महामारी से लड़ने के लिए भारतीय युवा एथलीटों ने अपनाएं अनूठे रास्ते

टेबल टेनिस के दो खिलाड़ी चिकित्सा पेशेवरों की मदद के लिए उनके साथ जुड़ गए हैं, जबकि एक 15 वर्षीय गोल्फर ने COVID-19 के खिलाफ लड़ाई में मदद करने के लिए अपनी ट्राफियाँ बेच दी है।

कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप ने पूरी दुनिया को रोक दिया है और लॉकडाउन के कारण कई देशों में उनके डॉक्टर और चिकित्सा पेशेवर मरीजों का इलाज करने और जीवन को सामान्य बनाने के लिए अतिरिक्त घंटे काम कर रहे हैं।

सानिया मिर्ज़ा (Sania Mirza) और पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने राष्ट्रीय राहत कोष में योगदान दिया है, जबकि कुछ ने अपनी प्रतिभा का उपयोग भारत में महामारी से लड़ने में मदद करने के लिए किया है।

जहां बड़े खिलाड़ियों ने अपने प्रभाव और पहुंच का उपयोग किया है, तो वहीं युवा खिलाड़ी भी अपना योगदान देने में पीछे नहीं हैं। भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी के आर रोहित (KR Rohit) और आर के युक्ती रोशनी (R Ke Yukti Roshni) मेडिकल इंटर्न हैं और चेन्नई में चिकित्सा पेशेवरों के साथ शामिल हो गई हैं।

रोहित ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा कि, “मामलों की संख्या बढ़ रही है। एक अलग ब्लॉक है जिसे परीक्षण और आइसोलेशन के लिए स्थापित किया गया है। मैं पिछले हफ्ते इमरजेंसी वार्ड में था।’’

के आर रोहित 2013 में विश्व जूनियर चैंपियनशिप में भारतीय टेबल टेनिस टीम का हिस्सा रहे थे। फिलहाल ये युवा खिलाड़ी चेन्नई में राजीव गांधी गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में अपनी इंटर्नशिप में एक महीने का एक्सटेंशन मिलने के बाद चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।

आर के युक्ता रोशनी भी तंजावुर मेडिकल कॉलेज में इसी तरह से मदद कर रहीं हैं। घरेलू सर्किट में तीसरा स्थान हासिल करने वाली इस पूर्व जूनियर भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी ने कहा कि खेल के दिनों में दबाव से निपटने का उनका अनुभव उपचार के दौरान उनकी मदद कर रहा है।

महामारी के दौरान युवा एथलीटों का योगदान

राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ने उन्हें घर पर रहने और उस खेल से दूर रहने के लिए मजबूर किया होगा, जिसे वो खेलना पसंद करते हैं लेकिन 15 वर्षीय गोल्फ़र अर्जुन भाटी के लिए स्थिति की गंभीरता को परिभाषित करना उनकी उपलब्धियों के रिकॉर्ड रखने से अधिक महत्वपूर्ण है।

भारत में राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीतने के साथ, तीन बार के विश्व जूनियर चैंपियन अर्जुन भाटी (Arjun Bhati) ने अपने भागदौड़ भरे करियर में जीती 102 ट्राफियाँ बेचकर चार लाख रुपये से अधिक का फंड इकट्ठा किया है।

नोएडा के गोल्फर की इस तरह की कोशिश और रोहित और रोशनी जैसे लोगों का योगदान अधिक . अधिक युवाओं को इस महामारी की लड़ाई में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

खिलाड़ियों का योगदान जारी है

कई अन्य एथलीटों और खेल निकायों ने प्रकोप से लड़ने में मदद करने के लिए आर्थिक योगदान दिया है। इसमें टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया, हॉकी इंडिया, नीरज चोपड़ा, अपूर्वी चंदेला और कई अन्य एथलीटों के साथ साथ भारतीय खेल मंत्री भी शामिल हैं।

कुछ एथलीट अपनी क्षमता के अनुसार लोगों को जागरुक करने में जुटे हैं, और कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने और कम करने में अपना योगदान दे रहे हैं।

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