खिलाड़ियों को कम उम्र में ही मेडिटेशन पर ध्याना देना ज़रूरी: अंकिता रैना

टेनिस खिलाड़ी ने खेल के मानसिक पहलू से निपटने के टिप्स देने के साथ ही, इस बारे में बात की कि कैसे एक खेल मनोवैज्ञानिक ने उनकी मदद की।

भारतीय टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना (Ankita Raina) ने युवाओं को शुरुआत में ही ध्यान (मेडिटेशन) लगाने की सलाह दी क्योंकि इससे खेल के विभिन्न पहलूओं पर मदद मिलती है। अंकिता ने ये बात भारतीय टेनिस संघ द्वारा आयोजित वेबिनार में कही।

अखिल भारतीय टेनिस संघ (AITA) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कोच सुरेश सोनचलम (Suresh Sonachalam) के साथ बातचीत में अंकिता ने कहा कि, ‘’मुझे लगता है कम उम्र में ध्यान लगाना वास्तव में मददगार है। मैंने 18 साल की उम्र में इसे करना शुरू कर दिया था, लेकिन इसे 8 या 10 साल की उम्र के बच्चे भी इसे कर सकते हैं।"

भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि “यह आपको अधिक आत्म जागरूक बनने में मदद करता है। मैं वास्तव में यह नहीं बता सकती कि यह कैसे काम करता है, लेकिन यह मस्तिष्क को साफ करता है।मैं क्या कह रही हूं ये आपको तब पता चलेगा जब आप इस प्रक्रिया से गुजरेंगे।”

अंकिता रैना WTA रैंकिंग में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करने वाली खिलाड़ी हैं, इस समय वह 163वें स्थान पर काबिज है।

इस भारतीय स्टार ने बताया कि जब वह सीनियर स्तर पर बदलाव कर रही थीं, तब उन्होंने एक खेल मनोवैज्ञानिक की मदद कैसे ली।

अंकिता ने कहा कि “मैंने उनके साथ मेंटल ट्रेनिंग शुरू की, उन्होंने मुझे कुछ अभ्यास और ड्रिल सिखाए, इसका इस्तेमाल मैं कोर्ट पर करती हूं और इससे मेरे खेल में निखार भी आया है।”

विफलता से सबक़

परिणाम भी मानसिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है। सभी खिलाड़ियों का लक्ष्य जीत का होता है लेकिन हार भी इसका हिस्सा है।अंकिता रैना के अनुसार, ये अनुभव एक एथलीट को ढलने में अहम योगदान देते हैं।

27 साल की इस खिलाड़ी ने कहा कि “मैच में आप अपने अनुभव से सीखते हैं। मुझे लगता है कि मैच में हार झेलना भी जीत के समान ही महत्वपूर्ण है। जब आप हारते हैं तो अपने कोच और अपने माता पिता से सलाह लेते हैं, साथ ही साथ आप खुद से पूछते हैं कि चूक कहां हुई। यह सीखने की प्रक्रिया है।‘’

फ़ेड कप ‘ख़ास’

अहमदाबाद की रहने वाली ये महिला टेनिस खिलाड़ी उस ऐतिहासिक फ़ेड कप का भी हिस्सा थीं, जहां पहली बार भारतीय महिला टीम प्ले-ऑफ़्स में पहुंची है। अंकिता ने उस अनुभव को बेहद ख़ास और यादगार क़रार दिया।

मुंबई मिरर के साथ बातचीत में अंकिता रैना ने कहा कि, ‘’फ़ेड कप मेरे लिए हमेशा से ही ख़ास रहा है, ये साल के उस हफ़्ते में होता है जब हम सभी एक साथ अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं। सानिया मिर्ज़ा के साथ खेलना और उनकी वापसी को देखना प्रेरणादायक है, ख़ास तौर से जब उन्होंने बच्चे को जन्म देने के बाद कोर्ट पर वापसी की।‘’

अंकिता ने आगे कहा कि वह फ़िलहाल एक कड़ी डेली रूटीन के तहत काम कर रही हैं, और ख़ुद को फ़िट रखने पर मेहनत कर रही हैं।

‘’हमें हर चीज़ के लिए तैयार रहना चाहिए, हमें नहीं पता कि कब प्रतियोगिताएं बहाल होंगी लेकिन इसके लिए ख़ुद को फ़िट और तैयार रखना ज़रूरी है।‘’

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