ड्राई प्रैक्टिस और राइफल अपग्रेड संजीव राजपूत का अगला एजेंडा

संजीव राजपूत ने रियो डी जेनेरियो में आईएसएसएफ विश्व कप में रजत पदक जीतकर अपना ओलंपिक कोटा हासिल किया।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

अनुभवी भारतीय राइफल शूटर संजीव राजपूत सेल्फ-आइसोलेशन के इस समय में भी आगामी टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों में लगे हुए हैं। वह ड्राई प्रैक्टिस और योगा करते हुए खुद को फॉर्म में रखने की कोशिश कर रहे हैं।

आपको बता दें, ड्राई प्रैक्टिस में एक निशानेबाज़ किसी फायरमैन को ध्यान में रखते हुए दीवार पर लटकी एक वस्तु पर निशाना लगाता है। लेकिन इस दौरान वह बंदूक की असली गोलियों का इस्तेमाल नहीं करता है। यह गोलियों के संरक्षण के साथ-साथ किसी खिलाड़ी के खेल और कौशल को भी बेहतर रखता है।

राजपूत ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, “हमें अगले तीन सप्ताह तक या जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता है तब तक घर के अंदर ही रहना चाहिए। मैं योग और ध्यान के अलावा घर पर ड्राई प्रैक्टिस (ड्राई फायरिंग) कर रहा हूं।”

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से पूरी दुनिया लॉकडाउन है। इस समय में ओलंपिक की तैयारी कर रहे एथलीटों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि सभी को अब अपनी पूरी योजना को फिर से तैयार करना होगा।

रियो डी जेनेरियो में ISSF विश्व कप में पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर अपना टोक्यो ओलंपिक कोटा हासिल करने वाले संजीव राजपूत ने कहा, “मैं तीन साल से भी अधिक समय से ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रहा हूं और खेलों के सबसे बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहा हूं। लेकिन इस परिस्थिति में हमारे पास ओलंपिक को स्थगित करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। मैं इस फैसले का समर्थन करता हूं, हम जानते हैं कि यह हमारी भलाई के लिए है।”

भारत के संजीव राजपूत 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के क्वालिफिकेशन राउंड में 9वें स्थान पर रहे। 

मजबूत वापसी की उम्मीद

हरियाणा के 39 वर्षीय राइफल निशानेबाज़ चार बार ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं, जिनमें से तीन बार उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है। 2016 के ओलंपिक में उनका कोटा दुर्भाग्य से एक शॉटगन शूटर को दे दिया गया था।

हालांकि, संजीव राजपूत ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स और 2018 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के साथ वापसी की। जिसकी वजह से इस बार टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा लेने की उनकी संभावना काफी बढ़ गई है।

अब टोक्यो ओलंपिक के स्थगित होने के साथ संजीव राजपूत को लॉकडाउन हटने के बाद अपनी राइफल को अपग्रेड करने की जरूरत होगी और उससे प्रैक्टिस करनी होगी। उनके वर्तमान उपकरणों को टोक्यो ओलंपिक (जुलाई-अगस्त) की पहले की तय तारीखों को ध्यान में रखते हुए चुना गया था।

संजीव राजपूत ने कहा, “मैं अपने उपकरणों को अब अपग्रेड करूंगा। जिस जैकेट और ट्राउजर का मैं अभी उपयोग करता हूं और जिसे मैं इस साल होने वाले टोक्यो में इस्तेमाल करने जा रहा था। मेरे लिए 5-6 महीने का यह समय काफी अच्छा है। इसके अलावा मेरे पास बैक-अप राइफल है। एक बार लॉकडाउन खुलने के बाद मैं इसका इस्तेमाल करना शुरू कर दूंगा। नई बैरल का उपयोग करना बेहद जरूरी है क्योंकि मुझे अगले साल ओलंपिक में इसका इस्तेमाल करना रहेगा।”

“मैं फरवरी में बर्मिंघम गया था और ओलंपिक के लिए अपने उपकरण चुने थे। इसलिए अगले साल इंतज़ार करना सही नहीं रहेगा।”