कोरोना वायरस को हराने के लिए भारतीय ओलंपिक बाउंड शूटरों को खेल मंत्रालय घर में ही सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराएगा

भारतीय स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री यह पुख्ता कर लेना चाहती है कि ओलंपिक में जाने वाले शूटरों को अभ्यास के लिए सभी सामग्री और सुविधाएँ दी जा सकें।

लेखक जतिन ऋषि राज ·

कोरोना वायरस (COVID-19) की स्थिति को देखते हुए भारतीय खेल मंत्रालय ने तय किया है कि वह भारतीय शूटरों गोला बारूद और लक्ष्य उनके घर पर ही मुहैया करेंगे ताकि वह पास की रेंज में ही शूटिंग की ट्रेनिंग कर सकें।

ज़्यादातर शूटर दिल्ली या नेशनल कैपिटल रीजन की ओर रहते हैं और लगभग सभी ने ही जुलाई के अंत में डॉ कर्णी सिंह रेंज खुलने के बाद से ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। हालांकि ऐसी स्थिति में इंटर-स्टेट यानी दिल्ली से बाहर रह रहे शूटर दिल्ली तक नहीं पहुंच पाए और ऐसे में उनकी ट्रेनिंग की शुरुआत भी नहीं हो पाई।

यूनियन स्पोर्ट्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू (Kiren Rejiju) ने कर्णी सिंह रेंज में खुद जा कर उसे देखना चाहा ताकि वह हर तरह से भारतीय शूटरों की समस्या का हल ढूंढ सकें। रिजिजू ने इस विषय पर बात करते हुए कहा “यह महत्वपूर्ण है और ख़ास तौर से ओलंपिक में खेलने वाले एथलीटों के लिए अपनी ट्रेनिंग करना तो बहुत ज़रूरी हैं। चाहे वह देश के किसी भी हिस्से में क्यों न हों।”

“चाहे वह कर्णी सिंह शूटिंग रेंज तक आ नहीं सकते या कोरोना वायरस की वजह से बाकी किसी अकादमी में नहीं जा सकते। ऐसे में ज़्यादातर खिलाड़ियों ने अपने घर के पास या अपने घर की रेंज में ही अभ्यास करना शुरू कर दिया है।”

किरेन रिजिजू ने आगे कहा “हम यह पुख्ता कर लेना चाहते हैं कि बारूद या किसी और सुविधा की वजह से उनकी ट्रेनिंग में कोई खलल न पड़े।”

खेल मंत्री किरेन रिजिजू डॉ कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में शूटरों से बातचीत करते हुए। तस्वीर साभार: SAI

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (National Rifle Association of India – NRAI) ने कुछ समय पहले ओलंपिक के ग्रुप के साथ कैंप लगाना चाहा लेकिन भारत में कोरोना के बढ़ रहे मामलों की वजह से उन्हें अपने प्लान को बीच में ही छोड़ना पड़ा।

ग़ौरतलब है कि भारत के कुछ मुख्य शूटर जिनमें मनु भाकर (Manu Bhaker) (पिस्टल), संजीव राजपूत (Sanjeev Rajput) (राइफल), अनीश भानवाला (Anish Bhanwala) (पिस्टल), शीराज़ शेख (Sheeraz Sheikh) (शॉटगन) मेराज एहमद खान (Mairaj Ahmad Khan) (शॉटगन) पिछले कुछ हफ़्तों से दिल्ली में ट्रेनिंग कर रहे हैं।

यह तो बात रही उन खिलाड़ियों की जो अपनी ट्रेनिंग में व्यस्त हैं लेकिन कुछ ऐसे शूटर भी हैं जिनसे टोक्यो 2020 में भारत उम्मीदें तो लगाए बैठा है लेकिन वह अपनी ट्रेनिंग की शुरुआत ज़ोरो से नहीं कर पा रहे हैं। उन शूटरों ने नाम हैं: अंजुम मोदगिल (Anjum Moudgil) (राइफल), अपूर्वी चंदेला (Apurvi Chandela) (राइफल), सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) (पिस्टल), अभिषेक वर्मा (Abhishek Verma) (पिस्टल) और इलावेनिल वालारिवन (Elavenil Valarivan) (शूटिंग)। हालांकि स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री द्वारा हालातों को सुधारने की होड़ इन खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग शुरू करने में मदद कर सकती है।

अनीश भानवाला ने इस विषय पर बात करते हुए कहा “अगर हमे हमारे घर नज़दीक की रेंज के लिए बारूद मिल जाता है तो यह न केवल हमे कोरोना वायरस से सुरक्षित रखेगा बल्कि इसकी वजह से हम अपनी ट्रेनिंग में ज़्यादा समय लगा सकते हैं।”

“मैं जानता हूं कि जो शूटर दिल्ली में नहीं रहते उन्हे इस कार्य से बहुत फायदा होने वाला है। इससे हम अपनी ओलंपिक ट्रेनिंग को जारी रखेंगे।”

अब जब 2020 में कोई इंटरनेशनल प्रतियोगिता नहीं है तो ऐसे में सभी भारतीय शूटरों का लक्ष्य 2021 सीज़न पर हैं जिसमें आईएसएसएफ़ वर्ल्ड कप (ISSF World Cup) भी है। ग़ौरतलब है कि यह वर्ल्ड कप नई दिल्ली में मार्च के महीने में प्रस्तावित है।