कोरोना वायरस का प्रभाव: साइप्रस में होने वाले ISSF शॉटगन वर्ल्डकप में हिस्सा नहीं लेगी भारतीय टीम

एनआरएआई ( NRAI) ने भारतीय सरकार की सलाह का हवाला देते हुए कह कि अब वह दिल्ली में होने वाले आईएसएसएफ वर्ल्डकप ( ISSF WORLD CUP) पर अपना ध्यान केंद्रित करेगी। इस टूर्नामेंट में अब तक 7 टीमों ने अपना नाम वापस ले लिया है।

भारतीय निशानेबाजों ने 4 मार्च से 13 मार्च तक साइप्रस में होने वाले शॉटगन वर्ल्डकप से खुद को दूर कर लिया है। दरअसल भारत सरकार ने राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन (National Rifle Association of India) को इस खतरनाक स्थिति से अवगत करा दिया था।

NRAI के अधिकारी ने प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) को बताया कि केवल कोरोना वायरस के कारण हमने नाम वापस लेने का फैसला किया है और ऐसा राष्ट्रीय एजेंसी की सलाह के बाद किया गया है।

ISSF वर्ल्डकप के लिए भारत के प्लान

दुर्भाग्यवश ये निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत के निशानेबाजों ने ओलंपिक 2020 में देश के लिए सबसे बड़ा दल बनाया है, जिसमें पहले से ही 15 स्थान पक्के हैं। अब जब वह साइप्रस नहीं जा रहे हैं तो वे संयुक्त राइफल / पिस्टल / शॉटगन आईएसएसएफ विश्व कप पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे। यह टूर्नामेंट 16 मार्च से दिल्ली में शुरू होगा। इस घरेलू टूर्नामेंट में मनु भाकर (Manu Bhaker), सौरभ चौधरी (Saurabh Chaudhary), एलावेनिल वालारिवान (Elavenil Valarivan), यशस्विनी सिंह देसवाल (Yashaswini Singh Deswal) और राही सरनोबत सहित कई निशानेबाज दिखाई देंगे।

आईएसएसएफ वर्ल्डकप का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इसमें किए प्रदर्शन के आधार पर ही टोक्यो ओलंपिक में जाने वाली भारतीय टीम निर्धारित होगी।

टोक्यो 2020 में भारत के लिए मनु भाकर मेडल जीतने की रेस में सबसे आगे
टोक्यो 2020 में भारत के लिए मनु भाकर मेडल जीतने की रेस में सबसे आगेटोक्यो 2020 में भारत के लिए मनु भाकर मेडल जीतने की रेस में सबसे आगे

दक्षिण कोरिया को चाहिए NRAI से स्पष्टीकरण

कोरोनो वायरस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में बहरीन ने अगले महीने नई दिल्ली में आईएसएसएफ विश्व कप से अपना नाम वापस ले लिया है। वहीं दक्षिण कोरिया ने भारतीय राइफल संघ से पूछा है कि उनके निशानेबाजों को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति दी जाएगी या नहीं। दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस ने कहर मचा रखा है। अब तक इस देश में 13 लोग इसकी वजह से अपनी जान गंवा बैठे हैं और 1700 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं।

इसके कारण, भारतीय दूतावास ने एक निर्देश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि कोरिया, ईरान और इटली से भारत आने वाले पर्यटकों को 14 दिन तक जांच के दायरे में रखा जाएगा। इसी को देखते हुए यह भ्रम हो गया था कि क्या दक्षिण कोरिया को इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अनुमति है या नहीं।

कोरिया शूटिंग एसोसिशएन (Korea Shooting Federation) के जनरल सेक्रेटरी योंगजाए ली ने NRAI (National Rifle Association of India) के अध्यक्ष रनिंदर सिंह (Raninder Singh) को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने स्थिति को साफ करने का निवेदन किया था।

वर्तमान में अधिकतर कोरियन एथलीट आईएसएसएफ वर्ल्डकप में हिस्सा लेना चाहते हैं। हालांकि खिलाड़ियों के साथ अधिकारियों को भी लग रहा है कि कोरियन खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में हिस्सा ना ले पाएं। प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के अनुसार अभी सभी को कहा गया है कि वह कोविद-19 पर अपनी स्थिति बताएं।

इस बीच, NRAI अभी भी इस मुद्दे पर बारीकी से काम कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ दक्षिण कोरियाई पहले से ही अपने टिकट बुक कर रहे हैं और अपने एथलीटों और अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए अपने वीजा के लिए अप्लाई कर रहे हैं। सभी का उद्देश्य इसका समाधान जल्द से जल्द ढूंढना है।

ISSF वर्ल्डकप से बाहर हुआ बहरीन

इस टूर्नामेंट में बाहर होने वाले देशों की फेहरिस्त में बहरीन का नाम भी जुड़ गया है। इससे पहले चीन, नॉर्थ कोरिया, ताइवान, हांगकांग, मकाउ और तुर्कमेनिस्तान ने कोरोना वायरस के चलते इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया था।

इससे पहले चीनी एथलीटों को भारत सरकार द्वारा हाल ही में संपन्न एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के लिए वीजा नहीं दिया गया था और बाद में आईएसएसएफ विश्व कप में उनकों न हिस्सा लेने के लिए पहले ही NRAI को सूचित कर दिया था।

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