अंकिता रैना को अपनी रैंकिंग में सुधार करने के लिए नहीं मिल रहे मौके

अहमदाबाद में जन्मी टेनिस स्टार ने भारत के फेड कप अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, जहां वह इतिहास में पहली बार प्लेऑफ में पहुंचने में सफल रहीं।

लेखक ओलंपिक चैनल ·

भारत की शीर्ष क्रम की महिला एकल टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना (Ankita Raina) ने अपनी डब्ल्यूटीए रैंकिंग (WTA rankings) में सुधार करने के लिए पर्याप्त खेल अवसर नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त की है। कोरोना वायरस के तेज़ी से बढ़ते प्रकोप के चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। जिसके बाद दुनियाभर में सभी खेल आयोजनों पर भी इसका असर देखने को मिला और कई टूर्नामेंट स्थगित कर दिए गए।

परिणामस्वरूप, दोनों टेनिस एसोसिएशन (एटीपी) और महिला टेनिस एसोसिएशन (डब्ल्यूटीए) ने 7 जून तक सभी टूर्नामेंट स्थगित कर दिए हैं। टेनिस खिलाड़ियों को सबसे बड़ा झटका बीएनपी परिबास ओपन (BNP Paribas Open) के रद्द होने और ग्रैंड स्लैम फ्रेंच ओपन (Grand Slam French Open) के स्थगित होने लगा है। अंकिता रैना ने बताया कि इस सत्र ने उन्हें वित्तीय तौर पर तो नुकसान नहीं पहुंचाया है।

वर्ल्ड रैंकिंग में 163वें पायदान पर काबिज़ अंकिता रैना ने टीओआई से बात करते हुए कहा, “मेरे स्तर पर पैसा मुख्य उद्देश्य नहीं है, क्योंकि शीर्ष 100 के अंदर आने वाले खिलाड़ी ही हैं जो वास्तव में सर्किट के अंदर पैसा बना पाते हैं।”

27 वर्षीय टेनिस खिलाड़ी ने आगे कहा, “फिलहाल मेरा लक्ष्य शीर्ष 100 में पहुंचना है लेकिन खेल अवसरों की कमी के चलते अंक अर्जित करना काफी मुश्किल है”।

साल 2020 में की एक शानदार शुरुआत

अंकिता रैना के लिए साल 2019 काफी व्यस्त रहा, जहां उन्होंने 32 टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। साल 2020 की बात की जाए तो इस सत्र की शुरुआत अंकिता रैना ने आईटीएफ ऑस्ट्रेलियन चैंपियनशिप (ITF Australian Championships) के सेमीफाइनल में रोमानिया की पैट्रीसिया मारिया के खिलाफ और ऑस्ट्रेलिया ओपन क्वालीफायर (Australian Open qualifiers) में बुल्गारिया की विक्टोरिया तोमोवा के खिलाफ हार के साथ की।

डबल्स इवेंट में भी अंकिता रैना की हार के बाद प्राग चैलेंजर्स में भारत की उम्मीदें हुई ख़त्म।

रैना ने इसके बाद नोंथाबुरी में हुए आईटीएफ थाईलैंड टेनिस चैंपियनशिप (ITF Thailand Tennis Championship) में अपने डच साथी बिबियाने स्कूफ के साथ युगल और एकल दोनों खिताब जीतकर पिछली दो हार की निराशा को दूर कर दिया।

अंकिता रैना इस सीज़न का मुख्य आकर्षण रहीं। भारतीय टीम इतिहास में वह पहली बार फेड कप के प्ले-ऑफ में पहुंचने में सफल रहीं। अहमदाबाद में जन्मी इस खिलाड़ी ने अपने दोनों एकल जीते और साथ ही साथ सानिया मिर्ज़ा के साथ मिलकर युगल मैच में इंडोनेशिया को एक निर्णायक मुकाबले में शिकस्त दी।

अंकिता रैना 2020 ओलंपिक के लिए कैसे कर सकती हैं क्वालिफाई?

टेनिस की एकल श्रेणी में ओलंपिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया के तहत विश्व रैंकिंग में शीर्ष 56 में आने वाले प्रत्येक देश के अधिकतम चार खिलाड़ी खुद-ब-खुद ओलंपिक खेलों के लिए क्वालिफाई कर जाते हैं। इसलिए 163वें स्थान पर काबिज़ अंकिता रैना के 2020 ओलंपिक में जगह बनाने की संभावना काफी धूमिल सी नज़र आती है। हालांकि, युगल मुकाबलों में उनकी यह संभावना काफी बढ़ जाती है।

सानिया मिर्ज़ा वर्ल्ड नम्बर 9 की अपनी विशेष रैंकिंग को ओलंपिक में बरकरार रखेंगी, यह उन्हें डब्ल्यूटीए द्वारा उनके मातृत्व अवकाश की वजह से दी गई है। यह 2020 ओलंपिक में भारत की इस अनुभवी खिलाड़ी को एक बहुत ही संभावित भागीदार बनाता है।

सानिया मिर्ज़ा के पास महिला और मिश्रित युगल दोनों स्पर्धाओं में अपने युगल साथी को चुनने के विकल्प होंगे और फेड कप में हाल ही में सफल हुई महिलाओं की जोड़ी में अंकिता रैना के शानदार प्रदर्शन की वजह से वह टोक्यो 2020 में खेलती हुई नज़र आ सकती हैं।