भरतीय सनसनी मनु भाकर युवा ब्रिगेड का करेंगी नेतृत्व

अब तक मनु भाकर ने अपने तीन साल के करियर में चार व्यक्तिगत स्वर्ण पदक और छह मिश्रित टीम स्वर्ण पदक जीते हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

एक सैन्य परिवार में जन्मी मनु भाकर (Manu Bhaker) के दादा राजकरन साहेब ने 1962 और 1971 के बीच एक सैनिक के रूप में तीन युद्ध लड़े। हरियाणा की मनु भाकर को शूटिंग में अपना करियर बनाने का विचार शायद यहीं से आया।

हालांकि, इससे पहले कि वो इस खेल को अपनाती उससे पहले मनु भाकर ने ह्येन लैंग्लोन, फॉर्म मार्शल आर्ट्स, मुक्केबाजी, टेनिस और स्केटिंग में अपने हाथ आजमाए, जिनमें से कुछ में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी पदक हासिल किए।

मर्चेंट नेवी में मुख्य इंजीनियर के पद पर काम करने वाले मनु भाकर के पिता ने ही पहली बार उनकी प्रतिभा को पहचाना और अपनी बेटी को शूटिंग के लिए 1,50,000 रुपये देने का फैसला किया। लगभग 16 साल की मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल में बेहतरीन प्रदर्शन कर तुरंत उस पैसे को हासिल भी कर लिया।

मनु भाकर मैक्सिको में आयोजित 2018 अंतर्राष्ट्रीय शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) में सबसे कम उम्र की भारतीय स्वर्ण पदक जीतने वाली शूटर बनी। उसी वर्ष गोल्ड कोस्ट के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने अपनी पहली उपस्थिति दिखाई, जहां मनु भाकर ने महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के लिए 240.9 अंक का CWG रिकॉर्ड स्कोर बनाया।

2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद, एशियाई खेलों के 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रिकॉर्ड स्कोर बनाते हुए स्वर्ण हासिल किया। देखते ही देखते हरियाणा के गोरिया गाँव की ये छोरी अचानक मीडिया की सुर्ख़ियाँ बन गई। जिसके बाद देश को टोक्यो ओलंपिक में एक और उम्मीद की किरण नज़र आने लगी।

पहली बार में हासिल की सफलता

मनु भाकर को 2017 के एशियन जूनियर चैंपियनशिप में पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता का स्वाद मिला, जहाँ उन्होंने रजत पदक जीता था, और ये सिर्फ शुरुआत थी।

उसी वर्ष मनु भाकर ने केरल में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में धमाकेदार प्रदर्शन कर नौ पदक हासिल किए, उन्होंने 242.3 अंकों के साथ अनुभवी विश्व कप पदक विजेता हीना सिद्धू (Heena Sidhu) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।

उसके बाद हरियाणा की इस युवा खिलाड़ी को कोई रोक नहीं पाया, जहां उनका 2018 में बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन जारी रहा। ISSF मैक्सिको विश्व कप में महिलाओं के 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में स्थानीय फेवरेट अलेजांद्रा ज़वाला (Alejandra Zavala) का सामना करना था, जिसके बाद मनु भाकर ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया।

टूर्नामेंट में भारतीय शूटिंग सनसनी ने दो बार के चैंपियन को 0.4 के अविश्वसनीय अंतर से हराकर बाहर कर दिया, इस तरह वो ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गईं।

मनु भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में चार और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में छह स्वर्ण पदक जीते हैं

अपने पहले यूथ ओलंपिक में ही गोल्ड पर लगाया निशाना

व्यक्तिगत स्पर्धा में अपनी सफलता के बाद मनु भाकर ने युगल स्पर्धा में भी उसी सफलता को दोहराया। उनकी ज़िंदगी में सफलता की बारिश शुरू हो चुकी थी, उन्होंने हमवतन ओम प्रकाश मिथरवाल (Om Prakash Mitharval) के साथ गुआडलजारा में 2018 विश्व कप के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।

ब्यूनो आयर्स में आयोजित हुए 2018 यूथ ओलंपिक में मनु भाकर न केवल पहली निशानेबाज थी, बल्कि भारत की पहली महिला एथलीट थी जिसने इस आयोजन में स्वर्ण पदक जीता था। जैसे-जैसे साल आगे बढ़ रहा था मनु भाकर भी तेज़ी से आगे बढ़ रही थीं। जिससे ये साबित हो रहा था इस युवा सनसनी शूटर के लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है।

मनु भाकर की असाधारण प्रतिभा का प्रमाण 2019 में देखने को मिला, जब अपने अच्छे फॉर्म में न होने के बावजूद, वो 14वीं एशियन चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं, साथ ही साथ उन्होंने इसी साल चीन के पुतिन में एयर पिस्टल ISSF विश्व कप के फाइनल जीत हासिल कर स्वर्ण पदक जीता।

मई 2019 में आयोजित ISSF म्यूनिख विश्व कप में चौथे स्थान पर रहने के बाद 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना उनके लिए आसान काम था।

ब्यूनस आयर्स से पहले मनु भाकर ने जीते पदक

अर्जेंटीना जाने से पहले युवा निशानेबाज़ ने वो कर दिखाया, जो कोई भी भारतीय न...

सौरभ चौधरी के साथ मिलकर मनु भाकर ने जारी रखा स्वर्णिम दौर

मनु भाकर के पहले मिश्रित टीम पार्टनर ओम प्रकाश मिथरवाल ISSF नई दिल्ली विश्व कप में प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ रहे थे, जिसके बाद भारतीय कोच ओलेग मिखाइलोव (Oleg Mikhailov) ने युवा सौरभ चौधरी के साथ मनु भाकर की जोड़ी बनाने का फैसला किया। और ये एक नए युग की शुरुआत थी।

भारतीय निशानेबाज़ मनु भाकर और सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) पहली बार जोड़ी बना रहे थे, लेकिन घबराहट की कोई बात नहीं थी क्योंकि उन्होंने अपने ISSF नई दिल्ली विश्व कप मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक शानदार अंदाज में अपने नाम किया।

सौरभ चौधरी के शानदार प्रदर्शन ने भारत की मिश्रित टीम की जोड़ी को अविश्वसनीय सफलता दिलाई, जहां उन्होंने मार्च में चीनी ताइपे में 12वीं एशियन एयरगन चैंपियनशिप में अपना दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया।

उन्होंने ISSF बीजिंग वर्ल्ड कप में चीन के जियांग रानक्सिन (Jiang Ranxin ) और पंग वेई (Pang Wei) को हराकर और ISSF म्यूनिख वर्ल्ड कप में जीत हासिल कर अपना स्वर्णिम दौर जारी रखा। इस तरह भारत की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम ने लगातार तीन विश्व कप स्वर्ण पदक जीते।

मनु से भारत को पदक की उम्मीद?

अपने करियर में अब तक मनु भाकर ने अपने पसंदीदा 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में चार और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में छह स्वर्ण पदक जीते हैं। हालांकि कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण ये भारतीय शूटर फ़िलहाल सेल्फ़ आइसोलेशन पर है।

युवा शूटर मनु भाकर अपनी प्रतिभा को और निखार कर बुलंदियों को छू सकती हैं। और अगर वो इतने कम उम्र में अपने करियर में इतने पदकों की झड़ी लगा सकती हैं तो वो निश्चित रूप से अपने देश को खेल के सबसे बड़े मंच ओलंपिक में गौरवान्वित भी कर सकती हैं।