आइसोलेशन डायरीज़: पूर्व भारतीय शूटर सुमा शिरूर के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत 

पूर्व भारतीय दिग्गज शूटर लॉकडाउन में मिले ब्रेक को अपने परिवार के साथ समय बिता कर खुश हैं।

भारतीय जूनियर राइफल टीम की हाई परफॉरमेंस कोच सुमा शिरूर (Suma Shirur) ने पिछले दो सालों में शायद ही इतना समय घर पर बिताया होगा। सुमा ने पिछले दो सालों से भारतीय टीम को नई बुलंदियों तक का रास्ता दिखाया है और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की राह दिखाई है।

ग़ौरतलब है कि सुमा शिरूर एथेंस ओलंपिक गेम्स में भारतीय दल का हिस्सा रह चुंकि हैं। कोरोना वायरस के चलते इस 46 वर्षीय पूर्व शूटर को नवी मुंबई में अपने घर पर ही समय व्यतीत करना पड़ रहा है। ऐसे में ओलंपिक चैनल ने उनसे बात-चीत की और उनसे उनकी प्लानिंग के बारे में जाना।

आप मार्च से घर पर हैं, इसतरह घर में आप कब ऐसे रही थीं? यह समय आपके लिए ज़रूर अलग होगा क्योंकि आप उनमे से हैं जो ट्रेवल करती ही रहती हैं।

सही में पहले कुछ हफ्ते तो मेरे लिए एक ब्रेक की तरह थे। इंडियन जूनियर राइफल टीम की कोच और साथ ही कुछ ओलंपिक की ओर बढ़ते खिलाड़ियों की पर्सनल कोच होना आसान नहीं था, पिछले कुछ साल उतार चढ़ाव के थे।

मैंने साल 2018 में मोर्चा संभाला था और वह दौर कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप के हिसाब से बहुत अच्छा रहा था। उसी के साथ इन सभी इवेंट की तैयारियों के लिए नेशनल कैंप भी संतुलन में था। वहीं साल 2019 ओलंपिक कोटा जीतने का साल था और वह बहुत व्यस्त रहा। अब जब मैं पीछे देखती हूं तो पता चलता है कि मैं दो हफ्ते से ज़्यादा घर नहीं बैठी हूं।

हालांकि लॉकडाउन के पहले के कुछ हफ्ते सभी शूटरों के लिए ब्रेक जैसे थे लेकिन उसके बाद सब यही सोच रहे थे कि अब आगे क्या? मेरे ख्याल से पिछले कुछ हफ्ते यह पता करने में चले गए कि खिलाड़ियों को कैसे आशावादी रखना है और कैसे उनके कौशल और फिटनेस को बरकरार रखना है।

आखिरी बार इतने लंबे समय के लिए आप कब घर पर थीं?

मैं और मेरे पति ने शादी के बाद पहली बार इतना लंबा समय साथ बिताया है। अब हमें 20 साल हो चुके हैं।

एक एथलीट होने के नाते मैं हमेशा ट्रैवल करती रहती हूं। यहां तक कि शादी के 10 दिन बाद ही मैं कैंप के लिए निकल गई थी। मुझे नहीं लगता कि उनको कोई शिकायत है।

किसी नए कौशल को सीखने की कोशिश की?

हमे यहां पर घरेलू कामों के लिए मदद लगती है और जब वह काम करने के लिए और कोई नहीं है तो हम खुद ही वह सब करते हैं। मैं ऐसा नहीं कह सकती कि मेरे पास करने के लिए कुछ नहीं है। बल्कि मेरे पास बोर होने का समय नहीं है। मैं और मेरे पति दोनों ही घर को सही से चलाने की कोशिश करते हैं। यह एक अलग अनुभव है, ऐसा कुछ किए हुए हमे बहुत समय हो गया है। आज कल मैं नई रेसिपी भी बना रही हूं।

मेरे घर में कुछ पौधे भी हैं। उनके साथ मुझे अच्छा लगता है। उनका ख्याल रखना अच्छा लगता है। पिछले कुछ महीनों में उनकी देख भाल करने के लिए काफी समय मिला है।

वर्कआउट करने के पसंदीदा तरीके?

मैं कुछ न कुछ करती ही रहती हूं। मेरा एक्टिव रहना ज़रूरी है बल्कि मुझे लगता है कि हम सबको फिट रहने में समय निवेश करना चाहिए।

कोई नया टीवी शो या नई किताब में दिलचस्पी ली हो?

 मुझे यह सब करने का मौका ही नहीं मिला क्योंकि मैं बाकी चीज़ों में व्यस्त रहती हूं। मैं जब ट्रेवल करती हूं तो मैं बहुत पढ़ती हूं। घर पर मैं बाकी चीज़ें कर रही हूं, लेकिन हां मैं ज़रूर किताब पढ़ना चाहूंगी या वह करना चाहूंगी जो मुझे अच्छा लगता है।

आप सबसे ज़्यादा वीडियो कॉल किसे करती हैं? 

लॉकडाउन के शुरुआत में हमे लगा कि हम शूटरों को अलग होने से पहले बहुत कुछ /करना है। उस समय हमने हर स्तर पर वीडियो सेशन शुरू किया। मेरे पास एक स्क्वाड ओलंपिक का है और एक मेरी अकादमी के शूटरों का।

युवाओं से, बच्चों से और बाकिओं से बात करना, उनके साथ हसी मज़ाक करना और समय व्यतीत करना। यह मुझे प्रेरणा देता है और उन्हें आगे बढ़ते रहने की हिम्मत। वीडियो कॉल ने उन्हें एक प्लेटफॉर्म दिया है जहां वे बाकी युवाओं से और यंग बच्चों से बात-चीत कर सकते हैं और हसी मज़ाक कर सकते हैं।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!