ओलंपिक खेलों से एक साल पहले भारतीय निशानेबाज़ों ने की ट्रेनिंग में वापसी

COVID-19 महामारी की वजह से लगे चार महीने के विराम के बाद 32-सदस्यीय शूटिंग दल 1 अगस्त से प्रतिस्पर्धी रूप से प्रशिक्षण शुरू करेगा।

नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) द्वारा टोक्यो ओलंपिक से एक साल पहले एक राष्ट्रीय शिविर को अनिवार्य किए जाने की घोषणा के बाद अब भारतीय निशानेबाज़ों का प्रशिक्षण 1 अगस्त को फिर से शुरू होगा।

यह निर्णय NRAI ने मंगलवार को अपनी कार्यकारी परिषद की बैठक के दौरान लिया। इसके साथ ही नेशनल कैंप में सभी की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित किए जाने वाले इस शिविर में 32 भारतीय निशानेबाज़ों का दल और विदेशी कोच, पावेल स्मिरनोव (Pavel Smirnov) और ओलेग मिखाइलोव (Oleg Mikhailov) शामिल होंगे। इन सभी के रहने का इंतज़ाम पास के ही मानव रचना यूनिवर्सिटी कैम्पस में किया जाएगा।

एनआरएआई के महासचिव डीवीएस राव ने "द टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, “हर एक निशानेबाज़ के लिए अलग-अलग कुक, ड्राइवर और अन्य कर्मचारी निर्धारित किए जाएंगे, जिससे कि उनका सामना किसी भी बाहरी सदस्य से होने की संभावना न हो।"

मनु भाकर और सौरभ चौधरी की नज़र इस ओलंपिक साल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखने पर होगी। तस्वीर साभार: ISSF
मनु भाकर और सौरभ चौधरी की नज़र इस ओलंपिक साल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखने पर होगी। तस्वीर साभार: ISSFमनु भाकर और सौरभ चौधरी की नज़र इस ओलंपिक साल में अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखने पर होगी। तस्वीर साभार: ISSF

राष्ट्रीय शिविर को आयोजित किया जाना लगभग तय था और इसलिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने NRAI को कुछ सप्ताह पहले ही इसकी अनुमति दी थी। लेकिन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी स्थानों को सुव्यवस्थित करने के लिए एसोसिएशन ने इतना समय लिया।

भारतीय निशानेबाज़ों का शिविर से पहले और उसके दौरान COVID-19 टेस्ट किया जाएगा। उनको यह भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे सोशल-डिस्टेंसिंग का पालन करें और दो-लेन का अंतर बनाए रखें।

एक अन्य NRAI अधिकारी ने ईएसपीएन से बात करते हुए कहा, "एक नेशनल कैंप की सामान्य अवधि 15 दिनों की होती है। लेकिन क्योंकि यह एक लंबे समय के बाद पहला शिविर है, इसलिए हम इसे 20 दिनों के लिए रख रहे हैं। इसके बाद हम खिलाड़ियों को ब्रेक देंगे और फिर आगे अन्य कैंप आयोजित करेंगे।"

आपको बता दें, इस शिविर की देखरेख NRAI के उच्च-प्रदर्शन निदेशक रौनक पंडित (Ronak Pandit) द्वारा की जाएगी।

सभी निशानेबाज़ शूटिंग रेंज पर वापस लौटने के लिए हैं उत्सुक

32 सदस्यीय शूटिंग दल में पदक की दावेदार मनु भाकर (Manu Bhaker), सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) और एलावेनिल वलारिवन (Elavenil Valarivan) भी शामिल हैं, वे चार महीने से अधिक समय के बाद ट्रेनिंग पर वापस लौटेंगी।

राइफल शूटर और दो बार के ओलंपियन संजीव राजपूत (Sanjeev Rajput), जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय निशानेबाजों के लिए कोटा स्थान हासिल किया है, वह भी इस फॉर्मल ट्रेनिंग में वापस लौटने के लिए काफी उत्सुक हैं।

39 वर्षीय राजपूत ने ईएसपीएन को बताया, “यह 2002 के बाद से सबसे लंबा ब्रेक है और निश्चित रूप से यह काफी अजीब लग रहा है, इसलिए मैं वास्तव में शिविर में हिस्सा लेने के लिए काफी उत्सुक हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "10 मीटर इवेंट में अगर आप अपने घर पर एक रेंज तैयार करना चाहते हैं तो आसानी से कर सकते हैं। लेकिन अन्य इवेंट में निशानेबाजों को लॉकडाउन के बाद से ट्रेनिंग करने का कोई भी मौका नहीं मिला है। आखिरी बार मैंने नई दिल्ली में हुए सेलेक्शन ट्रायल प्रतियोगिता के दौरान 18 मार्च को अपनी 50 मीटर राइफल शूटिंग की थी”।

भारतीय निशानेबाजों ने टोक्यो ओलंपिक के लिए अब तक 15 कोटा स्थान हासिल किए हैं, ऐसे में ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाला यह भारत का सबसे बड़ा शूटिंग दल होगा।

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