शूटिंग को देशभर में लोकप्रिय बनाना है ओलंपिक कांस्य पदक विजेता गगन नारंग का सपना

2012 के लंदन ओलंपिक कांस्य पदक विजेता की शूटिंग ऐकेडमी ने देश के कई कोनों में खेल को फैलाने में मदद की है।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

साल 2012 लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता निशानेबाज़ गगन नारंग (Gagan Narang ) ने इस खेल में कई कीर्तिमान बनाए हैं और वह ना केवल भारत के बल्कि दुनियाभर के युवा खिलाड़ियों के लिए आदर्श हैं। अब ये खिलाड़ी भी अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं।

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने साल 2011 में गन्स ऑफ ग्लोरी ऐकेडमी की स्थापना की थी, ताकि वह खेल को पूरे देश में लोकप्रिय बना सके।

अब इसका असर भी साफ देखने को मिल रहा है। गगन नारंग ने पुणे में 'गगन नारंग स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन' के माध्यम से पहली बार ऐकेडमी की स्थापना की और तब से उन्होंने भारत के 12 और शहरों में ऐकेडमी स्थापित की।

उनके इस फैसले की वजह से देश को प्रभावशाली युवा निशानेबाज इलावेनिल वलारिवन (Elavenil Valarivan) मिल पाईं, जिन्होंने रियो में अपने पहले आईएसएसएफ विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था, वहीं जूनियर विश्व कप की कांस्य पदक विजेता श्रेया अग्रवाल (Shreya Agarwal) भी गगन नारंग की ऐकेडमी की खोज है।

गगन नारंग ने Rediff.com को दिए इंटरव्यू में कहा कि एलावेनिल और श्रेया हमारे प्रयासों के कारण ही खेल की दुनिया में उभरे।

इसके अलावा भारत के स्टार निशानेबाज़ ने कहा “गगन नारंग स्पोर्ट्स प्रमोशन फाउंडेशन के पीछे विचार ये था कि ज़मीनी स्तर पर खेल को फैला कर शूटिंग बिरादरी की मदद की जा सके। इससे शूटिंग को लोकप्रिय बनाया जा सकता है।”

हालांकि 37 साल के इस शूटर ने किसी भी खिलाड़ी को कोचिंग नहीं दी है लेकिन इससे युवा शूटर्स को इस ओलंपिक पदक विजेता को करीब से ट्रेनिंग करते देख उनसे सीखने को मिला। नारंग ने कहा कि “इस अनुभव के कारण उनके खेल में भी सुधार हुआ।”

उन्होंने बताया कि “मैंने उनके साथ प्रशिक्षण किया, उन्हें सलाह दी और उन्हें प्रेरित किया और अपने अनुभव साझा किए। जब मैंने ऐसा किया, तो उन्होंने मेरा तरीका अपनाया और अच्छी प्रगति की। इससे मुझे भी टच में रहने की मदद मिली, जो उस समय हो रहा था।”

बराक ओबामा से प्रेरित

भारतीय निशानेबाज़ ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की है। उनकी जिंदगी का सबसे बड़े पलों में से एक पल वो था, जब उन्होंने साल 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। ओलंपिक मेडल के अलावा इस शूटर के नाम कॉमनवेल्थ गेम्स में 8 गोल्ड और आईएसएसएफ वर्ल्डकप में 3 गोल्ड दर्ज है।

हालांकि, उनके सबसे खास क्षणों में से एक तब आया जब उन्होंने 2008 के बैंकॉक विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता। ये सिर्फ इसलिए नहीं था कि उन्होंने इस प्रक्रिया में एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था।

गगन नारंग ने खुलासा किया कि "मैं उस दिन पदक जीता था जब बराक ओबामा पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए थे। मैं उनसे प्रेरित हूं, खासकर उनका भाषण मुझे बहुत पसंद है।”