युवा एथलीटों को नंगे पैर दौड़ते हुए नहीं देख सकती : दुती चंद

भारतीय ओलंपिक धावक एथलीटों के लिए एक स्टेडियम का निर्माण करना चाहती हैं और वो ये नहीं चाहती हैं कि युवा एथलीट भी उन कठिनाइयों का सामना करे, जिनका उन्होंने सामना किया था।

दुती चंद (Dutee Chand) अलग-अलग वजह से कई लोगों के लिए प्रेरणा रही हैं। इस भारतीय धावक ने कई चुनौतियों का डटकर सामना किया है और आगे बढ़ते हुए कई बाधाओं पर को पार कर जीत हासिल की है। जबकि पिछले साल ही समान-सेक्स संबंध में होने के रहस्य को उजागर कर उन्होंने अपने व्यक्तित्व को और शक्तिशाली बना लिया था।

दुती चंद वो एथलीट रही हैं जिन्होंने देश में एथलेटिक्स के उदय में एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है, भारतीय धावक उन युवाओं के साथ सहानुभूति रखती हैं जो उनके स्तर तक पहुँचना चाहते हैं।

24 वर्षीय ने वोग मैगज़ीन (Vogue) के साथ एक इंटरव्यू में कहा, "मैंने ओडिशा के एक छोटे से गांव में नंगे पांव ट्रेनिंग की, मुझे पता है कि उचित सुविधाओं के बिना ट्रेनिंग करना बेहद मुश्किल हो सकता है।"

“ये सब अनुभव करने के बाद, मैं एक ऐकेडमी बनाकर अपने समुदाय को देना चाहूंगी। मैं नहीं चाहती कि कोई दूसरा बच्चा नंगे पांव दौड़े या मेरे जैसे मुश्किलों का सामना करे। मैं उनके ट्रेनिंग के लिए एक स्टेडियम का निर्माण करके उनके सपनों को साकार करना चाहती हूं।

लिंग परीक्षण के खिलाफ भारतीय धावक दुती चंद की चुनौती

लिंग परीक्षण के खिलाफ भारतीय धावक दुती चंद की चुनौती

भारतीय स्प्रिंटर इससे पहले भी कई बार मदद के हाथ आगे बढ़ाती रही हैं, उन्होंने लॉकडाउन के दौरान ओडिशा में अपने घर में जरूरतमदों को आवश्यक सामान वितरित करने की पहल की थी।’’

दुती चंद ने कहा, "मेरे लिए गांव के बुजुर्गों से बहुत सारा प्यार और स्नेह के साथ आशीर्वाद लेना बहुत ही अद्भुत अनुभव था। ये बहुत संतोषजनक था कि मैं समाज और गाँव के लिए कुछ कर सकी जहाँ मैं बड़ी हुई।"

टोक्यो 2020 पर है नज़र

दुती चंद लॉकडाउन की घोषणा से ठीक पहले पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) से अपने घर लौटने में सफल रही थीं और तब से अकेले ट्रेनिंग कर रही हैं। भारतीय स्प्रिंटर ने मई के अंत से आउटडोर ट्रेनिंग करनी शुरू कर दी है, उनका मुख्य उद्देश्य अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के लिए तैयार होना है।

24 वर्षीय ने रियो 2016 में ओलंपिक में पदार्पण किया था और अगर वो फिर से ऐसा करना चाहती हैं, तो उन्हें अपने 100 मीटर नेशलन रिकॉर्ड 11.22 सेकंड से बेहतर करना होगा। दुती चंद के भारतीय ग्रां प्री प्रतियोगिता में लौटने की संभावना है, जो सितंबर में 2020 के भारतीय एथलेटिक्स सीज़न में प्रस्तावित है।

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया? इसे अपने दोस्तों के साथ साझा करें!