महामारी के दौरान अंजुम मोदगिल की खेल मनोविज्ञान की डिग्री आ रही काम

भारतीय निशानेबाज़ी की शीर्ष खिलाड़ी का मानना है कि उनकी खेल मनोविज्ञान में हासिल की गई मास्टर डिग्री उन्हें शांत रखने और चीजों को अलग और बेहतर नज़रिए से देखने में मदद कर रही है।

स्पोर्ट्स साइकोलॉजी (खेल मनोविज्ञान) में हासिल की गई भारतीय निशानेबाज़ अंजुम मोदगिल (Anjum Moudgil) की मास्टर्स की डिग्री उनके काफी काम आ रही है, इसने उन्हें कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के दौरान चंडीगढ़ में उनके घर में समय बिताने में काफी मदद की है।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए 24 मार्च को देशभर में लॉकडाउन लागू दिया था। ऐसे में इस 24 वर्षीय निशानेबाज़ ने बाहरी दुनिया से दूरी बनाते हुए सारा समय अपने घर पर ही गुज़ारा है।

लेकिन अच्छी बात यह है कि अंजुम मोदगिल को इससे कोई शिकायत नहीं है।

इस निशानेबाज़ ने हाल ही में टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, “यह (खेल मनोविज्ञान) ही है जिसने मुझे शूटिंग न कर पाने के मलाल और इस कठिन समय के दौरान खुद को बेहतर ढ़ंग से समझने में मदद की है। यह आपको खुद को शांत और बेहतर बनाए रखने के साथ ही चीजों को व्यापक दृष्टिकोण से देखने में मदद करता है।"

अंजुम मोदगिल ने की फंड जुटाने में मदद

अधिक खाली समय मिलने की वजह से अंजुम मोदगिल ने पेंटिंग के अपने शौक पर फिर से काम करना शुरू कर दिया है। भारतीय निशानेबाज़ इस महामारी से निपटने के लिए फंड जुटाने के तौर पर भी अपने इस हुनर का इस्तेमाल कर रही हैं।

उन्होंने कहा, “मैं अपना बहुत सारा समय पेंटिंग में बिता रही हूं और हमेशा ऐसा करके मुझे खुशी मिली है। मैं एक एनजीओ के लिए पैसा जुटाने के लिए अपनी हाथ से पेंट की हुई डायरी बेच रही हूं, जो पंजाब के गांवों (COVID-19 से प्रभावित) की मदद कर रही है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मेरी पेंटिंग के ज़रिए और अधिक फंड जुटाया जा सकेगा।

शूटिंग की बात की जाए तो अंजुम मोदगिल ने अपने घर पर ही एक लक्ष्य बना रखा है, जहां पर वह सप्ताह में दो बार ट्रेनिंग करती हैं।

इसके अलावा भारतीय निशानेबाज़ों के लिए नेशनल शूटर राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी प्रोग्राम के लिए अंजुम मोदगिल स्थिति सामान्य होने पर फिर से मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “NRAI ने अप्रैल में हमारे लिए एक उचित योजना बनाई थी, जिसमें मई, जून और जुलाई के महीने के दौरान डे-ऑफ़ और ट्रेनिंग की पूरी योजना शामिल थी। हम उसी योजना को फॉलो कर रहे हैं।

सरकार ने बीते कुछ दिनों में ओलंपिक उम्मीदों पर प्रतिबंधों को कम किया है। ऐसे में मोदगिल जल्द से जल्द शूटिंग रेंज पर वापस लौटने की उम्मीद कर रही हैं।

उन्होंने उम्मीद के साथ कहा, “मुझे लगता है कि सरकार ने वास्तव में यह अच्छा निर्णय लिया है। यह एथलीटों को भविष्य की प्रतियोगिताओं और टोक्यो ओलंपिक (2021 में) के लिए अच्छी तरह से तैयारी करने में मदद करेगा।”

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