इलावेनिल वलारिवन ओलंपिक सफलता की खोज में अपने जीवन पर रख रही हैं सही संतुलन

दुनिया में टॉप रैंक की राइफल शूटर रेंज से दूर रहते हुए अपने परिवार के साथ कुछ अच्छे पलों का आनन्द ले रही हैं।

इलावेनिल वलारिवन (Elavenil Valarivan) ने साल 2020 के सत्र की शुरुआत पूरे आत्मविश्वास के साथ की। इसकी वजह है साल 2019, जिसमें अहमदाबाद की इस शूटर ने अपने पहले ISSF वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीतने में कामयाबी हासिल की थी और उसके बाद सत्र के अंत में उन्होंने विश्व कप फाइनल में भी खिताब जीता था।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनके शानदार प्रदर्शन के चलते जल्द ही वह महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में शीर्ष पर पहुंच गईं। 20 वर्षीय यह निशानेबाज़ अब ओलंपिक वर्ष में भी अपनी उसी फॉर्म और गति को बरकरार रखना चाहती हैं।

हालांकि, कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी ने उनकी योजनाओं पर विराम सा लगा दिया। लेकिन अब एक बार फिर दुनियाभर के अधिकांश निशानेबाज़ों की तरह भारतीय निशानेबाज़ों ने भी अपनी योजनाओं को फिर से शुरू करने पर मजबूर कर दिया है।

इस साल ओलंपिक टीम में जगह बनाना वलारिवन का पहला उद्देश्य था। इस युवा खिलाड़ी को भरोसा है कि मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद ज्यादा कुछ अभी नहीं बिगड़ा है।

हाल ही में ANI को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “उनका लक्ष्य अभी भी वही है। हालांकि वायरस के प्रकोप की वजह से स्थितियां थोड़ी बदल गई हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे पास मेरे संरक्षक (गगन नारंग) और कोच (नेहा चौहान) हैं, जो मेरे संशोधित अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के अनुसार मेरा प्लान तैयार कर रहे हैं। मुझे बस अनुशासित तरीके से उसका पालन करने की जरूरत है।”

लंबे समय से शूटिंग रेंज से दूर रहने की वजह से इलावेनिल वलारिवन को खेल से अलग जीवन के अन्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिल रहा है। उनका मानना है कि यह एक एथलीट के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, "एक खेल के रूप में शूटिंग में बहुत शांति रहती है, आप अपने प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार तौर पर फायरिंग लाइन पर अकेले होते हैं। इसलिए यह वर्तमान समय मुझे खेल से दूरी बनाते हुए अपने सामान्य जीवन में वापस लौटने का मौका देता है। इससे मुझे अपने दैनिक जीवन की कुछ चीज़ों को सही करने का अवसर मिला है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद प्रशिक्षण फिर से शुरू हो जाएगा।”

काम और जीवन के बीच बनाएं संतुलन - गगन नारंग

हालांकि, उनके संरक्षक और पूर्व ओलंपिक पदक विजेता गंगन नारंग (Gagan Narang) ने कहा कि उनके वार्ड के लिए सामान्य दिनचर्या का आनंद लेना बेहद महत्वपूर्ण है। वह चाहते हैं कि भारतीय निशानेबाज़ अपने जीवन और काम के बीच ठीक संतुलन बनाए रखें, जो अक्सर एक शीर्ष एथलीट की पहचान होती है।

गगन नारंग ने हाल ही में कहा था, "सामान्य दिनचर्या का पालन किया जाना चाहिए, जहां परिवार को समय भी दिया जाना जरूरी होता है और इलावेनिल इस समय यही कर रही है। वह अपने माता-पिता की देखभाल कर रही हैं और घर पर अच्छा समय बिताने के लिए इस अवसर का उपयोग कर रही हैं। वह अपनी कुछ कमजोरियों पर भी काम कर रही हैं, जो निश्चित रूप से आगे चलकर उनकी मदद करेगा।”

"वह नियमित रूप से अपनी स्केट ट्रेनिंग कर रही हैं और मैं उनके स्कोर की जांच करता रहता हूं। हम कुछ दिनों में एक बार जूम कॉल के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ते हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि वह सकारात्मक मानसिकता रख रही हैं।”

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