भारतीय निशानेबाज़ों को उम्मीद है कि जल्द की जाएगी ओलंपिक टीम की घोषणा

अपूर्वी चंदेला और अभिषेक वर्मा का मानना है कि अगर टीम की घोषणा कर दी जाए तो निशानेबाज़ अभी से अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, लेकिन अभिनव बिंद्रा का कहना है कि टीम के सदस्यों का नाम बताना अभी आसान नहीं है।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के कारण ‘खेलों के महाकुंभ’ को एक साल के लिए टाल दिया गया है। जिसने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) को मुश्किल में डाल दिया है और उसे टोक्यो ओलंपिक के लिए एक सही टीम का चयन करने में परेशानी हो रही है।

एनआरएआई को या तो पिछले 15 महीनों में हुए ट्रायल्स के आधार पर टीम की घोषणा करनी होगी, या फिर टोक्यो ओलंपिक से पहले सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज़ों का चयन करने के लिए अगले साल तक के ट्रायल्स पर नज़र रखनी होगी।

2019 में ISSF वर्ल्ड कप की दो बार की स्वर्ण पदक विजेता अपूर्वी चंदेला (Apurvi Chandela), जिन्होंने 2018 में टोक्यो 2020 के लिए अपना कोटा जीता, उनका मानना है कि ओलंपिक शूटिंग टीम की घोषणा में देरी करने से उनपर बहुत दबाव रहेगा।

2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में एक्शन में अपूर्वी चंदेला

उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि अगर टीम की घोषणा की जाती है तो निशानेबाज़ अभी से ओलंपिक खेलों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। ऐसा होने से वह केवल सकारात्मक दबाव के साथ प्रशिक्षण ले सकेंगे। मैं मानती हूं कि निशानेबाज़ की वर्तमान फॉर्म महत्वपूर्ण होती है। इसलिए उसे सुनिश्चित करने के लिए चयनित निशानेबाज़ों को ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने से पहले फॉर्म में रहना बहुत जरूरी है।"

अपूर्वी चंदेला ने आगे कहा, "फेडरेशन चाहे तो दिसंबर या जनवरी में निशानेबाज़ों के प्रदर्शन की जांच कर सकती है। अगर उन्हें किसी भी निशानेबाज़ का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं लगता है, तो वे उस शूटर को रैंकिंग के मुताबिक किसी से बदल सकते हैं। उनके पास फिर भी तैयारी करने के लिए अच्छा समय होगा।”

पूर्व विश्व नम्बर-1 और साल 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों के ब्रॉन्ज़ मेडल विजेता गगन नारंग ने आरक्षित निशानेबाजों के एक दल को तैयार रखने के सुझाव पर जोर दिया।

गगन नारंग (Gagan Narang) ने कहा, "मुख्य चुनौती यह है कि चुने गए शूटर एक साल बाद अपनी बेहतरीन फॉर्म में होने चाहिए। ओलंपिक खेलों के समय निशानेबाज़ अपने शीर्ष पर हों तो बेहतर है। हम केवल यह आशा कर सकते हैं कि फेडरेशन सर्वश्रेष्ठ निशानेबाज़ को ही ‘खेलों के महाकुंभ’ में हिस्सा लेने का अवसर दे। ऐसे में आरक्षित (रिज़र्व) शूटरों के साथ एक डेवलप्ड निशानेबाज़ों की टीम का गठन किया जाना चाहिए।”

वहीं, अभिनव बिंद्रा ने NRAI से ओलंपिक टीम को अंतिम रूप देने पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। भारत के एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) ने ज़ोर देते हुए कहा कि फिलहाल एनआरएआई को टोक्यो ओलंपिक के लिए टीम की घोषणा अभी नहीं करनी चाहिए।

पूर्व विश्व चैंपियन ने स्पोर्टस्टार को बताया, “भले ही इससे टीम की घोषणा करने में कोई मदद न मिले, लेकिन आशा है कि ओलंपिक खेलों के नज़दीक आने पर सभी निशानेबाज़ अपनी बेहतरीन फॉर्म में होंगे। एक साल का समय काफी लम्बा है, खासतौर से शूटिंग जैसे खेल में।”

अभिनव बिंद्रा ने NRAI से आग्रह किया, "इस नीति को जल्द से जल्द सुनिश्चित करें ताकि सर्वश्रेष्ठ टीम ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर सके। टीम में बदलाव हो सकता है, भले ही प्रक्रिया पूरी हो गई हो। टीम की घोषणा हर हाल में की जानी थी।"

उन्होंने जल्द से जल्द स्थिति पर अधिक स्पष्टता जाहिर करने का आग्रह किया, जिससे निशानेबाज़ों को उनकी योजनाओं को लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

मनु भाकर (Manu Bhaker), अंजुम मौदगिल (Anjum Moudgil) और यशस्विनी सिंह (Yashaswini Singh) उन 15 भारतीय निशानेबाजों में शामिल हैं, जिन्होंने ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया है।