ इस बार गोल्ड मेडल लगा था। इसके बाद इसी प्रतियोगिता में उन्होंने 3 पोज़ीशन कैटेगरी में सिल्वर मेडल पर अपने नाम की मुहर लगाई थी। इतनी कम उम्र में इस खिलाड़ी ने अपनी तकनीक से सभी का मन मोह लिया है और यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय शूटिंग का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।

शूटिंग से आयुषी पोद्दार का परिचय उनके पिता पंकज पोद्दार ने ही कराया था और वह कोलकाता में ही एक शूटिंग अकादमी चलाते हैं जिसका नाम है ‘बुल्स आई’ (‘Bull’s Eye’) । मेहुली घोष (Mehuli Ghosh) जो कि यूथ ओलंपिक गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं उन्होंने भी पंकज पोद्दार की अकादमी में ही ट्रेनिंग ली थी।

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