अचंता शरत कमल ने ओमान ओपन में सिंगल्स के खिताब पर किया कब्जा

हरमीत देसाई भी इस दिन दूसरे भारतीय खिलाड़ी के रूप में शिरकत करते नज़र आए, जहां उन्हें सेमीफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय टेबल टेनिस दिग्गज अचंता शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) ने रविवार को मस्कत में ITTF चैलेंज प्लस ओमान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया। उन्होंने फाइनल में पुर्तगाली पैडलर और शीर्ष वरीयता प्राप्त मार्कोस फ्रेइटास (Marcos Freitas) पर रोमांचक जीत हासिल की।

रूस के किरिल स्काचकोव (Kirill Skachkov) को सेमीफाइनल मुकाबले में हराने के कुछ ही घंटों बाद शरत कमल ने फाइनल मुकाबले में 6-11, 11-8, 12-10, 11-9, 3-11, 17-15 के स्कोर लाइन के साथ खिताब पर कब्जा किया।

ओमान ओपन में चौथी वरीयता प्राप्त शरत कमल ने कहा, "यहां अच्छी तरह से खेलने से बेहतर रैंकिंग हासिल करने और विशेष रूप से एशियन ओलंपिक क्वालिफायर के लिए मदद मिलेगी।" "इस बार बहुत सारे भारतीय खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जहां हम सभी टोक्यो में एक टिकट की तलाश करते नज़र आएंगे।

"यहां मेरा प्रदर्शन मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण होगा और साथ ही मैं ओलंपिक के लिए तैयार हूं और मुझे उम्मीद है कि मैं इसका फायदा उठा सकता हूं।"

भारत के एक अन्य खिलाड़ी हरमीत देसाई (Harmeet Desai) को सेमीफाइनल में हराकर मार्कोस फ्रेइटास फाइनल में पहुंचे थे।

अचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराकर ओमान ओपन का खिताब जीता। फोटो: ITTF
अचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराकर ओमान ओपन का खिताब जीता। फोटो: ITTFअचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराकर ओमान ओपन का खिताब जीता। फोटो: ITTF

अचंता शरत कमल ने फाइनल में मार्कोस फ्रेइटास को हराया

दुनिया ने 38वें नंबर के पैडलर अचंता शरत कमल ने जल्दी से 5 अंक लेकर फाइनल की शुरुआत की, लेकिन दुनिया के 26वें नंबर के खिलाड़ी मार्कोस फ्रेइटास जल्द ही अपनी लय में लौटे और छह अंक हासिल कर गेम जीत लिया।

दूसरे गेम में मार्कोस फ्रेइटास के खिलाफ शरत कमल ने शुरूआत में संघर्ष किया। इस गेम में दोनों तरफ पलड़ा बारी बारी से झुक रहा था। लेकिन अचंता शरत कमल ने लगातार चार अंक हासिल कर गेम का रुख बदल दिया और गेम भी 11-8 से अपने नाम कर लिया।

इसके बाद के अगले दो गेम में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन दोनों ही गेम में अचंता शरत कमल मौके पर ज्यादा प्रभावी नज़र आए और दोनों गेम 12-10 और 11-9 से अपने नाम कर लिया। इन दोनों गेम में जीत ने शरत कमल को ओमान ओपन जीतने के करीब पहुंचा दिया।

हालांकि पांचवें गेम में मार्कोस फ्रेइटास को जीत जरुर मिली, इस गेम में उन्होंने शरत कमल को 11-3 से हराया, लेकिन वो फाइनल में निर्णायक सातवें गेम तक नहीं पहुंच सके।

मार्कोस फ्रेइटास ने अपनी पूरी ताकत लगा दी, लेकिन जो लय अचंता शरत कमल ने हासिल किया था उसे बनाए रखा और फाइनल मुकाबले के छठे गेम में संघर्षपूर्ण मुकाबले में 17-15 से जीत के बाद ओमान ओपन का खिताब अपने नाम कर लिया।

अचंता शरत कमल ने सेमीफाइनल में किरील स्काचकोव को हराया

इससे पहले अचंता शरथ कमल ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में रूस के किरील स्काचकोव को 11-13, 11-13, 13-11, 11-9, 13-11, 8-11, 11-7 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

अनुभवी भारतीय पैडलर ने पहले गेम में 4-1 की बढ़त के साथ अच्छी शुरुआत की, लेकिन अंत में इस गेम को वो हार गए। दूसरे गेम में चार गेम प्वाइंट बचाने के बावजूद अचंता शरत कमल को इस गेम में भी हार झेलनी पड़ी।

हालांकि तीसरे गेम में पासा पलटा और अचंता शरत कमल को जीत हासिल हुई, भले ही एक समय वो 5-7 से पीछे चल रहे थे लेकिन अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए भारतीय पैडलर ने गेम जीतकर सेमीफाइनल में जीत का खाता खोला। इस जीत ने भारतीय पैडलर का आत्मविश्वास बढ़ाया और वो लगातार दो गेम जीतने में सफलता हासिल की।

एक घंटे और आठ मिनट तक चले इस मुकाबले में अंततः भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी के नाम जीत नसीब हुई और उन्होंने 2010 में मिस्र ओपन के बाद पहली बार किसी ITTF फाइनल में जगह बनाने में सफलता हासिल की।

सेमीफाइनल में हरमीत देसाई को संघर्षपूर्ण मुकाबले में मिली हार

दुनिया के 87वें नंबर के खिलाड़ी हरमीत देसाई के सामने पुरुष एकल के सेमीफाइनल में मार्कोस फ्रेइटास की चुनौती थी। इस मुकाबले में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। एक समय हरमीत देसाई पुर्तगाल के पैडलर से 3-1 से आगे थे, जहां उन्होंने 5-11, 11-9, 6-11, 6-11 से जीत हासिल की थी। लेकिन अंतिम तीनों गेम 11-8, 13-11, 11-5 से गवांने के बाद वो सेमीफाइनल मुकाबला हार गए।

एक समय ऐसा लग रहा था कि भारतीय टेबल टेनिस स्टार पांचवें गेम में ही मुकाबला खत्म कर देंगे, जब वो 6-4 से आगे चल रहे थे लेकिन मार्कोस फ्रेइटास आसानी से हार मानने वाले नहीं थे।

पुर्तगाली पैडलर ने वापसी की और पांचवें गेम में लगातार तीन अंक हासिल कर मैच में तो वापसी की ही, साथ ही गेम भी अपने नाम कर लिया। 

छठे गेम में दोनों के बीच एक बार फिर कांटे की टक्कर हुई, जहां एक एक अंक के लिए लंबी रैली देखने को मिली, अंतत: हरमीत देसाई को यहां भी हार का सामना करना पड़ा।

सेमीफाइनल के अंतिम गेम में हरमीत देसाई अपनी लय में वापस आने की कोशिश की लेकिन  5-11 से हारने के बाद फाइनल से बाहर हो गए।

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