ला लीगा और चैंपियन लीग की तरह अब ISL में भी होंगे पांच सब्स्टिट्यूशन

COVID की समस्या से बचने के लिए अब ISL भी दुनियाभर की लीगों की तरह पांच सब्स्टिट्यूशन वाले नियम को लागू करेगा।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

आईएसएल टीमों को आने वाले 2020-21 इंडियन सुपर लीग सीज़न में प्रति मैच पांच सब्स्टिट्यूशन की अनुमति होगी। आईएसएल 2020-21 20 नवंबर से शुरू होगा।

आईएसएल के एक अधिकारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, "आईएसएल टीमों के पास कुल पांच सब्स्टिट्यूशन के तीन अवसर होंगे, जिसमें हाफ टाइम शामिल नहीं होगा।"

इसके अलावा, आईएसएल टीमों को भी अपने बेंच पर खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाने की अनुमति दी गई है। पहले सात खिलाड़ियों को बेंच पर रखने की अनुमति थी और अब नौ हो गई है।

इससे पहले प्रति मैच प्रति टीम को तीन सब्स्टिट्यूशन की अनुमति थी और एक्स्ट्रा टाइम में चौथे सब्स्टिट्यूशन की अनुमति होती थी।

जब कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के बाद दुनिया भर में फुटबॉल फिर से शुरू हुआ, तो टीमों को स्क्वाड को रिफ्रेश और चोट मुक्त रखने के लिए पांच सब्स्टिट्यूशन की अनुमति दी गई।

मैनचेस्टर यूनाइटेड (Manchester United) के मैनेजर ओले गुन्नार सोल्स्कजेर (Ole Gunnar Solskjaer) प्रीमियर लीग के पिछले सीज़न के अंत में शेफ़ील्ड यूनाइटेड (Sheffield United) के खिलाफ मैच में एक बार में पाँच सब्स्टिट्यूशन करने वाले दुनिया के पहले मैनेजर थे।

पांच सब्स्टिट्यूशन नियम के बाद ला लीगा, सीरी ए, बुंडेसलीगा और यूईएफए चैंपियंस लीग जैसी अंतरराष्ट्रीय लीग में भी इसे लागू किया गया, लेकिन प्रीमियर लीग में फिर से प्रति मैच नियम के अनुसार तीन सब्स्टिट्यूशन के विकल्प लागू हो गए हैं।

आईएसएल के एक अन्य अधिकारी ने कहा, “पाँच-सब्स्टिट्यूशन नियम उन क्लबों की बहुत मदद करता हैं जिनके पास मजबूत बेंच स्ट्रेंथ है। इस नियम के कारण कुछ नया देखने को भी मिलेगा।”

अवे गोल नियम रहेगा बरकरार

आईएसएल ने ये भी घोषणा की है कि किसी भी नॉकआउट मैच का निर्णय अवे गोल नियम के तहत किया जाएगा।

इस नियम में अगर दो-लीग वाले मुक़ाबले के बाद टीमों ने बराबर गोल किए हैं, तो जिस टीम ने अधिक अवे गोल किए हैं, यानी विपक्षी टीम के घरेलू मैदान में, वो टीम टाई जीतती है।

अगर दोनों टीमों ने समान संख्या में गोल किए हैं, तो पेनल्टी शूट आउट के तहत टाई के वितेजा का चुनाव होगा।