भारतीय शूटर मनु भाकर के अभ्यास में वानर सेना डाल रही है बाधा

इस बीच तैराक एसपी लिकित एक खेत में रहकर तैयारी कर रहे हैं और सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले टैंक में तैर रहे हैं।

भारतीय निशानेबाज़ मनु भाकर (Manu Bhaker) उन चुनिंदा एथलीटों में से एक हैं जिन्हें घर पर शूटिंग रेंज का अवसर मिला हुआ है। जिसके कारण उन्हें अन्य निशानेबाजों के मुक़ाबले लाभ मिल सकता है। लॉकडाउन के दौरान मनु भाकर अपने घर में ही अभ्यास करने को मजबूर हैं।

घर पर अभ्यास करने से 18 वर्षीय मनु भाकर को कई समस्याओं का सामना को करना ही पड़ता है, लेकिन हाल ही में एक ऐसी घटना घटी जो काफ़ी विचित्र है।

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज़ ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा कि, "मैं रोजाना अभ्यास करने की कोशिश कर रही हूं क्योंकि मेरे घर के अंदर ही एक रेंज है और मैं इस सुविधा का फायदा उठाने की कोशिश करती हूं। लेकिन कभी कभी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। जैसे मेरे पास एक मैनुअल मशीन है और ये हर दूसरे दिन टूट जाती है।"

उन्होंने आगे कहा कि,"इसके अलावा, यहां बहुत सारे बंदर हैं और क्योंकि ये रेंज पीछे से खुली है, तो वो भी मेरे अभ्यास में बाधा डालते हैं।"

रोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप के कारण लोग अपने घरों में रहने को मजबूर हैं, इस बीच हरियाणा के झज्जर में स्थित अपने घर में मनु भाकर रोजाना करीब चार घंटे (उन्होंने पिछले साल महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में खेलों के लिए कोटा हासिल किया था) अभ्यास कर रही हैं।

उन्होंने कहा, "हम हाल ही में अपने अच्छे फॉर्म में थे और अभी ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा करना अच्छा होता।" “लेकिन स्वास्थ्य सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।”

भारतीय युवा शूटर ने कहा कि, "जब हम टीम के साथ अभ्यास करते हैं, तो हमेशा प्रतिस्पर्धा वाली भावना होती है, क्योंकि हम लोगों को खुद से बेहतर करते हुए देखते हैं, बस इसी की कमी महसूस होती है।"

जंगल के जल में तैराकी की तैयारी

इस बीच भारतीय तैराक लिकित एसपी (Likith SP) को प्रकृति से घिरना पड़ा है और उनके पास जो कुछ भी संसाधन है, उन्ही का उपयोग कर अभ्यास करना है।

हाल ही में लिकित एसपी कर्नाटक-केरल सीमा पर पुत्तूर में अपने कोच के एक बड़े खेत में 25 अन्य एथलीटों के साथ वापस आ गए हैं, जहां उन्हें एक वर्कशॉप में भाग लेना था, जहां 21 वर्षीय तैराक की तैयारियों में भी बाधा पहुंची।

लिकित एसपी को 15 अन्य तैराकों के साथ कर्नाटक-केरल सीमा पर पुत्तूर के एक खेत में रखा गया है। फोटो: खेलो इंडिया
लिकित एसपी को 15 अन्य तैराकों के साथ कर्नाटक-केरल सीमा पर पुत्तूर के एक खेत में रखा गया है। फोटो: खेलो इंडियालिकित एसपी को 15 अन्य तैराकों के साथ कर्नाटक-केरल सीमा पर पुत्तूर के एक खेत में रखा गया है। फोटो: खेलो इंडिया

लिकित एसपी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि, "जिस क्षेत्र में हम रह रहे हैं वो घने जंगलों से घिरा हुआ है, और आप कह सकते हैं कि मैं एक जंगल में फंस गया हूं," "यहां पक्षियों की 120 से अधिक प्रजातियाँ हैं। जंगली सूअर, सांप और बिच्छू का होना यहां आम है।"

लेकिन उसने और साथी 15 अन्य तैराक भी स्विमिंग पूल से लगभग दो महीने क दूर रहे हैं, ऐसे में ट्रेनिंग कर खुद को सुधारना चाहते हैं।

टोक्यो ओलम्पिक के लिए उम्मीद लिकित एसपी ने कहा कि, "हम 24x20 मीटर की दूरी वाले पानी की टंकी के अंदर ट्रेनिंग करते हैं, जिसे मुख्य रूप से सिंचाई के लिए बनाया जाता है।" "मैं सप्ताह में चार बार तैरता हूं।"

ब्रेस्टस्ट्रोकर टोक्यो ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने के लिए तैयार है, लेकिन खुद को एक मुश्किल में देख रहे हैं। कर्नाटक तैराक के पास 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में 1.02.02 का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ है जो उन्होंने पिछले साल मलेशिया ओपन में दर्ज किया था।

लेकिन ओलंपिक के लिए 'ए' क्वालिफाइंग समय में 59.93 सेकंड की टाइमिंग की जरुरत है, ऐसे में इस भारतीय तैराक की राह थोड़ी मुश्किल नज़र आ रही है।

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