साथियान गणानाशेखरन को उम्मीद है कि साल 2021 होगा ज़्यादा बेहतर

2016 रियो ओलंपिक के दौरान 170वीं रैंकिंग पर क़ाबिज़ साथियान टोक्यो ओलंलिपक में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं।

लेखक लक्ष्य शर्मा ·

भारतीय टेबल टेनिस प्लेयर साथियान गणानाशेखरन (Sathiyan Gnanasekaran) को विश्वास है कि अगला साल उनके लिए और बेहतर होगा। साथियान भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 2019 में ITTF रैंकिंग के शीर्ष -25 में प्रवेश किया था।

27 साल के इस खिलाड़ी का ओलंपिक साल में प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। साथियान ने अपने साथी अचंता शरथ कमल (Achanta Sharath Kamal ) के साथ मिलकर फरवरी में हुए हंगरियन ओपन में सिल्वर मेडल जीता।

साथियान गणानाशेखरन की इस समय वर्ल्ड रैंकिंग 31वीं है और कोरोना वायरस (COVID-19) के कारण खेलों के स्थगित होने से पहले ही वह लगभग टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं।

हालांकि खेलों की दुनिया में लगी ये रोक भी साथियान के मजबूत इरादों को हिला नहीं सकती। इस खिलाड़ी को उम्मीद है कि साल 2021 और भी बेहतर होगा।

साथियान गणानाशेखरन ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान बताया कि “मैं इसे सकारात्मक तौर पर लेता हूं कि मुझे प्रैक्टिस करने के लिए एक और साल का वक्त मिल गया। मुझे लगता है कि मैं साल 2021 में और अच्छा प्रदर्शन करूंगा।”

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि “अभी मुझे और बेहतर करना है और मुझे लगता है कि मैं अभी जैसा प्रदर्शन कर रहा हूं, उससे अच्छा ओलंपिक में करूंगा।”

साल 2016 ओलंपिक गेम्स के दौरान इस खिलाड़ी की रैंकिंग 170वीं थी, जिस वजह से वह उसमें हिस्सा नहीं ले पाए थे। इसके बाद इस खिलाड़ी ने खुद को मजबूत किया और पिछले कुछ सालों में वह भारत की तरफ से टेबल टेनिस में बड़ी उम्मीद बनकर उभरे।

अब ये पैडलर ओलंपिक में हिस्सा लेने के साथ साथ अपनी अगली परीक्षा के लिए अपना शत प्रतिशत देने के लिए तैयार है।

इस खिलाड़ी ने बताया कि “बिल्कुल, मेरी इस समय वर्ल्ड रैंकिंग 31वीं है और मैं लगभग ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुका हूं।” साथियान ने कहा कि “अगर आप मेरा ग्राफ देखें तो साल 2017 से 2019 के बीच मैंने बहुत सुधार किया है। साल 2020 का सीजन अभी शुरू होना बाकी है इसलिए मुझे लगता है कि मैं यहां से बेहतर प्रदर्शन ही करूंगा।”

साथियान को ये बात अच्छे से पता है कि ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना और पोडियम में अपना स्थान बनाना बहुत अलग अलग काम है।

स्पोर्ट्सस्टार के इंस्टाग्राम लाइव सेशन में इस खिलाड़ी ने माना कि टोक्यो में ओलंपिक मेडल जीतना काफी चुनौतीपूर्ण होगा और यह काफी मुशिकल सफर होगा”

नियंत्रित आक्रामकता सीखना

अचंता शरथ कमल से बैटन लेते हुए, जी साथियान भारतीय पुरुष टेबल टेनिस का उभरता हुआ चेहरा बनें। जबकि अनुभव ने उनकी परिपक्वता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथियान अपने कोच एस रमन उनकी खेल मानसिकता में बदलाव लाने का श्रेय देते हैं।

जी साथियान ने कहा कि उन्होंने मेरे खेलने के तरीकों में बहुत बदलाव किए हैं, जिसकी वजह से मैं परिस्थिति की वजह से अपने खेल में बदलाव कर पाता हूं। मुझे अब पता है कि मुझे कब बचाव करना है और कब हमला करना है। वहीं तकनीकी रूप से भी मैं पहले से मजबूत हूं।”

इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में साथियान ने तब सुर्ख़ियाँ बटोरीं थीं जब वह एक रोबोट के साथ प्रैक्टिस कर रहे थे। द बटरफ़्लाई एमिकस प्राइम नाम का रोबोट साथियान का लॉकडाउन के समय बेहतरीन साथी रहा है।

एक महीने बाद, एथलीट ने अलग-अलग गति और स्पिन संबंधों में प्रत्येक मिनट में 100 से अधिक गेंदों को खेलने की कला को सीख लिया। साथियान ने खुलासा किया कि “मैं कभी कभी इतना खेल लेता हूं कि मशीन गर्म हो जाती है क्योंकि उसे भी ब्रेक चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि रोबोट को भी ब्रेक चाहिए क्योंकि वह थक जाता है।”