प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की वजह से भारत में खेल का स्तर बढ़ गया है – अपूर्वी चंदेला 

27 वर्षीय शूटर अपूर्वी चंदेला ने टोक्यो ओलंपिक गेम्स के लिए अपना स्थान पुख्ता कर लिया है और अब उनकी नज़र मेडल जीतने पर है।

अब टोक्यो ओलंपिक गेम्स को जुलाई 2021 में कराया जाएगा। ऐसे में भारतीय शूटिंग का खेमा और भी ज़्यादा मज़बूत हो जाएगा। गौरतलब है कि अभी तक भारत की ओर से 15 शूटर ओलंपिक गेम्स के लिए क्वालिफाई कर चुके है।

टोक्यो गेम्स में भरतीय महिला शूटर अपूर्वी चंदेला से बहुत सी उम्मीदें हैं। इस खिलाड़ी ने साल 2019 में 5 वर्ल्ड कप मेडल जीत कर अपने भविष्य का प्रमाण पेश किया था। 10 मीटर एयर राइफल वर्ग में खेलते हुए चंदेला के साथ अंजुम मौदगिल (Anjum Moudgil), एलावेनिल वालारिवन (Elavenil Valarivan) और महुली घोष (Mehuli Ghosh) जैसे खिलाड़ी भी भारत के गौरव के लिए निशाना लगाती दिखेंगी।

चंदेला ने ओलंपिक चैनल से बात करते हुए बताया “मैं अपनी तैयारियों पर ज़ोर दे रही हूं क्योंकि यह एक व्यक्तिगत खेल है। मई 2019 में मैं वर्ल्ड नंबर 1 बनी थी, इसका मतलब है कि मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा। कड़ी स्पर्धा का हिस्सा होना अच्छी बात है। इससे मुझे अपने स्तर को बढ़ाए रखना होगा और कम से संतुष्टि नहीं लेनी होगी।”

कैसे भारतीय शूटिंग ने लगाए सफल निशाने

बीजिंग 2008 के दौरान अभिनव बिंद्रा (Abhinav Bindra) द्वारा जीते गोल्ड मेडल ने भारत में शूटिंग की दशा बदल दी। इससे बहुत से खिलाड़ियों को प्रेरणा मिली और उन्होंने अपने प्रदर्शन की बदौलत बहुत बार अपना नाम शीर्ष स्थान पर लिखा है।

 जीतू राय (Jitu Rai) और हीना सिधु (Heena Sidhu) रियो ओलंपिक गेम्स की बड़ी उम्मीद थे और आज के समय में मनु भाकर (Manu Bhaker) और सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) का नाम शूटिंग की दुनिया में अदब से लिया जाता है।

 उन्होंने आगे कहा “आज हमारे पास बहुत सी रेंज और अकादमी हैं। अच्छे उपकरण और बेहतर आधारिक संरचना की वजह से इस खेल का स्तर बढ़ गया है। बहुत से खिलाड़ी अब इस वजह से कोच भी बन गए हैं।"

शीर्ष रैंक की अपूर्वी चंदेला महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत की मुख्य उम्मीद होंगी
शीर्ष रैंक की अपूर्वी चंदेला महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत की मुख्य उम्मीद होंगीशीर्ष रैंक की अपूर्वी चंदेला महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में भारत की मुख्य उम्मीद होंगी

अपूर्वी ने शूटिंग 15 साल की उम्र में शुरू की थी और आज वे भारतीय शूटिंग की दुनिया की दिग्गज बन गई हैं। इस खिलाड़ी ने आगे कहा “पूरे विश्व में आपको अपने खेल के स्तर को ऊंचा रखना होगा। मुझे शूटिंग करते हुए 11 साल हो गए हैं और हमेशा से यह एक चुनौती रही है।“ 

 इसमें कोई दो राय नहीं है कि भारतीय शूटिंग का स्तर ऊंचा हुआ है। हमने घरेलू प्रतियोगिताओं में कड़ी स्पर्धा का सामना किया है लेकिन इससे विश्व में खेलना आसान हो जाता है।

ओलंपिक गेम्स के लिए जिन 15 खिलाड़ियों ने अपना स्थान पुख्ता किया है उन नामों में बढ़ोतरी हो सकती है। अपूर्वी चंदेला का इस फ़ेहरिस्त में होने का मतलब है कि भारत और मेडल का फासला कम है।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!