अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए सौरभ चौधरी कर रहे हैं दिन-रात मेहनत

अपने रेंज में शिफ़्ट बनाकर भारत का ये शूटिंग सेंसेशन लय को बरकरार रखने की कर रहा है कोशिश

सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary) भले ही सिर्फ 17 साल के हैं, लेकिन शूटिंग रेंज में उनकी क़ाबिलियत को देखकर कहीं से नहीं लगता कि ये शूटर किसी से कम है।  

अपनी प्रतिभा और शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय पिस्टल शूटर पिछले कुछ सालों से अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर सबसे अधिक प्रतिभावान खिलाड़ियों में से एक रहे हैं।

चाहें वो ISSF विश्व कप हो या एशियाई खेल, यूथ ओलंपिक हो या राष्ट्रमंडल खेल जैसे बड़े इवेंट्स, उत्तर प्रदेश का ये शूटर अब तक के अपने छोटे से करियर में मुश्किल से ही कभी खाली हाथ घर लौटा है।

नई दिल्ली में आयोजित हुए 2019 ISSF विश्व कप में विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ 10 मीटर एयर पिस्टल में ओलंपिक के लिए टिकट हासिल करने के बाद सौरभ चौधरी ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन करने के लिए खेलों के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे।

लेकिन कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के चलते आयोजकों ने एक साल के लिए खेलों को आगे बढ़ा दिया, जिसकी वजह से एथलीटों को अपनी योजनाओं में फेरबदल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इसके अलावा महामारी की वजह से स्पोर्ट्स इवेंट्स की अनिश्चितता भी एथलीट समुदाय को परेशान कर रही थी।

खेलों के स्थगन से प्रभाव नहीं पड़ता

अगर शूटिंग कोच अमित श्योराण (Amit Sheoran) की मानें तो भारत के सेंसेशन शूटर पर खेलों के स्थगन का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

शुरू से ही सौरभ चौधरी के साथ काम करने वाले कोच श्योराण समझ गए हैं कि इस शूटर का आचरण कैसा है। कोच ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) से कहा कि, "वो ओलंपिक खेलों के स्थगन से प्रभावित नहीं है।"

"वो कहते हैं कि या तो ये अभी या अगले साल आयोजित किया जाएगा या 10 साल बाद, ये किसी के नियंत्रण में नहीं है और उसका काम केवल अपनी क्षमता के अनुसार तैयारी है ताकि वो प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।"

अपने दिमाग को हमेशा ही स्थिर रखने वाले सौरभ चौधरी ने अपना लक्ष्य तय कर लिया है। और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए वो किसी से रूकने वाले नहीं हैं।

मेरठ के कलिना में अपने घर पर एक रेंज में 17 वर्षीय शूटर ट्रेनिंग कर रहे हैं।

वो अपने लय को जारी रखे हुए हैं – जहां वो सुबह में तीन घंटे, शाम को दो घंटे और रात में दो घंटे ट्रेनिंग कर रहे हैं। उनके कोच ने कहा कि, “उनके पास किसी और चीज के लिए समय नहीं है।”

"दुनिया भर में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए, हर किसी की तरह वो भी दुखी महसूस करते हैं, लेकिन शर्मीला होने के कारण वो लॉकडाउन में शांति से रहना पसंद कर रहे हैं।"

भले ही शूटिंग सीज़न स्थगित हो गया हो, लेकिन ऐसा लगता है कि इस प्रतिभाशाली युवा को उसके लक्ष्य को प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता है।

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