जापान में मिली ट्रेनिंग ने साथियान गणानाशेखरन के ओलंपिक सपने को किया है मजबूत

टोक्यो गेम्स में आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी अंतिम 8 तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं।

लेखक विवेक कुमार सिंह ·

टोक्यो ओलंपिक अभी सात महीने दूर है और भारत के शीर्ष क्रम के टेबल टेनिस खिलाड़ी साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran) ने अगले साल होने वाले इवेंट के लिए पहले ही अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया है।

हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में News18.com से बात करते हुए भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि मैं अंतिम 16 या फिर क्वार्टर फाइनल राउंड तक पहुंचना चाहता हूं।

"भारत के लिए ओलंपिक खेलना हमेशा से मेरा सपना रहा है इसलिए ये एक बड़ी बात है। मैं अब काफी परिपक्व खिलाड़ी हो गया हूं और मैंने पिछले साल में अपने खेल के बारे में बहुत कुछ सीखा है। मैंने शारीरिक, मानसिक और तकनीकी रूप से सुधार किया है। इन चीजों से मदद मिलनी चाहिए। मुझे उम्मीद है कि 2021 मेरे लिए एक गेम-चेंजिंग ईयर होगा।”

27 साल के ये खिलाड़ी पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टेबल टेनिस के लिए सबसे बेहतरीन संभावनाओं में से एक बने हुए हैं।

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, साथियान ने कमाल का प्रदर्शन किया है। उन्होंने दुनिया के नंबर 4 खिलाड़ी जापान के टोमाकोजू हरिमोटो, फ्रांस के पूर्व शीर्ष -10 खिलाड़ी साइमन गॉज़ी और डेनमार्क के ग्रोथ जोनाथन को हराया है।

भले ही कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी ने उनके इस लय को रोक दिया हो, लेकिन चेन्नई के इस खिलाड़ी ने पोलिश सुपरलीगा और जापानी टी-लीग के साथ प्रतिस्पर्धी मैचों में वापसी की।

टी-लीग में ओकायामा रिवेट्स के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए पिछले कुछ सप्ताह बिताने के बाद, साथियान गणानाशेखरन का मानना ​​है कि जब ओलंपिक करीब आएगा तो ये एक्सपोज़र ज्यादा लाभदायक साबित होगा।

“मैचों से अधिक, मुझे लगता है कि मुझे जो शीर्ष जापानी खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग करने का मौका मिला है, वो शायद ही मुझे कहीं और मिल पाता। ये ओलंपिक के लिए बहुत अच्छी तैयारी है और मुझे सबसे अच्छा मौका मिल रहा है।”

"जब आपके साथ 20-30 शीर्ष खिलाड़ी एक साथ ट्रेनिंग करते हैं, तो आप समझ सकते हैं कि आपको किस प्रकार आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। जापानी खिलाड़ी बहुत से कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हैं और सही कौशल का अभ्यास करते हैं।"

जहां साथियान गणानाशेखरन किसी भी प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए बेकरार हैं, वहीं मनिका बत्रा अभी किसी मुकाबले में उतरती हुई नहीं दिख रही हैं।

फ्रेंच लीग में भाग लेने वाले साथियान गणानाशेखरन और हरमीत देसाई (Harmeet Desai) ने चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद प्रतिस्पर्धी टेबल टेनिस को फिर से शुरू करने के लिए कदम उठाए हैं, जबकि अचंता शरत कमल (Achanta Sharath Kamal) और मनिका बत्रा (Manika Batra) जैसे अन्य शीर्ष खिलाड़ियों के लिए इस साल खेलना मुश्किल है।

साथियान गणानाशेखरन का मानना ​​है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के फिर से शुरू होने पर इसका असर देखने को मिलेगा। दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी ने कहा, “हरमीत फ्रांस में मैच खेल रहे हैं। हम दोनों को छोड़कर, कोई भी भारत से बाहर नहीं गया है और इसलिए, ये थोड़ा मुश्किल होने जा रहा है।”

“अन्य देशों की तुलना में भारत को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। भारतीय खिलाड़ियों के लिए सोनीपत में एक राष्ट्रीय शिविर आयोजित किया गया था, जो एक अच्छी शुरुआत है। लेकिन हां, मैच खेलना ज्यादा महत्वपूर्ण है।”

साथियान ने कहा, “TTFI (टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया) संभवत: राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करेगा, जो कि एक बड़ा कदम होगा। हम कम से कम आपस में खेलना शुरू कर सकेंगे। हमें टूर्नामेंट खेलने की जरूरत है। हम सभी ट्रेनिंग कर रहे हैं लेकिन मैच के लिए हम तभी तैयार होंगे, जब हम टूर्नामेंट खेलेंगे।”