टोक्यो ओलंपिक गेम्स में जगह बनाने के इरादे के साथ भारतीय शूटरों ने ट्रेनिंग की शुरुआत की

डॉ करनी सिंह रेंज में सख़्ती से नियमों का पालन किया गया और वहां केवल वही शूटर्स थे जो टोक्यो 2020 के लिए तैयारी कर रहें हैं।

भारतीय शूटर टोक्यो ओलंपिक गेम्स तक ख़ुद की फॉर्म को बेहतर बनाने की ठानकर ट्रेनिंग करने उतरे। शूटरों को दिल्ली में स्थित डॉ करनी सिंग रेंज में शूटिंग करते देखा गया। ग़ौरतलब है कि मार्च के बाद यह रेंज पहली बार खोली गई है।

एनआरएआई के ओलंपिक ग्रुप मेम्बर – राइफल शूटर दिव्यांश पंवार (Divyansh Panwar), दीपक किमार (Deepak Kumar) और स्कीट शूटर मिराज अहमद खान (Mairaj Ahmad Khan), शीराज़ शेख (Sheeraz Sheikh)  ने रेंज में जा कर अपने कौशल को बेहतर करने का प्रयास किया। इनके अलावा आने वाले समय में अन्य शूटरों को भी शूटिंग रेंज में देखा जा सकता है।

शीराज़ शेख ने द वीक से बात करते हुए कहा “मुझे बहुत अच्छा लगा। मैं 5 महीनों के बाद शूटिंग कर रहा था। मुझे ऐसा लगा कि यह मेरे लिए एक नई शुरुआत है। धीमी शुरुआत करना, एहसास को वापस लाना, यह आभास मेरे लिए नया था।

 मिराज अहमद खान ने भी कुछ ऐसी ही भावनाओं को व्यक्त किया और उन्होंने अपने बेसिक्स पर काम किया। कोरोना वायरस के चलते बहुत से शूटरों को या तो घर में अभ्यास करना पड़ा या उन्होंने खुद की शूटिंग रेंज में प्रैक्टिस की।

सख़्ती से किया गया नियमों का पालन

डॉ करनी सिंह शूटिंग रेंज केवल उन 32 एथलीटों के लिए खुली है जिन्हें NRAI ने ओलंपिक गेम्स के लिए चुना है। आपको बता दें कि अभ्यास के दौरान यहां भी सख्त कानून लागू हैं और पूरी तरह से सोशल डिसटेंसिंग का पालन किया जा रहा है।

शूटर अपनी ट्रेनिंग का स्लॉट ऑनलाइन बुक कर सकते हैं और एंट्री के समय उनकी थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाती है।

अंदर जाने के लिए फेस मास्क अनिवार्य है और साथ ही खिलाड़ियों को कोच को अपनी ट्रेनिंग का समय ख़त्म करते ही रेंज को छोड़ना पड़ता है और उनकी गाड़ियों तक को भी सेनिटाईज़ किया जाता है।

हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान दीपक कुमार ने कहा, “हम खुश हैं कि सुरक्षा के नियमों का पालन किया जा रहा है। ट्रेनिंग को शुरू करना एक अच्छी मुहिम है। मैं शूटरों की मदद करुंगा ताकि वह वो अभ्यास भी कर सकें, जो घर पर नहीं कर पा रहे थे।

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मै तो कर रहा था सिर्फ महनत अपनी। मेरी कोशिशों ने मेरे बहुत मज़ाक उड़वाए। और मैंने पसीना इतना निकाल लिया है कि, मंजिले चिंता में हैं कि इससे पीछा कैसे छुडवाएं I was only doing my hardwork for myself. My efforts made fun of me. And now I have sweated so much that my aim is worried about how to get rid of it. Came back to the field. I was so much excited about to shoot again after almost three months. I was very happy to do worship in my temple with my hardwork. Great guidance by my Coach Mr Manoj Kumar in each situation. Thank you so much sir for being with me as a coach as a mentor and in so many forms #shootingguns #drkarnisinghshootingrange #hardworkpaysoff💪 #hardworkingman #successstories #shootingclubs #indianteam #indianshootingteam #olympicgoldquest #olympics2021 #tokyoolympics #motivated

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हम अपने साथ वाले शूटर से करीब 5 लेन की दूरी रख रहे हैं जिससे हमें 10 फीट की जगह मिल जाती है। हर शूटर अपनी निर्धारित जगह पर ही अपना किट बैग रख सकता है और सभी को एक दूसरे से आइसोलेशन करने को कहा गया है।”

वहीं दूसरी ओर स्कीट शूटरों को भी सख्त नियमों का पालन करना पड़ रहा है और साथ ही वे भी एक स्टेशन छोड़ कर ट्रेनिंग कर रहे हैं।

शेख ने आगे बताया, “हम दोनों ही अलग अलग समय पर आए और हमने 200-200 कारतूस शूट किए। हमारे शरीर का तापमान चेक किया गया था और हमने साथ में बिलकुल भी शूटिंग नहीं की।”

अगस्त से लग सकता है नेशनल कैम्प

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने जब डॉ करनी रेंज को खोला तो यह NRAI के लिए बेहद अच्छा साबित हुआ। माना जा रहा है अगस्त के महीने में अभ्यास कैम्प को खोला जा सकता है लेकिन NRAI की जो मीटिंग 15 जुलाई को होनी है, उसी के बाद कोई भी निर्णय इस विषय पर लिया जाएगा।

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